पंकजा मुंडे क्या बीजेपी से बगावत करनेवाली है?

मुंबई: महाराष्ट्र में बीजेपी पूरी तरह से खिसियाई नजर आ रही हैं, पहले तो सरकार बनाने की सारी कोशिशे मुंह के बल गिर पड़ी बाद में अपने ही नेताओं से मिलनेवाली चुनौतियों का सिलसिला देख बीजेपी सकते में है. एक तरफ एकनाथ खड़से नाराज है तो अब पंकजा मुंडे ने भी लगता है कि बगावत की पूरी तैयारी कर ली हैं.
[embedded content]
पंकजा बीजेपी के दिवंगत नेता गोपीनाथ मुंडे की बेटी है और फडणवीस सरकार में मंत्री रह चुकी है. हालांकि इस बार वे अपने चचेरे भाई और एनसीपी के नेता धनंजय मुंडे से चुनाव हार गई है. पंकजा ने ऐलान कर दिया है कि उनके समर्थक आगामी 12 दिसंबर को अपने पिता गोपीनाथ मुंडे की जयंती पर एकजुट मुलाकात करे जिसके पीछे की वजह बीजेपी नेतृत्व को अपनी राजनीतिक ताकत दिखाना हो सकता है.

आदरणीय व प्रिय उद्धवजी यांना मनःस्वी शुभकामना!! एका ठाकरेनी पहिल्यांदा निवडणूक लढविली आणि एक मुख्यमंत्री झाले..हार्दिक अभिनंदन!! महाराष्ट्रातील संस्कृती व परंपरा हीच आहे ‘राज्याचे हित प्रथम ‘!! राज्याच्या नवीन मुख्यमंत्र्यांना राज्याच्या उज्वल भविष्यासाठी शुभेच्छा!!’
— Pankaja Gopinath Munde (@Pankajamunde) November 28, 2019

पंकजा की कोशिश है कि वे परली असेंब्ली सीट से 2019 का विधानसभा चुनाव हारने के बाद भी सूबे की राजनीति में अपनी उपयोगिता कायम रखे. जिसके लिए उन्हें महाराष्ट्र विधान मंडल में आना जरूरी है. विधान परिषद में अपनी एंट्री सुनिश्चित करने के लिए भीड़ जुटाकर पंकजा पार्टी आलाकमान पर दबाव बनाना चाहती हैं.
शिवसेना में शामिल होंगी?
खबर है कि पंकजा मुंडे शिवसेना या एनसीपी की ओर रुख कर सकती है. कही चर्चा उनके अलग से पार्टी बनाने को लेकर भी है. हालांकि शिवसेना के सांसद संजय राउत ने यह बयान देकर खलबली मचा दी कि उनके संपर्क में कई नेता हैं. वहीं बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने पंकजा के नाराज होने और पार्टी छोड़ने की खबरों को मात्र अफवाह बताया हैं. ध्यान दीजिए कि उद्धव ठाकरे अपने समर्थन में कई दूसरे विधायकों को भी स्थिर सरकार बनाये रखने के लिए जोड़ना चाहते हैं.
पंकजा क्यों है फडणवीस से नाराज?
दरअसल महाराष्ट्र की सियासत में पंकजा मुंडे की पूर्व सीएम फडणवीस से पटी नहीं. पंकजा शीर्ष नेतृत्व को कई बार यह बता चुकी हैं कि वह चुनाव हारी नहीं हैं, बल्कि उन्हें चुनाव हरवाया गया है. उन्होंने कथित तौर पर पार्टी नेतृत्व को सबूत भी सौंपे हैं. अगर राज्य में बीजेपी फडणवीस के नेतृत्व में सरकार बना लेती तो बात अलग थी, लेकिन एक बार जब फडणवीस सरकार बनाने में असफल रहे तो उसके बाद पंकजा मुंडे मुखर हो चुकी हैं और इसी रणनीति के तहत वे आवाज उठा रही हैं.

Source: HW News

Related posts