गांधी स्मृति से हटाई राष्ट्रपिता की तस्वीर तो तुषार गांधी ने उठाए सवाल

(फाइल फोटो)

राजधानी स्थित बिड़ला भवन गांधी स्मृति (Birla Bhavan Gandhi Smriti) में लगी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) की तस्वीर हटा लेने को लेकर विवाद छिड़ गया है.

News18India
Last Updated:
January 16, 2020, 8:28 PM IST

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नई दिल्ली. राजधानी स्थित बिड़ला भवन गांधी स्मृति (Birla Bhavan Gandhi Smriti) में लगी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) की तस्वीर हटा लेने को लेकर विवाद छिड़ गया है. महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी (Tushar Gandhi) ने इसको लेकर आपत्ति जताई है. तुषार गांधी ने कहा है, ‘मैं जब बिड़ला भवन गांधी स्मृति गया तो वहां गांधी जी की हत्या की ऐतिहासिक तस्वीर लगी थी. अब वह हटा दी गई है. मैंने पूछा तो पता चला कि मोदी जी के वहां जाने के बाद उसे हटाकर LED स्क्रीन लगा दी गई है उस तस्वीर और बाकी तस्वीरों के नीचे कुछ लिखा भी होता था, जिससे लोगों को जानकारी मिलती थी.’ तुषार गांधी ने इस बाबत आरोप लगाया, ‘मैंने आखिरी बार पिछले साल भी वह तस्वीर देखी थी, लेकिन अब नहीं है. बताया गया कि बड़े साहबों के आदेश से हटाया गया है.’गांधी स्मृति के निदेशक ने दी सफाईगांधी स्मृति से गांधी जी की ऐतिहासिक तस्वीरें हटाने पर महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी के सवाल पर गांधी स्मृति ने सफाई दी है. गांधी स्मृति के निदेशक दीपंकर श्रीज्ञान ने कहा है कि लोगों की डिमांड पर पुरानी तस्वीरों को हटाया गया है. उन्होंने कहा, ‘आज के बच्चे ज्यादा डिजिटल फॉर्म में देखना चाहते हैं, उसमें ज्यादा मैटेरियल आते हैं. इसलिए गांधी स्मृति ने यह निर्णय लिया है.’ गांधी स्मृति को डिजिटल बनाया जा रहा है. इधर, तुषार गांधी के सवाल खड़ा करते ही गांधी शांति प्रतिष्ठान की एक टीम गांधी स्मृति पहुंची. एक-एक कर वो सारी तस्वीरें सामने लाई गईं, जिन्हें हटाने पर सवाल खड़े हो रहे हैं. गांधी शांति प्रतिष्ठान इस फैसले पर ऐतराज जताया है. बाद में गांधी स्मृति ने साफ किया है कि अगर जरूरत पड़ी तो पुरानी तस्वीरें भी लगा दी जाएंगी. गांधी स्मृति से गांधी जी की ऐतिहासिक तस्वीरें हटाने पर महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी के सवाल पर गांधी स्मृति ने सफाई दी है. गांधी शांति प्रतिष्ठान ने जताई आपत्तिगांधी स्मृति से राष्ट्रपिता की तस्वीर हटाने के मामले में गांधी शांति प्रतिष्ठान ने आपत्ति जताई है. प्रतिष्ठान के कुमार प्रशांत ने गांधी स्मृति में पहुंचने के बाद मामले पर कहा, ‘जो ट्वीट घूम रहा है, मुझे भी फिक्र हुई कि आखिर हुआ क्या? इसलिए मैं देखने आया. जिसकी तरफ से भी ये निर्णय हुआ है, उन्हें इतिहास की समझ नहीं है. मैं अपील करता हूं कि जैसे ये था, वैसे ही वापस बना दिया जाए. नई पीढ़ी अगर कुछ गलत चीजों को समझ रही है तो उन्हें बताना पड़ेगा कि गांधी को समझने का तरीका क्या है. ये फैसला बिलकुल गलत है और इसे वापस लिया जाना चाहिए.’ इधर, मामले में पूर्व सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि तुषार गांधी महात्मा जी के वंशज हैं, अगर वो कोई बात कहते हैं तो उसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए. पीएम दफ्तर को इस पर स्पष्टीकरण देना चाहिए.ये भी पढ़ें -करीम लाला के परिवार का दावा- इंदिरा ही नहीं, राजीव, शरद पवार और बालासाहेब ठाकरे भी आते थे मिलने
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First published: January 16, 2020, 8:28 PM IST
Source: News18 News

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