सरकार की गारंटी वाली स्कीम! हर महीने देने होंगे 1000 रुपये, मिलेंगे 3 और फायदे

नई दिल्ली. बजट 2019 (Budget 2019) में सरकार ने नेशनल पेंशन सिस्टम (National Pension System) के तहत मैच्योरिटी राशि (Maturity Corpus) पर टैक्स फ्री कंपोनेन्ट को 40 फीसदी से बढ़ाकर 60 फीसदी कर दिया था. ऐसे में रिटायरमेंट गोल (Retirement Goal) को पूरा करने के लिए नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और भी आकर्षक विकल्प बन गया है. खासतौर पर यह सिस्टम सैलरीड क्लास (Salaried Class) के साथ-साथ स्वरोजगार करने वाले लोगों के​ लिए पसंदीदा विकल्प है. टैक्स छूट, प्रोडक्ट के स्ट्रक्चर और इन्वेस्टमेंट क्वॉलिटी उन कारणों में से एक है, जिसकी वजह से निवेश के लिए एनपीएस सभी को पसंद आ रहा है. एनपीएस में निवेश करने वालों को अब तीन तरह की छूट मिलने लगी है. नेशनल पेंशन सिस्टम ट्रस्ट ने इसे ट्रिपल EEE का नाम दिया है.क्या है ट्रिपल EEE का मतलब?इस ट्रिपल EEE में पहले की E का मतलब है कि निवेश के समय इनवेस्टमेंट पर इनकम टैक्स छूट. दूसरे E का मतलब है जमा हो चुकी राशि पर टैक्स छूट का लाभ और तीसरे E का मतलब है कि मैच्योरिटी के समय टैक्स छूट. ऐसे में भविष्य के लिए बचत के साथ ही टैक्स छूट की चिंता से निपटने के लिए NPS एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है.क्या है नेशनल पेंशन सिस्टम नेशनल पेंशन सिस्टम केंद्र सरकार की एक सोशल सिक्योरिटी स्कीम (Social Security Schemes) है, जिसमें पब्लिक, प्राइवेट और असंगठित क्षेत्र (Unorganized Sector) के लोग भी निवेश कर सकते हैं. हालांकि, सेना में काम करने वाले कर्मचारी इसमें निवेश नहीं कर सकते है. इस स्कीम की मदद से पेंशन अकाउंट में निवेश कर सकते है. रिटायरमेंट के बाद इसका कुछ हिस्सा निकाला जा सकता है. एनपीएस अकाउंट होल्डर (NPS Account Holder) को बाकी रकम प्रति माह पेंशन के रूप में मिलेगी. नेशनल पेंशन सिस्टम में निवेश पर टैक्स छूट मिलती है.किसे NPS में निवेश करना चाहिए?Loading… NPS उन सभी लोगों के लिए एक बेहतर स्कीम है जो रिटायरमेंट के लिए पहले से ही बचत करना चाहते हैं. रिटायरमेंट के बाद हर माह एक तय रकम मासिक खर्चों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. साथ ही, सैलरीड क्लास इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C के तहत छूट का भरपूर लाभ ले सकता है.क्या हैं एनपीएस के फायदे>> एनपीएस का कुछ हिस्सा इक्विटी (Investment in Equity) में निवेश किया जाता है. करीब एक दशक से एनपीएस की सुविधा है और अभी तक इस स्कीम के तहत औसतन 8 से 10 फीसदी का रिटर्न मिलता है. एनपीएस के तहत, निवेशक को अपना फंड मैनेजर बदलने का विकल्प होता है.>> एनपीएस के तहत 1.5 लाख रुपये की टैक्स छूट मिलती है. इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80CC(1) के तहत सेल्फ कन्ट्रीब्युशन पर टैक्स छूट मिलता है. इसकी सीमा 20 फीसदी तक है. वहीं सेक्शन 80CC(2) के तहत नियोक्ता के कंट्रीब्युशन पर टैक्स छूट मिलती है. आप सेक्शन 80CC(1B) के त​हत 50,000 रुपये का ​अतिरिक्त छूट प्राप्त कर सकते हैं. इस प्रकार एनपीएस के तहत आप 2 लाख रुपये की टैक्स छूट प्राप्त कर सकते हैं.ऐसे खोलें एनपीएस अकाउंट1. ऑफलाइन: ऑफलाइन एनपीएस अकाउंट (Offline NPS Account Opening) खोलने के लिए आप बैंक या प्वाइंट ऑफ प्रेजेंस (Point of Pressence, PoP) जा सकते हैं. यहां आपको एक KYC पेपर के साथ फॉर्म दिया जाएगा. ध्यान रहे आप हर साल 1,000 रुपये से कम नहीं निवेश कर सकते. इस फॉम के भरने और शुरुआती रकम निवेश करने के बाद आपको पर्मानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर (PARN) दिया जाएगा. इस नंबर के साथ आपको वेलकम किट भी मिलेगा, जिसमें पासवर्ड भी होगा. इसके लिए आपको वन टाइम रजिस्ट्रेशन फीस के तौर पर 125 रुपये देना होगा.2. ऑनलाइन: आप चाहें तो आधे घंटे से भी कम समय में ऑफलाइन एनपीएस अकाउंट खोल (Online NPS Account Opening) सकते हैं. इसके लिए एनपीएस की आधिकारिक साइट पर जाना होगा. अगर आपके बैंक अकाउंट से पहले ही पैन, आधार और फोन नंबर लिंक है तो आपके लिए यह स्टेप्स और भी आसान हो जाएगा. आप ओटीपी की मदद से वैलिडेट कर सकेंगे, जिसके बाद आपका पर्मानेंट रिटायरमेंट अकाउंट जेनरेट हो जाएगा. इसके बाद आप अपने एनपीएस अकाउंट लॉगइन कर निवेश कर सकते हैं.
Source: News18 Money.com

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