SBI करेगा संकटग्रस्त यस बैंक में निवेश! बैंक बोर्ड ने दी प्राथमिक मंजूरी – आज तक

  • यस बैंक में अचानक बढ़ गया है संकट
  • रिजर्व बैंक ने निकासी पर सख्ती लगाई
  • बैंक को बचाने की कोश‍िश शुरू हो गई है
  • SBI बोर्ड ने निवेश की सैद्धांतिक मंजूरी दी है

भारतीय स्टेट बैंक के बोर्ड ने संकटग्रस्त यस बैंक में निवेश के लिए सैद्धांतिक रूप से (in principle) मंजूरी दे दी है. यानी अगर सब कुछ ठीक रहा तो आर्थिक संकट में फंसे यस बैंक में देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक SBI की हिस्‍सेदारी होगी.

गौरतलब है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने यस बैंक पर सख्ती बरतते हुए इससे निकासी की सीमा 50 हजार रुपये निकासी की सीमा तय की है. आरबीआई का ये आदेश अगले एक महीने के लिए है. इसकी वजह से देश भर के यस बैंक ग्राहकों में डर कायम हो गया है और गुरुवार रात कई शहरों में यस बैंक के एटीएम में ग्राहकों की कतारें देखी गईं.

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गुरुवार को न्यूज एजेंसी ब्‍लूमबर्ग की रिपोर्ट में बताया गया था कि सरकार ने एसबीआई से यस बैंक में हिस्‍सेदारी खरीदने के लिए कहा है. ऐसे में उम्‍मीद की जा रही है कि यस बैंक का आर्थिक संकट खत्‍म हो सकता है. हालांकि, अभी तक एसबीआई और यस बैंक की ओर से आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन न्यूज एजेंसी पीटीआई ने खबर दी है कि एसबीआई के बोर्ड ने सैद्धांतिक रूप से मंजूरी दे दी है.

क्या यस बैंक बचाने का बन गया है प्लान

ऐसा माना जा रहा है कि सरकार ने यस बैंक को बचाने की योजना को मंजूरी दे दी है जिसके तहत इसे एसबीआई के नेतृत्व वाले सरकारी बैंकों या वित्तीय संस्थाओं को सौंपा जा सकता है. हालांकि यस बैंक ने अभी ऐसी किसी योजना की जानकारी से इंकार किया है. यस बैंक ने स्टॉक एक्सचेंजों को बताया है, ‘बैंक को भारतीय रिजर्व बैंक या किसी सरकरी एजेंसी से अभी ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली है. हमें ऐसे किसी निर्णय की जानकारी नहीं है.’

क्या कहा एसबीआई के चेयरमैन ने

हाल ही में एसबीआई के चेयरमैन रजनीश कुमार ने एक इंटरव्यू में कहा था कि यस बैंक विफल नहीं होगा. उन्‍होंने कहा था कि यह एक अहम बैंक है. इसका विफल होना भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा नहीं होगा. मुझे भरोसा है कि कुछ समाधान जरूर निकलेगा.

यस बैंक को भारी पूंजी की जरूरत

गौरतलब है कि यस बैंक काफी संकट में चल रहा है और इसकी गैर निष्पादित परिसंपत्ति (NPA)बढ़कर 7.4 फीसदी तक पहुंच गई है. बैंक को संभालने के लिए कम से कम 10 हजार करोड़ रुपये के पूंजी की जरूरत है. बैंक का बाजार पूंजीकरण भी घटकर 10 हजार करोड़ रुपये के नीचे आ गया है.

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शेयर में आई थी तेजी

इस खबर की वजह से गुरुवार को कारोबार के दौरान यस बैंक के शेयर में करीब 25 फीसदी तक की तेजी आ गई. दोपहर बाद यस बैंक का शेयर 35 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहा था. इससे एक दिन पहले 29.30 रुपये के भाव पर बंद हुआ था. वहीं बैंक का मार्केट कैप एक बार फिर 9 हजार करोड़ के पार पहुंच गया है.

15 मार्च तक आएंगे नतीजे

बीते दिनों यस बैंक ने कहा था कि उसके चालू वित्त वर्ष की दिसंबर में समाप्त तीसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी करने में देरी होगी. बैंक के मुताबिक उसका प्रबंधन इस समय फंड जुटाने की प्रक्रिया में व्यस्त है. ऐसे में तीसरी तिमाही के परिणाम 15 मार्च तक आने की उम्मीद है.

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