IMC 2019: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्मार्ट डिवाइस का रहेगा बोल-बाला

Publish Date:Sun, 13 Oct 2019 06:31 PM (IST)

नई दिल्ली, हर्षित हर्ष। दक्षिण एशिया के सबसे बड़े टेक्नोलॉजी इवेंट IMC 2019 का आयोजन 14 अक्टूबर से लेकर 16 अक्टूबर के बीच एयरोसिटी में किया जा रहा है। इस टेक शो को दूरसंचार विभाग (DoT) और सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (COAI) के द्वारा किया जा रहा है। इस इवेंट में देश-विदेश की कई दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनियां हिस्सा ले रहीं हैं। इस इवेंट में ये कंपनियां भविष्य की टेक्नोलॉजी को शोकेस करेगीं। हमने COAI के डायरेक्टर जनरल राजन एस मैथ्यूज से भविष्य की टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्मार्ट डिवाइस के बारे में बात की है।
राजन मैथ्यूज ने कहा, ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस व्यक्तिगत और सामाजिक भलाई एवं कॉमन गुड को बढ़ाएगा, साथ ही जीवन के सभी क्षेत्रों में गुणात्मक प्रगति और नवीनता लाएगा। विशेष रूप से, AI सिस्टम संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों की उपलब्धि को सुविधाजनक बनाने में मदद कर सकता है, जैसे कि लिंग संतुलन को बढ़ावा देना और जलवायु परिवर्तन से निपटना, प्राकृतिक संसाधनों के हमारे उपयोग को तर्कसंगत बनाना, हमारे स्वास्थ्य, गतिशीलता और उत्पादन प्रक्रियाओं को बढ़ाना, और समर्थन करना कि कैसे स्थिरता और सामाजिक सामंजस्य संकेतक के खिलाफ प्रगति की निगरानी कर सकें।’

उन्होंने आगे कहा, ‘इसके लिए, हमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम बनाने की आवश्यकता है जो कि मानव-केंद्रित हो। मानवता और सामान्य भलाई, मानव कल्याण और इंडिपेंसी की सेवा के लिए प्रणाली डिजाइन की गई है। भले ही AI नए अवसरों की मेजबानी करने का वादा करता है, लेकिन कुछ ऐसे जोखिम हैं जिन्हें उचित और प्रभावी ढंग से कम करने की आवश्यकता है। हमें यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि हम पारिस्थितिकी तंत्र और सामाजिक-तकनीकी वातावरण पर भरोसा करें, जिसमें AI सिस्टम एम्बेडेड हैं। इसके अलावा, हम चाहते हैं कि AI सिस्टम के निर्माता अपने उत्पादों और सेवाओं में भरोसेमंद AI को एम्बेड करके प्रतिस्पर्धात्मक लाभ प्राप्त करें। यह AI सिस्टम के लाभों को अधिकतम करने की मांग करता है, जबकि एक ही समय में उनके संबंधित जोखिमों और डाउनसाइड को कम से कम करता है।’

IMC 2019 में इस साल कई दिग्गज टेलिकॉम कंपनियां हिस्सा ले रहीं हैं। इस बार भी 5G और IoT पर जोर रहेगा। साथ ही साथ भविष्य की तकनीक को भी शोकेस किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘आज क्षेत्र की तीव्र वित्तीय संकट को देखते हुए, नई तकनीकों जैसे AI और M2M (मशीन-टू-मशीन) का स्वागत है क्योंकि इनसे TSP के लिए नई राजस्व धाराएं खोलने की उम्मीद है, जिसकी वजह से कम लेटेंसी डाटा, उच्च घनत्व और अति-विश्वसनीय सेवा, सेवा की क्षमता का पूरी तरह से एहसास हो सके। विश्व स्तर पर, M2M कनेक्शन वाले बाजार को 2023 तक 27.62 बिलियन अमरीकी डॉलर का बनाना अनुमानित है, जो 2017 से 2023 तक 4.6% की CAGR (कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट) से बढ़ रहा है। M2M और इसके इनोवेटिव उपयोग के मामले देश, गतिशील सामाजिक-आर्थिक विकास की पेशकश करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। जिसकी वजह से देश के नागरिकों, व्यवसायों और सरकार को काफी ठोस लाभ मिलने की संभावना है।’  

Posted By: Harshit Harsh

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Source: jagran.com

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