लंबी है राहुल बजाज को मिलने वाले पुरस्कारों की लिस्ट, जानिए उनकी पूरी कहानी

नई दिल्ली. हाल ही में एक इवेंट के दौरान केंद्र की मोदी सरकार (Modi Government) पर टिप्पणी करने और गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) द्वारा उनको जवाब दिए जाने के बाद राहुल ​बजाज एक बार फिर चर्चा में है. सोशल मीडिया पर उनके इस बयान को लेकर खूब बाते हो रही है. इस बीच हम आपको उनके बारे में कुछ बातें बताने जा रहे हैं.राहुल बजाज (Rahul Bajaj) का नाम भारत के सबसे सफल उद्योगपतियों में लिया जाता है. वे उस बजाज समूह के अध्यक्ष हैं जो कभी भारत की धड़कन रहे चेतक स्कूटर बनाता था. उस समय चेतक को पाने के लिए 10 साल का इंतजार करना पड़ता था. राहुल बजाज वो बिजनेसमैन हैं, जिन्होंने उदारीकरण का विरोध किया था. उन्हें IIT रुड़की सहित सात विश्वविद्यालयों द्वारा डॉक्ट्रेट की मानद उपाधि प्रदान की गई है.राजस्थान के मारवाड़ी परिवार में पैदा हुए थे राहुल बजाजराजस्थान के मारवाड़ियों ने दुनियाभर में अपना अग्रणी स्थान बनाया है और राहुल भी उनमें से एक हैं. राजस्थान में सीकर जिले के काशीकाबास से संबंध रखने वाले राहुल का 10 जून को अपना बर्थडे है. जानिए और क्या है खास इस दिग्गज उद्योगपति के बारे में..इन क्षेत्रों में काम करती है उनकी कंपनीराहुल के बजाज समूह को देश-विदेश में निर्मित उत्पादों और फाइनेंशियल सर्वेसेज प्रदान करने के लिए जाना जाता है. बजाज समूह का बिजनेस दुपहिया वाहन, घरेलू उपकरणों, इलेक्ट्रिक लैम्प, पवन ऊर्जा, विशेष मिश्र धातु और स्टेनलेस स्टील, फोर्जिंग, बुनियादी ढांचे के विकास, सामग्री हैंडलिंग उपकरणों, यात्रा, जनरल और जीवन बीमा और निवेश में वित्तीय सेवाओं जैसे क्षेत्रों में फैला हुआ है.ये भी पढ़ें:  वित्त मंत्री ने कहा- हमारे यहां कोई दामाद या जीजा नहीं, जानिए लोकसभा में उनके भाषण से जुड़ी 5 बड़ी बातेंLoading… अर्ली लाइफ – – राहुल बजाज का जन्म 10 जून 1938 को बंगाल प्रेसीडेंसी में हुआ था. बजाज व्यवसायिक घराने की नींव राहुल के दादा जमनालाल बजाज ने रखी थी. आने वाली पीढ़ियों ने बजाज घराने के बिजनेस को आगे बढ़ाया. राहुल ने कैथेड्रल एंड जॉन कॉनन स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की.- उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से अर्थशास्त्र (ऑनर्स) डिग्री और बंबई विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री ली है और हार्वर्ड बिजनेस स्कूल से एमबीए हैं.राहुल इसलिए हैं खास – वे एकमात्र एक्जीक्यूटिव हैं जो CII के दो बार अध्यक्ष रहे. CII देश की प्राइवेट पब्लिक सेक्टर की 5000 कंपनियों का प्रतिनिधित्व करती है.- वे इंटरनेशनल एडवायजरी कमेटी के सदस्य हैं. न्यूयार्क स्टॉक एक्सचेंज उनकी एक्सपर्टाइज का फायदा उठाता है.- भारतीय उद्योग जगत में अपनी भूमिका के लिए साल 2001 में उन्हें भारत सरकार द्वारा तीसरा सबसे बड़े नागरिक सम्मान ‘पद्म भूषण’ प्रदान किया.- साल 2006 में उन्हें महाराष्ट्र से राज्यसभा के लिए चुना गया. चुनाव में क्रॉस वोटिंग हुई और उन्हें एनसीपी, बीजेपी तथा शिवसेना से वोट मिले.- फोर्ब्स की भारत के 40 सबसे धनाढ्य लोगों में वे देश के 20वें सबसे अमीर लोगों में शुमार रहे.- नेशनल इंस्टीट्यूशन ऑफ क्येलिटी एस्योरेंस ने 1975 में राहुल बजाज को मैन ऑफ दी यार अवार्ड से सम्मानित किया.- उन्होंने 1985 में बिजनेसमैन ऑफ ईयर अवार्ड से नवाजा गया.ये भी पढ़ें: खुशखबरी! अगले साल दुनियाभर में सबसे अधिक मिलेगी भारतीयों को सैलरीकैरियर – राहुल ने 1965 में बजाज समूह की बागडोर संभाली. उनके कुशल नेतृत्व में कंपनी ने लाइसेंस-राज जैसे कठिन समय में भी सफलता के नई बुलंदियों को छुआ. सन 1980 के दशक में बजाज दो पहिया स्कूटरों का शीर्ष निर्माता था. समूह के चेतक ब्रांड स्कूटर की मांग इतनी ज्यादा थी की इसके लिए 10 साल तक का वेटिंग-पीरियड था.- राहुल कई कंपनियों के बोर्ड के अध्यक्ष भी हैं. बजाज ग्रुप में बजाज ऑटो की अग्रणी कंपनी सहित 36 कंपनियां हैं. दुनिया की टू व्हीलर और थ्री व्हीलर निर्माता कंपनियों में बजाज ऑटो चौथी सबसे बड़ी कंपनी है.इन पुरस्कारों से हो चुके हैं सम्मानित – आर्थिक और व्यापार के क्षेत्र में उनके बहुमूल्य योगदान को देखते हुए, राहुल को अनेकों पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है.- साल 2001 में भारत सरकार द्वारा ‘पद्म भूषण’ प्रदान किया- हार्वर्ड बिजनेस स्कूल द्वारा अलुमिनी (पूर्व छात्रों) अचीवमेंट पुरस्कार प्राप्त हुआ.- नवभारत टाइम्स, अर्न्स्ट एंड यंग और CNBC TV-18 द्वारा “लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार” से नवाजा गया.- फ्रांस गणराज्य के राष्ट्रपति द्वारा “नाइट इन द आर्डर ऑफ़ द लीजन ऑफ़ ऑनर” नियुक्त किया गया.- भारत सरकार ने राहुल बजाज को 1975 से लेकर 1977 तक ऑटोमोबाइल और संबद्ध उद्योगों के विकास परिषद का अध्यक्ष बनाया- साल 1975 में उन्हें राष्ट्रीय गुणवत्ता एश्योरेंस संस्थान द्वारा ‘मैन ऑफ़ द ईयर” के पुरस्कार से सम्मानित किया गया.- सन 1990 में प्रबंधन के क्षेत्र में सबसे विशिष्ट सेवाओं के लिए उन्हें बॉम्बे मैनेजमेंट एसोसिएशन पुरस्कार प्राप्त किया.- प्रिंस ऑफ़ वेल्स ने उन्हें “प्रिंस ऑफ़ वेल्स इंटरनेशनल बिजनेस लीडर्स फोरम” का सदस्य फरवरी 1992 में बनाया.- FIE फाउंडेशन ने उन्हें साल 1996 में राष्ट्र भूषण सम्मान से पुरस्कृत किया.- लोकमान्य तिलक स्मारक ट्रस्ट ने सन 2000 में श्री बजाज को तिलक पुरस्कार से सम्मानित किया.ये भी पढ़ें: आम्रपाली के 11 हजार से ज्यादा घर खरीदारों को मिली सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, NBCC पूरा करेगी अधूरे प्रोजेक्ट्सये उपलब्धियां भी हैं उनके खाते में – सन 1979-1980 से लेकर सन 1999-2000 तक राहुल भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के अध्यक्ष रहे. वे सोसाइटी ऑफ़ इंडियन इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) और महरत्ता चैंबर ऑफ़ कॉमर्स के अध्यक्ष रहे. इसके साथ-साथ राहुल ऑटोमोबाइल और संबद्ध उद्योगों के विकास परिषद के अध्यक्ष भी रहे.- उन्हें सन 1986 से लेकर 1989 तक भारत सरकार द्वारा इंडियन एयरलाइंस का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था.- भारत के राष्ट्रपति ने उनको 2003 से लेकर 2006 तक ‘इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी बॉम्बे’ के बोर्ड ऑफ़ गवर्नर्स का अध्यक्ष बनाया. वे अंतर्राष्ट्रीय व्यापार परिषद जिनेवा के आर्थिक मंच के पूर्व अध्यक्ष और सदस्य हैं और हार्वर्ड बिजनेस स्कूल की वैश्विक सलाहकार बोर्ड के सदस्य हैं. राहुल ब्रूकिंग्स इंस्टीट्यूशन, वाशिंगटन डीसी, के अंतर्राष्ट्रीय सलाहकार परिषद के एक सदस्य है और इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस के कार्यकारी बोर्ड के एक सदस्य भी हैं.- बजाज समूह के कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (CSR) के तहत भी राहुल बजाज का बहुत बड़ा योगदान है. इसके अंतर्गत जमनालाल बजाज फाउंडेशन और शिक्षा मंडल और अनेक सामाजिक संगठन जैसे भारतीय युवा शक्ति ट्रस्ट और रूबी हॉल क्लिनिक (पुणे में एक बड़े अस्पताल) जैसे संगठनों को चलाया जाता है.ये भी पढ़ें: Karvy मामला: 83 हजार निवेशकों को मिली राहत, डीमैट खातों में ट्रांसफर हुए शेयरऐसा था क्रेज बजाज स्कूटर का क्रेज – हमारा कल हमारा आज, बुलंद भारत की बुलंद तस्वीर. अस्सी के दशक का ये विज्ञापन उस समय के हिंदुस्तान की जीती-जागती तस्वीर पेश करता है.- एक समय ऐसा था जब अस्सी और नब्बे के दशक में मध्यम वर्ग के घरों में स्कूटर को ही शान की सवारी समझा जाता था.- दशकों तक स्कूटर भारतीय मध्यम वर्ग का बड़ा सपना रहा है. इन्हीं सपनों को संजोते टीवी पर बजाज ऑटो के ‘हमारा बजाज’ वाले विज्ञापन हज़ारों लोगों के दिल को छू गए थे.- किसी घर में जब बजाज चेतक आता था तो उसे देखने और ‘टेस्ट ड्राइव’ करने वालों की भीड़ उमड़ पड़ती थी.ये भी पढ़ें: सत्ता विरोधी रहा है राहुल बजाज का परिवार, नेहरू-गांधी के खिलाफ भी खोला था मोर्चा
Source: News18 News

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