खुलासाः बीजेपी शासनकाल में दो बार आतिश अली तासीर को जारी हुए OCI कार्ड!

India oi-Shivom Gupta |

Updated: Saturday, November 9, 2019, 17:37 [IST]
बेंगलुरू। पाकिस्तान के दिवंगत नेता सलमान तासीर और भारतीय पत्रकार तवलीन सिंह की एकलौती संतान आतिश अली तासीर के ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया कार्ड (OCI Card) रद्द किए जाने के पीछे की कहानी सामने आ गई है। ब्रिटेन में जन्में लेखक आतिश अली तासीर की मां तवलीन सिंह एक सिंगल पैरेंट है और इसी आधार पर वर्ष 1999 और वर्ष 2015 में तासीर को आसीआई कार्ड जारी किए गए थे। चूंकि आतिश अली तासीर की भारतीय मां और लेखक तवलीन सिंह ने कभी भी पाकिस्तानी मूल के राजनीतिक सलमान तासीर से शादी नहीं की और सिंगल भारतीय पैरेंट्स के आधार पर भारतीय विदेश मंत्रालय द्वारा ओसीआई कार्ड जारी किए गए। जबकि भारतीय विदेश मंत्रालय द्वारा तासीर के आईसीआई कार्ड के रद्द करने का कारण तासीर के पाकिस्तानी मूल के पिता की जानकारी छुपाना बताया जा रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के मुताबिक पाकिस्तानी मूल के पिता की संतान होने के चलते तासीर का ओसीआई कार्ड रद्द किया गया है। तासीर के ओसीआई कार्ड को रद्द करने के पीछे नागरिकता अधिनियम 1955 का हवाला दिया गया, जिसके मुताबिक किसी ऐसे व्यक्ति को ओसीआई कार्ड नहीं जारी किया जाता है, जिसके माता-पिता या दादा-दादी पाकिस्तानी हो। इस गृह मंत्रालय का कहना है कि आतिश अली तासीर ने ओसीआई कार्ड के आवेदन के समय अपने पाकिस्तानी मूल के पिता सलमान तासीर की जानकारी छिपाई थी और इसका खुलासा होने पर तासीर को नोटिस भेजा गया और जब तासीर मामले में सफाई देने में नाकाम रहे तो उनका ओसीआई कार्ड कैंसिल कर दिया गया। This is untrue. Here is the Consul General’s acknowledgment of my reply. I was given not the full 21 days, but rather 24 hours to reply. I’ve heard nothing from the ministry since. https://t.co/z7OtTaLLeO pic.twitter.com/t3LBWUtkdi
— Aatish Taseer (@AatishTaseer) November 7, 2019 हालांकि ओसीआई कार्ड कैंसिल करने के बाद आतिश अली तासीर ने भारत सरकार के फैसले का विरोध जताया है, इसके पीछे बदले की कार्रवाई मानी जा रही है, क्योकि तासीर ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ टाइम्स मैगजीन में डिवाइडर इन चीफ नामक लेख लिखे थे, लेकिन विदेश मंत्रालय ने इसका खंडन किया है और उनके ओसीआई कार्ड रद्द करने के पीछे उनके पाकिस्तानी मूल के पिता की जानकारी छिपाने को बताया गया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि तासीर ने स्पष्ट रूप से बहुत बुनियादी जरूरतों को पूरा नहीं किया इसलिए उनका कार्ड रद्द किया गया। उनके मुताबिक 1955 नागरिकता अधिनियम के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति ने धोखे से, फर्जीवाड़ा कर या तथ्य छुपा कर ओसीआई कार्ड हासिल किया है तो ओसीआई कार्ड धारक के रूप में उसका पंजीकरण रद्द कर दिया जाता है और उसे काली सूची में डाल दिया जाएग और जरूरत पड़ने पर ऐसे नागरिक के भविष्य में भारत में प्रवेश करने पर भी रोक लगाई जा सकती है। हालांकि वर्ष 1999 और 2015 में दोनों बार ओसीई कार्ड बीजेपी के शासनकाल में ही जारी किए गए थे। दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के कार्यकाल में वर्ष 1999 में आतिश को ओसीआई कार्ड जारी किया गया था, जो पहले पीआईओ (पीपुल ऑफ इंडियन ओरिजन) नाम से जाना जाता है। इसके वर्ष 2015 मोदी सरकार में उन्हें दोबारा ओसीआई कार्ड जारी किया गया था। ओसीआई को पीआईओ को मर्ज करके बनाया गया था। तासीर को बीजेपी शासनकाल में जारी किए दोनों कार्ड लेखक तवलीन सिंह के सिंगल पैरेंट के आधार दिया गया था। दरअसल, बीजेपी नेतृत्व वाली सरकार ने सिंगल पैरेंट्स के बच्चों के लिए पासपोर्ट नियमों को उदार बनाया था और कहा जा रहा है कि आतिश अला तासीर को इन्ही नियमों के आधार पर दोनों बार ओसीआई कार्ड जारी किए थे, लेकिन अब विदेश मंत्रालय ने उनके पाकिस्तानी मूल के पिता का हवाला देकर अब तासीर का ओसीआई कार रद्द कर दिया है। तर्क देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि तासीर को इंडियन सिटीजन पैरेंट्स के आधार पर ओसीआई कार्ड जारी किया गया, लेकिन जब पता चला कि उनके पिता पाकिस्तानी मूल के है तब नोटिस जारी करने के बाद उनके ओसीआई कार्ड को रद्द करने का निर्णय लिया गया। गौरतलब है पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहले टर्म में विदेश मंत्री दिवंगत सुषमा स्वराज थी और उनके ही कार्यकाल में बीजेपी नियमों को सिंगल पैरेंट्स के लिए लचीला बनाया गया था। इसी के मद्देनजर जनवरी, 2018 में, बीजेपी के नेतृत्व वाली मोदी सरकार ने फैसला किया था कि पासपोर्ट में अब अंतिम पृष्ठ पर पिता / कानूनी अभिभावक, माता, पति / पत्नी और पते के नाम की जानकारी मुद्रित नहीं होगी। तासीर ने ओसीआई कार्ड रद्द करने के विदेश मंत्रालय के फैसले पर हैरानी जताते हुए ट्विट किया है कि उन्हें जवाब देने के लिए 21 दिन नहीं, बल्कि 24 घंटे दिए गए थे। उनका मानना है कि भारत सरकार ने उनके खिलाफ बदले की कार्रवाई की है जबकि विदेश मंत्रालय ने तासीर के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि तासीर द्वारा पिता की जानकारी छुपाने के कारण ही उक्त कार्रवाई की गई है। हालांकि सवाल उठ रहा है कि ओसीआई कार्ड जारी करते समय क्या विदेश मंत्रालय द्वारा इसकी जानकारी बिल्कुल नहीं रही होगी कि आतिश अली तासीर पत्रकार और लेखक तवलीन सिंह और पाकिस्तानी मूल के राजनीतिक सलमान तासीर के बेटे हैं और दोनों ने अंत तक शादी नहीं की थी, क्योंकि ईश निंदा कानून के खिलाफ बोलने के लिए पाकिस्तान में उनकी हत्या कर दी गई थी। जानिए, कौन हैं आतिश तासीर, जिनके पिता थे पाकिस्तानी और मां हैं हिंदुस्तानी
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Source: OneIndia Hindi

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