कॉर्पोरेट सेक्टर पूर्व सैनिकों के लिए खुले दिल से योगदान देगा: राजनाथ सिंह

राजनाथ सिंह ने पूर्व सैनिकों के लिए कही ये बात.

राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर कहा कि कॉर्पोरेट सेक्‍टर (Corporate Sector) खुले दिल से पूर्व सैनिकों के कल्‍याण के लिए योगदान देगा.

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नई दिल्‍ली. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने सोमवार को कहा कि उन्हें भरोसा है कि कॉर्पोरेट सेक्टर (Corporate Sector) और पैसे वाले लोग पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर ‘खुले दिल से योगदान’ देंगे. सात दिसंबर को यहां सशस्त्र झंडा दिवस से पूर्व एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि लोगों ने उदारतापूर्वक ‘भारत के वीर’ कोष के लिये धन दिया है और जब उन्होंने गृह मंत्री का पद छोड़ा था तो तब इसमें करीब 300 करोड़ रुपये थे.राजनाथ सिंह ने कॉर्पोरेट सेक्टर कही ये बातसिंह ने कहा, ‘मैं आपसे अनुरोध नहीं कर रहा, बल्कि मुझे भरोसा है कि जब राष्ट्रीय गर्व की बात आएगी तो आप (कॉर्पोरेट क्षेत्र) अच्छा-खासा योगदान देंगे.’ कॉर्पोरेट क्षेत्र के कई प्रतिभागियों ने कल्याणकारी गतिविधियों के लिये डीईएसडब्ल्यू फंड में मौके पर ही योगदान दिया।कार्यक्रम के बाद उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘किसी खास सेक्टर से अपील करने की कोई जरूरत नहीं है, वे स्व-प्रेरणा से ऐसा करेंगे. जिसकी जो क्षमता है, वो उससे पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिये योगदान कर सकता है. हम सभी गौरवान्वित नागरिक हैं और लोग उनके लिए योगदान देंगे.’ इससे पूर्व कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान सिंह ने सैनिकों की बहादुरी और राष्ट्र की सेवा में किए गए बलिदान को लेकर उनकी प्रशंसा की.उन्होंने पूर्व सैनिकों और कॉर्पोरेट सेक्टर के लोगों की मौजूदगी में कहा, ‘मुझे किसी योजना का खाका दीजिए कि हमारे पूर्व सैनिकों और उन परिवारों के लिये क्या किया जा सकता है जिन्होंने एक सैनिक को खोया है.’बलात्कार की घटनाओं को रोकने के लिए कठोरतम कानून बनाने को तैयार: राजनाथलोकसभा सदन में शुन्य काल के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हैदराबाद में डॉक्‍टर के साथ गैंगरेप और हत्‍या घटना की निंदा करते हुए सोमवार को कहा कि अगर इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सदन में कठोर कानून बनाने पर सहमति बनेगी तो सरकार इसके लिए तैयार है.

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First published: December 2, 2019, 11:59 PM IST

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Source: News18 News

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