Ayodhya Verdict:सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर क्या बोले ASI के पूर्व आर्कियोलॉजिस्ट केके मोहम्मद

ASI के पूर्व अधिकारी क्या बोले आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक (उत्तर) केके मोहम्मद ने कहा कि ASI द्वारा निकाले गए पुरातात्विक और ऐतिहासिक साक्ष्यों के आधार कोर्ट इस नतीजे पर पहुंचा कि वहां एक भव्य मंदिर था और हमें एक बार फिर से नए मंदिर का निर्माण करना चाहिए। उन्होंने कहा था कि अयोध्या में बाबरी मस्जिद से पहले राम मंदिर मौजूद था। ये भी पढ़ें: Ayodhya Verdict: कोर्ट के फैसले से असहमत: असदुद्दीन ओवैसी तब मुझे काफी बुरा-भला कहा था- केके मोहम्मद केके मोहम्मद ने कहा कि लोगों के एक ग्रुप ने तब मुझे काफी बुरा-भला कहा था। ये ठीक वैसा फैसला है, जैसा हम सब चाहते थे। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि ऑर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की रिपोर्ट को खारिज नहीं किया जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि मस्जिद को खाली जमीन पर नहीं बनाया गया था, खुदाई में जो ढांचा पाया गया वह गैर-इस्लामिक था। अयोध्या के संवेदनशील मामले पर फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने यह भी कहा कि ढांचा को गिराया जाना कानून का उल्लंघन था। अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने इस बात को स्पष्ट किया है कि आस्था और विश्वास के आधार पर जमीन का मालिकाना का हक नहीं दिया जा सकता है। K K Muhammed, former regional director (North), Archaeological Survey of India: On the basis of archaeological & historical evidences that were supplied by ASI, court came to conclusion that there was a huge magnificent temple earlier & we should build a new temple once more. pic.twitter.com/iwAL2z5aYM
— ANI (@ANI) November 9, 2019 शिया वक्फ बोर्ड के दावे को कोर्ट ने किया खारिज कोर्ट ने एएसआई की रिपोर्ट को आधार बनाते हुए शिया वक्फ बोर्ड की उस याचिका को भी खारिज कर दिया जिसमे कहा गया था कि विवादित स्थल को उन्हें सौंप देना चाहिए, क्योंकि मस्जिद को शिया लोगों ने बनवाया था। बता दें कि एएसआई ने विवादित स्थल की खुदाई 15 साल पहले शुरू की थी। ये खुदाई इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के बाद शुरू हुई थी। खुदाई में एएसआई के वैज्ञानिकों की एक टीम ने परीक्षण किया था, जिसके बाद कहा गया कि विवादित ढांचे के नीचे प्राचीन मंदिर के अवशेष पाए गए हैं।
Source: OneIndia Hindi

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