Ayodhya Verdict: रामलला विराजमान के वकील वैद्यनाथन बोले- सुप्रीम कोर्ट का फैसला बेहद संतुलित

India oi-Kamal Kumar |

Published: Saturday, November 9, 2019, 17:01 [IST]
नई दिल्ली। अयोध्या भूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को फैसला सुना दिया है। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता में 5 जजों की संविधान पीठ ने शिया वक्फ बोर्ड और निर्मोही अखाड़े के दावे को खारिज कर दिया। वहीं, विवादित जमीन को रामलला विराजमान को देने का फैसला सुनाया। साथ ही कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को अयोध्या में दूसरी जगह मस्जिद बनाने के लिए 5 एकड़ जमीन देने का फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद रामलला विराजमान के वकील सीएस वैद्यनाथन का फैसला आया है। अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद रामलला विराजमान के वकील सीएस वैद्यनाथन ने कहा, ‘देश के लिए आज एक बड़ा दिन है। सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला सुनाया है उसमें सभी पक्षों का संतुलित हित है और साथ ही इसके जरिए ये सुनिश्चित करने की कोशिश की गई है कि राष्ट्र की एकता और अखंडता संरक्षित रहे, भाईचारा कायम रहे। यह कानून की जीत है।’ Ayodhya Verdict: कौन हैं ASI के पूर्व डायरेक्‍टर केके मोहम्‍मद जिन्‍होंने कहा था कि अयोध्‍या में था राम मंदिर 6 अगस्त के बाद से 40 दिनों तक चली रोजाना सुनवाई के बाद 16 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। अयोध्या विवाद पर आने वाले फैसले को देखते हुए यूपी सहित देशभर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। अयोध्या की बात करें तो बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। उत्तर प्रदेश में 11 नवंबर तक सभी स्कूल-कॉलेज बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। यूपी पुलिस और सरकार ने लोगों को अफवाहों से सावधान रहने की अपील की है। Ram Lalla Deity Lawyer CS Vaidyanathan: It is a great day for India. SC has pronounced verdict which has balanced interest of all parties&also tried to ensure that unity&integrity of nation is preserved & brotherhood is maintained. It is victory of rule of law.#AyodhyaJudgement pic.twitter.com/8AbAaFV3iS
— ANI (@ANI) November 9, 2019 अयोध्या भूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने आज अपना फैसला सुनाया। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शिया वक्फ बोर्ड और निर्मोही अखाड़े के दावे को खारिज कर दिया। इस फैसले के दौरान कोर्ट ने कहा कि आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की रिपोर्ट को खारिज नहीं किया जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि मस्जिद को खाली जमीन पर नहीं बनाया गया था, खुदाई में जो ढांचा पाया गया वह गैर-इस्लामिक था।
जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें – निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!
Source: OneIndia Hindi

Related posts