नौसेना बढ़ाएगी ताकत: ज्यादा दूरी तक मार करने वाली 38 ब्रह्मोस से लैस होगा नया जंगी जहाज, 450 किमी होगी रेंज – दैनिक भास्कर

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नई दिल्ली7 घंटे पहले

ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल से समुद्र में 450 किलोमीटर तक टारगेट को आसानी से भेदा जा सकेगा।

भारतीय नौसेना अपनी ताकत में और इजाफा करने जा रही है। इसके तहत अपने वारशिप की मारक क्षमता (फायर पावर) बढ़ाने के लिए ज्यादा दूरी तक मार करने वाली 38 ब्रह्मोस मिसाइलों को खरीदने की योजना बना रही है। इस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के जरिए करीब 450 किलोमीटर तक टारगेट को भेदा जा सकेगा।

मिसाइलों को अंडर-कंस्ट्रक्शन विशाखापत्तनम क्लास वारशिप में फिट किया जाएगा, जिसे जल्दी ही नौसेना के बेड़े में शामिल किए जाने की उम्मीद है।

18 सौ करोड़ का बनाया प्रपोजल
सरकारी सूत्रों के हवाले से न्यूज एजेंसी ने बताया, ज्यादा दूरी तक मार करने वाली 38 ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल हासिल करने के लिए 1,800 करोड़ रुपए के प्रस्ताव को रक्षा मंत्रालय के पास भेज दिया गया है। जल्दी ही इसे मंजूरी मिलने की उम्मीद है। ब्रह्मोस वारशिप का मुख्य स्ट्राइक हथियार होगा और नौसेना के कई वारशिप में इसे पहले से ही फिट किया जा चुका है।

समुद्री इलाकों में 400 किमी से ज्यादा दूरी तक टारगेट को निशाना बनाने की क्षमता जांचने के लिए भारतीय नौसेना ने अपने वारशिप INS चेन्नई से ब्रह्मोस मिसाइल की टेस्ट फायरिंग भी की थी।

एक्सपोर्ट मार्केट भी खोजा जा रहा
भारत सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के लिए एक्सपोर्ट मार्केट खोजने पर भी काम कर रहा है, जिसे डीआरडीओ ने अपने प्रोजेक्ट PJ-10 के तहत काफी हद तक स्वदेशी बना दिया है। 90 के दशक के अंत में भारत और रूस के ज्वाइंट वेंचर के बाद ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल तीनों सशस्त्र बलों के लिए एक ताकतवर हथियार बन चुकी है, जिसका उपयोग सेनाएं हालात के मुताबिक करती हैं।

सोमवार को ‘INS हिमगिरि’ लॉन्च किया गया था
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत ने कोलकाता में सोमवार को फ्रिगेट वॉरशिप ‘INS हिमगिरि’ को लॉन्च किया था। इसे गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) यार्ड पर प्रोजेक्ट 17-A के तहत तैयार किया गया है।

प्रोजेक्ट 17-A के तहत बनाए जा रहे फ्रिगेट वारशिप की खासियत है कि यह दुश्मन के रडार में नहीं आ सकता। GRSE के इस प्रोजेक्ट से भारतीय नौसेना की ताकत में इजाफा होगा। सूत्रों के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट के तहत 3 वॉरशिप तैयार किए जाएंगे। दूसरा और तीसरा वॉरशिप साल 2024 और 2025 में मिलने की उम्मीद है।

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