रविशंकर प्रसाद बोले- हम शाहीन बाग के प्रदर्शकारियों से बात करने को तैयार

शाहीन बाग में बीते 58 दिनों से प्रदर्शन चल रहा है.

केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, ‘हमने प्रदर्शनकारियों को मिलने के लिए कहा है…. हम शाहीन बाग में इस ड्रामे का हिस्सा नहीं बनना चाहते. हम प्रदर्शकारियों से बात कर नागरिकता कानून को लेकर उनमें जो भी शंकाएं हैं, उसे दूर करने को तैयार हैं.

News18Hindi
Last Updated:
February 17, 2020, 1:46 PM IST

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नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में अब से कुछ देर में शाहीन बाग (Shaheen Bagh) में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ धरना दे रहे प्रदर्शनकारियों को हटाने की याचिकाओं पर सुनवाई शुरू होने जा रही है. इस बीच केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद (Ravi Shankar Prasad) ने एक बार फिर कहा कि सरकार प्रदर्शनकारियों से बात करने को तैयार है.केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, ‘हमने प्रदर्शनकारियों को मिलने के लिए कहा है…. हम शाहीन बाग में इस ड्रामे का हिस्सा नहीं बनना चाहते. हम प्रदर्शकारियों से बात करेंगे. नागरिकता कानून को लेकर उनकी जो भी शंकाएं हैं, उन्हें दूर किया जाएगा.’दिल्ली के शाहीन बाग में पिछले 58 दिनों से नागरिकता कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के विरोध में प्रदर्शन हो रहा है. इसके चलते वहां मुख्य सड़क पर आवाजाही बंद है. इलाके का ट्रैफिक डाइवर्ट किए जाने से लोगों को हो रही परेशानी के खिलाफ वकील अमित साहनी और बीजेपी नेता नंदकिशोर गर्ग ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, वहीं, प्रदर्शन के दौरान 4 माह के बच्चे की मौत पर बहादुरी पुरस्कार प्राप्त छात्रा जेन गुणरत्न सदावर्ते ने सुप्रीम कोर्ट को चिट्ठी लिखी थी। कोर्ट ने इस पर स्वत: संज्ञान लिया है.पिछली सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि प्रदर्शन लंबे वक्त से जारी है, इसके लिए आम रास्ते को अनिश्चितकाल के लिए कैसे बंद कर सकते हैं. लोगों को आंदोलन करने का अधिकार है, लेकिन इससे किसी को परेशानी नहीं होनी चाहिए.सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि प्रदर्शन निर्धारित स्थान पर ही किया जाना चाहिए. इस मामले में दूसरे पक्ष को सुनना भी जरूरी है. इसलिए तुरंत कोई आदेश जारी नहीं करेंगे. कोर्ट ने इस मामले में भी केंद्र और दिल्ली सरकार के साथ दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया था.

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First published: February 17, 2020, 1:41 PM IST
Source: News18 News

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