MP में चल रहे सियासी घमासान के बीच राहुल गांधी ने PM मोदी से कहा- आप कांग्रेस की सरकार गिराने में बिजी हैं, उधर… – NDTV Khabar

नई दिल्ली: मध्य प्रदेश में चल रहे सियासी घमासान के बीच राहुल गांधी ने एक ट्वीट करते हुए  पीएम मोदी पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि आप कांग्रेस की एक निर्वाचित सरकार गिराने में व्यस्त हैं, ऐसे में शायद आप वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में 35 फीसदी की कटौती का फायदा उठाने से चूक सकते हैं. क्या आप पेट्रोल की कीमत 60 रुपये प्रति लीटर से कम करके भारतीयों को फायदा पहुंचा सकते हैं. यह डगमगाई हुई इकॉनमी को आगे बढ़ाने में मदद करेगा.Hey @PMOIndia , while you were busy destabilising an elected Congress Govt, you may have missed noticing the 35% crash in global oil prices. Could you please pass on the benefit to Indians by slashing #petrol prices to under 60₹ per litre? Will help boost the stalled economy.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) March 11, 2020वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी से बुधवार को ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने पर सवाल पूछा गया. लेकिन उन्होंने इस सवाल पर पूरी तरह से चुप्पी साधी रखी. न्यूज एजेंसी एएनआई की ओर से जारी वीडियो में देखा जा सकता है कि एक रिपोर्टर राहुल गांधी से ज्योतिरादित्य सिंधिया के पार्टी छोड़ने पर सवाल पूछती है, लेकिन वह सवाल को नजर अंदाज करके आगे बढ़ जाते हैं. इसके बाद रिपोर्टर ने उनसे दिल्ली हिंसा और कांग्रेस सांसदों के निलंबन पर भी सवाल पूछा. उन्होंने उस पर भी कोई जवाब नहीं दिया. #WATCH Delhi: Congress leader Rahul Gandhi refuses to answer question on Jyotiraditya Scindia quitting the party. pic.twitter.com/oPHriKdLK0
— ANI (@ANI) March 11, 2020राहुल गांधी से पूछा गया ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने पर सवाल, तो ये थी उनकी प्रतिक्रिया, देखें VIDEOबता दें, ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने पीएम मोदी और अमित शाह से मुलाकात के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को अपना इस्तीफा देते हुए कहा था कि वह कांग्रेस में रहते हुए अपने राज्य और देश की सेवा नहीं कर पा रहे हैं और अब उनके लिए आगे बढ़ने का मौका है. वहीं कांग्रेस के नेता गौरव गगोई ने कहा कि सिंधिया से ये अपेक्षा नहीं थी. राजनीति में आदर्श के लिए आते हैं, स्वार्थ के लिए नहीं. उन्हें भाजपा में 10 फीसदी सम्मान भी नहीं मिलेगा. देश में इतनी समस्या है, बेरोजगारी है, आर्थिक मंदी है. ऐसे में उनका ये कदम गलत है.  मध्यप्रदेश में सरकार जरूर बचेगी.संकट में कमलनाथ सरकार: दादी व‍िजयाराजे से ज्‍योत‍िराद‍ित्‍य तक, द‍िलचस्‍प रहा है स‍िंध‍िया पर‍िवार का स‍ियासी सफर..टिप्पणियांइसके अलावा खबर है कि मध्य प्रदेश में चल रहे सियासी घमासान के बीच भारतीय जनता पार्टी के पाले में गेंद अब भी पूरी तरह से आती हुई नहीं दिख रही है. सूत्रों के मुताबिक बेंगलुरू में ठहरे ज्योतिरादित्य सिंधिया खेमे के 10 विधायक और 2 मंत्री भाजपा में जाने को तैयार नहीं हो रहे हैं. उनका कहना है कि हम लोग ज्योतिरादित्य सिंधिया के लिए आए थे, भाजपा में जाने के लिए नहीं. वहीं बताया जा रहा है कि मध्य प्रदेश भाजपा में भी अंदरूनी खींचतान शुरू हो गई है. मंगलवार को भाजपा कार्यालय में नरोत्तम मिश्रा के समर्थन में नारे लगे थे, जिसे लेकर अंदरूनी खींचतान शुरू हो गई. इसके साथ ही पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. बताया जा रहा है कि बेंगलुरु में रुके हुए कांग्रेस विधायक भी अपने भूमिको को लेकर पसोपेश में हैं.वीडियो: मध्य प्रदेश में राजनीतिक भूचाल

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