3 महीने के लिए CAA लागू कर सकती है असम सरकार, 5 लाख को मिलेगी नागरिकता

सूत्रों की मानें तो असम की सरकार ने राज्य में सीएए लागू करने के लिए तीन महीने का प्रस्ताव रखा है

असम के वित्त मंत्री हिमंता बिस्व सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने कहा कि पश्चिम बंगाल (West Bengal) में करीब 1 करोड़ लोग को सीएए (CAA) के जरिए भारत की नागरिकता मिल जाएगी.

News18Hindi
Last Updated:
January 16, 2020, 8:59 PM IST

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नई दिल्ली. देश भर में सीएए (CAA), एनआरसी (NRC) और एनपीआर (NPR) को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. खासकर कि असम (Assam) में ये विरोध काफी ज्यादा है. वहीं अब असम के वित्त मंत्री हिमंता बिस्व सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने न्यूज़18 से खास बातचीत में कहा है कि किसी को भी भारत की नागरिकता के लिए आवेदन करते समय धार्मिक प्रताड़ना के साक्ष्य प्रस्तुत करने की जरूरत नहीं है. किसी को भी इसका साक्ष्य कैसे मिलेगा.बांग्लादेश पुलिस (Bangladesh Police) कभी भी आपको प्रताड़ना से पीड़ित नहीं बताएगी. आपको सिर्फ ये साबित करने की जरूरत पड़ेगी कि आप भारत में 31 दिसंबर 2014 से पहले आए थे. उन्होंने कहा कि एक बार नियमों को अंतिम रूप देने के बाद, असम के लोगों को आश्वस्त किया जा सकता है कि राज्य में केवल 3-5 लाख लोग रहते हैं, जो नागरिकता के लिए पात्र हैं.सरमा ने कहा कि पश्चिम बंगाल (West Bengal) में करीब 1 करोड़ लोग को सीएए के जरिए भारत की नागरिकता मिल जाएगी.तीन महीने के लिए हो सकता है सीएएसूत्रों की मानें तो असम की सरकार ने राज्य में सीएए लागू करने के लिए तीन महीने का प्रस्ताव रखा है. इन तीन महीनों में ही जो लोग नागरिकता के लिए आवेदन करेंगे उन्हें ही भारत की नागरिकता मिल सकेगी. इसे लेकर 15 दिन के भीतर नियम तय किए जा सकते हैं.असम में जारी है प्रदर्शनसंशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के विरोध में प्रदर्शन कर रहे ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (आसू) के कार्यकर्ताओं ने असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल को बुधवार को डिब्रूगढ़ जिले में काले झंडे दिखाए. मुख्यमंत्री डिब्रूगढ़ हवाईअड्डा पहुंचे थे और अपने परिवार के साथ फसल के त्योहार ‘भोगली बिहू’ को मनाने के लिए जब वह अपने गृह नगर की ओर जा रहे थे तभी मोहनबाड़ी तिनियाली इलाके में आसू कार्यकर्ताओं का एक समूह उनके काफिले की ओर बढ़ा और काले झंडे दिखाते हुए मुख्यमंत्री एवं कानून के खिलाफ नारे लगाए.प्रदर्शनकारी ‘सर्बानंद वापस जाओ’, ‘सोनोवाल मुर्दाबाद’, ‘सीएए आमी ना मानू’ (सीएए को स्वीकार नहीं करते) और ‘जय आई असम’ (मां असम की जय हो) के नारे लगा रहे थे. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर काबू पाया और उन्हें काफिले तक पहुंचने से रोका.सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों द्वारा 15 दिन के अंदर मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने का यह दूसरा मामला है.
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First published: January 16, 2020, 8:51 PM IST
Source: News18 News

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