बॉलीवुड की पार्टियों में आउट-साइडर से होता है ऐसा व्यवहार, सितारों ने खोली पोल

मनोज वाजपेयी ने बॉलीवुड नाइट पार्टियों को लेकर तीखी टिप्पणी की थी.

मनोज वाजपेयी (Manoj Bajpayee) ने बॉलीवुड के खास लोगों की पार्टियों लेकर सवाल उठाया था. अब दूसरे स्टार्स ने इस पर खुलकर अपनी बातें रखी हैं.

News18Hindi
Last Updated:
November 8, 2019, 7:32 PM IST

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मुंबई. हाल ही में मनोज बाजपेयी (Manoj Bajpayee) ने एक प्रिंट इंटरव्यू में इंडस्ट्री की पोल खोलते हुए कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में आउट-साइडर का टैग हटाने के लिए एक्टर्स को A लिस्टर्स के तलवे चाटने पड़ते हैं. उनकी हर हां में हां मिलानी पड़ती है. मनोज बाजपेयी की तरह ही कंगना रनौत (Kangana Ranaut) ने भी कई बार खुलेआम फिल्म इंडस्ट्री और A लिस्टर्स पर इस तरह के आरोप लगाए है. ऐसे में अक्सर आम जनता के दिमाग में यह सवाल जरूर जेहन में आता है कि क्या वाकई नए-नवेले आउट-साइडर एक्टर्स को फिल्म इंडस्ट्री में जमने के लिए सीनियर एक्टर्स की हर हां में हां मिलानी पड़ती है. इसीलिए हमने कुछ ऐसे एक्टर्स से इस बारे में बातचीत की जिन्होंने बिना किसी फ़िल्मी बैकग्राउंड के आउट-साइडर होते हुए भी फिल्म इंडस्ट्री में अपना स्टारडम बनाने में कामयाब रहे.अभिनेता श्रेयस तलपड़े (Shreyas Talpade) कहते हैं कि ऐसी बात नहीं है मैं इस राय से सहमत नहीं हूं. मेरे कई बड़े A लिस्टर्स एक्टर और डायरेक्टर दोस्त हैं तो ऐसे यह कहना गलत है मैं न शाहरुख़ खान (Shahrukh Khan) को जानता था और न फराह खान (Farah Khan) को, लेकिन इसके बाबजूद मैंने उनके साथ काम किया. हां, यह जरूर है कि‌ कई बार कुछ एक्टर्स को देख कर ऐसा लगता है कि यार ये इस फिल्म में क्या कर रहा है. लेकिन फिर भी निगेटिव होने की बजाय अपने काम पर पॉजिटिविटी पर ध्यान देना जरूरी है. फिल्म इंडस्ट्री में आपकी काबिलियत की वजह से आपको काम मिलता है. पंकज त्रिपाठी और मनोज वाजपेयी दोनों आउट-साइडर हैं.बॉलीवुड अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा (Siddharth Malhotra) ने इस मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए कहा, “असल में यह आउट-साइडर या इन-साइडर की बात नहीं है. लेकिन जो लोग इस शहर या फिल्म इंडस्ट्री से नहीं हैं तो उन्हें कम्फर्ट वाला इशू होता है. मेरे साथ भी होता था क्योंकि मैं दिल्ली से हूं. फिल्म इंडस्ट्री से भी मेरा ऐसा कोई ताल्लुक नहीं रहा है. लेकिन इस इंडस्ट्री के अपने कुछ तौर तरीके और एटिकेट्स हैं. यह सब अपनाना पड़ता है. यहां लोग आपको बिना रिश्तेदारी और पहचान के काम देते हैं और रही बात मनोज वाजपेयी की तो मनोज जी अपने आप में लाखों-करोड़ों लोगों की प्रेरणा हैं. वह इतनी मेहनत के बाद यहां पहुंचे हैं, मैं उनके साथ काम कर चुका हूं.” नवाजुद्दीन सिद्दकी ने कहा उन्हें इंडस्ट्री बहुत कुछ दिया है.अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी (Nawazuddin Siddiqui) को भी बतौर आउट-साइडर खूब स्ट्रगल करना पड़ा. लेकिन अब नवाज इंडस्ट्री में कितना सहज महसूस करते हैं इस सवाल पर नवाज कहते हैं, “मनोज के साथ ऐसा एक्सपीरियंस हुआ होगा. तभी उन्होंने अपनी बात रखी, लेकिन मेरी आदत है अकेले रहना, इसलिए मैं पार्टी में नहीं जाता, क्योंकि मुझे खुद को कॉम्फर्टेबल फील नहीं होता. यह किसी और की गलती नहीं. यह मेरी अपनी गलती है. मुझे फिल्म इंडस्ट्री ने मेरी हैसियत से ज्यादा दे दिया तो मैं अब भी अगर रोऊंगा तो मुझसे बड़ा बेवकूफ कोई नहीं होगा.”यह भी पढ़ेंः KBC 11 के मेकर्स ने मांगी माफी, छत्रपति शिवाजी महाराज के अपमान का लगा था आरोपLoading… चलिए फिलहाल इन एक्टर्स की बातों से साफ़ हो गया कि बदलते वक़्त के साथ अब इंडस्ट्री के तौर तरीके बदल रहे हैं और आउटसाइडर एक्टर्स बॉलीवुड की पार्टियों में महज आउट-साइडर का टैग हटाने के लिए शिरकत करने की जरूरत नहीं है.
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First published: November 8, 2019, 7:32 PM IST

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Source: News18 News

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