Ayodhya Verdict: कोर्ट के फैसले से AIMPLB नाखुश, लेकिन कहा- आदर करते हैं

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कोर्ट के फैसले पर नाराजगी जताई है.

AIMPLB के सचिव और वकील जफरयाब जिलानी (Zafaryab jilani) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि वो ज़मीन के बंटवारे को लेकर आए फैसले पर असंतुष्ट हैं. लेकिन उन्होंने कहा कि हम लोगों से अपील करते हैं कि हम सब मिलकर फैसले का सम्मान करें. अमन बनाए रखें.

News18Hindi
Last Updated:
November 9, 2019, 12:34 PM IST

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नई दिल्ली. अयोध्या (Ayodhya) के रामजन्म भूमि (ram janam bhoomi) और बाबारी मस्जिद (Babri Masjid) विवाद में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का फैसला आ चुका है. लेकिन ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने कोर्ट के फैसले पर नाखुशी जताई है. बोर्ड के सचिव और वकील जफरयाब जिलानी (Zafaryab jilani) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि वो ज़मीन के बंटवारे को लेकर आए फैसले पर असंतुष्ट हैं. लेकिन उन्होंने कहा कि हम लोगों से अपील करते हैं कि हम सब मिलकर फैसले का सम्मान करें. अमन बनाए रखें.कोर्ट के फैसले को लेकर जताई नाखुशीप्रेस कांफ्रेंस के दौरान जिलानी ने कहा, ‘जजमेंट में बहुत सी बातें हैं जो संविधान की है. हमारी सूट नंबर 4 की जमीन सूट नंबर 5 को दे दी. हम जजमेंट से संतुष्ट नहीं है. हम समीक्षा करेंगे कि रिव्यू करेंगे कि नहीं. पूरी अवाम से अपील करते हैं कि शांति बनाए रखें. शायद हम रिव्यू ही फाइल करें. पर सब साथ बैठ कर धवन साहब से बात कर आखिर फैसला लेंगे. कोर्ट ने जो सबूत माने हैं उसमें तो पूजा का जिक्र है. वही सुबूत तो मस्जिद होने की बात कर रहे हैं. कोर्ट ने खुद ही माना है. जब मस्जिद माना है तो मंदिर को जमीन दे देना इंसाफ नहीं.’Zafaryab Jilani, All India Muslim Personal Law Board: Respect the verdict but the judgement is not satisfactory. There should be no demonstration of any kind anywhere on it. #AyodhyaJudgment pic.twitter.com/g956DuJ5sB— ANI (@ANI) November 9, 2019Loading… मस्जिद की कोई कीमत नहीं. 5 एकड़ क्या 500 एकड़ भी मंजूर नहींजफरयाब जिलानी का कहना है कि मस्जिद की कोई कीमत नहीं. 5 एकड़ क्या 500 एकड़ भी मंजूर नहीं है. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि जजमेंट में कुछ 19-20 बातें हो सकती है. लेकिन रिव्यु करना हमारा हक़ है. सुप्रीम कोर्ट ने पहले भी कई मामले में रिव्यु किया है. इस जजमेंट से हमारा अधिकार चला गया है. सुप्रीम कोर्ट का फैसला किसी दबाव में नहीं दिया गया. न ही हाई कोर्ट का फैसला दबाव में दिया था. लेकिन गलती तो किसी से भी हो सकती है. जो लोग सेलीब्रेशन कर रहे हैं वो पहले भी करते रहे हैं. खुद पीएम मोदी ने उन्हें मना किया है.ये भी पढ़ें- 
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First published: November 9, 2019, 12:05 PM IST

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Source: News18 News

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