कमलेश मर्डर केस: बेटे ने की NIA जांच की मांग

लखनऊ: हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी के मर्डर के मामले में अब तक 5 लोगों को पकड़ा जा चुका है. यूपी पुलिस के डीजीपी ओपी सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर महज 24 घंटे में मामले को सुलझाने का दावा किया है. हालांकि कमलेश तिवारी के बेटे सत्यम का कहना है कि उन्हें यूपी प्रशासन पर भरोसा नहीं है और मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी से कराई जानी चाहिए. हिंदू महासभा के पूर्व अध्यक्ष रहे कमलेश तिवारी ने कुछ महीनों पहले ही हिंदू समाज पार्टी के नाम से राजनीतिक दल का गठन किया था.

Satyam Tiwari, son of #KamleshTiwari, in Sitapur: We want National Investigation Agency to investigate the case, we do not trust anyone. My father was killed although he had security guards, how can we possibly trust the administration then? pic.twitter.com/a3xq8KV2hk
— ANI UP (@ANINewsUP) October 19, 2019

कमलेश तिवारी के बेटे ने कहा, ‘हम चाहते हैं कि इस मामले की जांच एनआईए करे. हम किसी पर भरोसा नहीं कर सकते. सिक्यॉरिटी गार्ड्स की मौजूदगी के बावजूद मेरे पिता की हत्या कर दी गई. ऐसे में हम कैसे प्रशासन पर भरोसा कर सकते हैं.’ फिलहाल इस मामले की जांच यूपी एसआईटी कर रही है. कमलेश तिवारी की लखनऊ में उनके ही दफ्तर में शुक्रवार को दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी.
मामले पर सीएम योगी ने क्या कहा
हिंदू समाज सभा के नेता कमलेश तिवारी के हत्याकांड मामले पर आखिरकार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी प्रतिक्रिया दे दी है. सीएम योगी ने मामले पर शनिवार को कहा कि इस तरह की घटनाएं अस्वीकार्य हैं. इसमें शामिल लोगों को छोड़ा नहीं जाएगा. साथ ही उन्होंने कहा कि अगर कमलेश तिवारी का परिवार उनसे मिलना चाहेगा तो वह उनसे मुलाकात करेंगे.

#WATCH UP Chief Minister Yogi Adityanath on Kamlesh Tiwari murder case: He was the President of Hindu Samaj Party. The assailants came to his house in Lucknow yesterday, sat&had tea with him, and later killed him after sending all security guards out to buy something from market. pic.twitter.com/kkbFnms17T
— ANI UP (@ANINewsUP) October 19, 2019

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने तल्ख तेवर में कहा कि, “भय और दहशत पैदा करने वाले जो भी तत्व होंगे, सख्ती के साथ उनके मंसूबों को कुचलकर रख देंगे. किसी भी प्रकार की वारदात स्वीकार नहीं की जाएगी. जो भी इस घटना में सम्मिलित होगा, किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा.”
आदित्यनाथ ने कहा कि, “हत्यारे जिस रूप में आए और सुरक्षा गार्ड से पूछकर कमरे में गए. उसके बाद हत्यारोपियों ने कमलेश तिवारी के साथ जलपान किया और उनके निजी सहायक और तिवारी के बेटे को कुछ सामान खरीदने के लिए बाजार में भेज दिया. इसके बाद कमरे में जब वे अकेले हो गए तो उनकी हत्या कर दी गई.”
यह भी पढ़ें: कमलेश मर्डर केस: 3 आरोपियों ने कबूला गुनाह, DGP बोले- पैगंबर पर टिप्पणी के कारण हुई हत्या
सीएम योगी ने कहा कि वह सभी से मिलते हैं और परिवार से मुलाकात करने में उन्हें कोई दिक्कत नहीं है. उन्होंने कहा कि एसआईटी को इस केस की जांच सौंपी गई है. सीएम ने आगे कहा, “मैं भी इस केस के बारे में पूरा अपडेट लूंगा. इस तरह की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. इस मामले में दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा.”
तीन आरोपियों ने गुनाह कबूला
इस केस में गुजरात के सूरत से गिरफ्तार तीन साजिशकर्ताओं ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है. इससे पहले यूपी के डीजीपी ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि कमलेश तिवारी की हत्या के तार गुजरात से जुड़े हैं. सिंह ने बताया कि सूरत के मौलाना मोहसिन शेख (24), फैजान (21) और खुर्शीद अहमद पठान (23) को हिरासत में लिया गया है. तीनों ने हत्या की साजिश रची थी. हत्या का आतंकी संगठन से कोई संबंध नहीं है. 2015 में कमलेश तिवारी द्वारा पैगंबर मोहम्मद को लेकर दिया गया विवादित बयान उनकी हत्या का कारण बना. हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे कमलेश की शुक्रवार को हत्या हो गई थी.
कैसे हुई कमलेश की हत्या?
लखनऊ में 18 अक्टूबर को कमलेश की हमलावरों ने हत्या कर दी थी. दोपहर में दो लोग उनसे मिलने पार्टी ऑफिस आए थे। पहले उन्होंने कमलेश का गला रेता, फिर मिठाई के डिब्बे से पिस्तौल निकालकर गोलियां मारीं. कमलेश हिंदू महासभा के भी नेता रहे थे. वारदात के बाद हिंदू समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर प्रदर्शन किया था.
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Source: HW News

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