बंगाल फतह के लिए ममता का नया प्लान,प्रशांत किशोर के साथ मिलकर बनाया नया सिस्टम

2019 के लोकसभा चुनाव में जिस तरह से बीजेपी ने ममता को झटका दिया, उसके बाद वह सतर्कता से कदम उठा रही हैं. फाइल फोटो. पीटीआई

टीएमसी (TMC) के एक नेता ने बताया, विधायकों और दूसरे नेताओं पर नजर रखने के लिए भी ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने एक नया फॉर्म्यूला बनाया है. माना जा रहा है कि उन्होंने ये प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) के कहने पर किया है. वह अगले चुनाव के लिए टीएमसी के साथ जुड़े हैं.

News18Hindi
Last Updated:
January 16, 2020, 8:53 PM IST

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सुजीत नाथकोलकाता. पश्चिम बंगाल (West Bengal) की राजनीति में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) का बदला हुआ रूप इन दिनों सत्ता और विपक्ष के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है. पिछले दिनों 11 जनवरी को जब कोलकाता में पीएम मोदी (PM Modi) से मुलाकात करने के बाद ममता बनर्जी सीएए (CAA) के विरोध में हो रहे धरना प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचीं. उस समय लेफ्ट समर्थकों ने ‘गो बैक दीदी’ के नारे लगाए. अपनी एंग्री छवि के विपरीत ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने धरना स्थल पर प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया और कहा, वह प्रोटोकॉल के तहत गई थीं, लेकिन सीएए और एनआरसी पर मेरा स्टैंड नहीं बदला है.उनके ऐसे बदलाव के पीछे रणनीतिकार प्रशांत किशोर को माना जा रहा है. इस समय प्रशांत किशोर की फर्म इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (I-PAC) ममता बनर्जी के लिए काम कर रही है. माना जा रहा है कि प्रशांत किशोर बीजेपी के आक्रामक हमले से उनके गढ़ की रक्षा करने के लिए तैयार कर रहे हैं. खुद ममता बनर्जी की पार्टी और विपक्षी दलों में उन्हें जानने वाले लोग कह रहे हैं कि ममता बनर्जी जिस तरह से पेश आ रही हैं, ये उनका स्टाइल नहीं है. 2019 के लोकसभा चुनाव में प्रचार से लौटते वक्त जब उनके सामने कुछ लोगों ने जय श्रीराम के नारे लगाए तो वह भड़क उठी थीं.विपक्षी पार्टियों की मीटिंग से बनाई दूरीसीएए और एनआरसी के मुद्दे पर देश में और कई शिक्षण संस्थानों में हो रहे विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने एक मीटिंग बुलाई थी. ममता बनर्जी ने इसमें शामिल होने के लिए हामी भर दी थी, लेकिन अंतिम समय में इसमें शामिल होने से इनकार कर दिया. कहा जा रहा है कि विपक्ष की मीटिंग से दूर होने की सलाह भी ममता को प्रशांत किशोर ने दी. क्योंकि उन्हें लगता था कि पार्टी एक साथ दो स्टैंड नहीं ले सकती. एक राज्य स्तर पर और एक राष्ट्रीय स्तर पर.News18 से बात करते हुए टीएमसी के एक नेता ने बताया, विधायकों और दूसरे नेताओं पर नजर रखने के लिए भी पार्टी ने एक नया फॉर्म्यूला बनाया है. हाल में पार्टी की एक आंतरिक मीटिंग हुई. इसमें 100 विधायकों के अलावा, स्थानीय नेता, बूथ प्रेसिडेंट और जिला अध्यक्ष मौजूद थे. इस बैठक में कूच बेहार के विधायकों से पार्टी आलाकमान ने पूछा कि वह अपने क्षेत्र में कम समय क्यों बिता रहे हैं. विधायक इस सवाल से हैरान थे, उन्हें ये पता ही नहीं था कि उनके क्षेत्र में प्रशांत किशोर की टीम उनकी रिपोर्ट तैयार कर रही है.एक और जिला अध्यक्ष तब हैरान रह गया, जब उसे पता चला कि उसके पिछले चार महीने के काम का पूरा लेखा जोखा ममता बनर्जी के पास पहुंच चुका था. इसमें उसका अपनी विधानसभा सीट में दिया गया समय भी शामिल था. पार्टी में इतनी बारीक रिपोर्ट इससे पहले कभी नहीं देखी गई. इससे पहले नेता आते थे और ममता को बताते थे कि उन्हें जो काम दिया गया है पूरा हो गया है. लेकिन अब अलग सिस्टम काम कर रहा है. इसका सीधा सिद्धांत है कि जो काम करेगा, उसे इनाम मिलेगा.यह भी पढ़ें….25 साल पुराना मुद्दा सुलझा: 30 हजार शरणार्थियों को नागरिकता, घर-राशन भी फ्री

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First published: January 16, 2020, 8:53 PM IST
Source: News18 News

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