Ayodhya Verdict: रामलला को मिली विवादित जमीन, जानिए अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले की 10 बड़ी बातें

अयोध्या पर ऐतिहासिक फैसला सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या जमीन विवाद मामले में पैसला सुनाते हुए कहा कि विवादित जमीन रामलला विराजमान को दी जाए। कोर्ट ने कहा कि हिन्दुओं की यह आस्था अविवादित है कि भगवान राम का जन्म स्थल ध्वस्त संरचना है। उन्होंने कहा का सीता रसोई राम चबूतरा, भंडार गृह की उपस्थिति के मिले सबूत इस तथ्य का दावा पेश करते हैं। केंद्र सरकार बनाएगी ट्रस्ट सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि रामलला के जमीन पर केंद्र सरकार ट्रस्ट बनाकर मंदिर का निर्माण करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को मंदिर निर्माण के लिए 3 महीने में ट्रस्ट बनाकर, योजना तैयार करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि फैसले आस्था और विश्वास, दावे के आधार पर नहीं दिए जा सकते। कोर्ट ने कहा कि ऐतिहासिक दस्तावेज दिखाते हैं हिंदुओं का विश्वास है कि अयोध्या भगवान राम का जन्मस्थान है। मस्जिद के लिए 5 एकड़ जमीन सुप्रीम कोर्ट ने मुस्जिद बनाने के लिए वैकल्पिक जमीन आवंजिट कराने का नि र्देश दिया। कोर्ट ने सुन्नी वक्फ बोर्ड को मस्जिद बनाने के लिए अयोध्या में 5 एकड़ जमीन देने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि बाबरी मस्जिद को नुकसान पहुंचाना कानून के खिलाफ था। निर्मोही अखाड़े का दावा खारिज सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मामले में तीसरे पक्ष निर्मोही अखाड़े का दावा खारिज कर दिया। निर्मोही अखाड़े का दावा खारिज करते हुए मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने कहा कि हमने 1946 के फैजाबाद कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली शिया वक्फ बोर्ड की सिंगल लीव पिटिशन को खारिज करते हैं।
Source: OneIndia Hindi

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