मिर्च, नींबू और नारियल में ज्यादा ताकत है तो राफेल खरीदा क्यों- उदित राज

राफेल विमान को बुरी नजर से नींबू बचाएगा, इसको लेकर देश में अब बहस छिड़ गई है.

बीजेपी (bjp) के राष्ट्रीय सचिव सरदार आर पी सिंह (R P SINGH) ने उदित राज (UDIT RAJ) के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि ‘जिनको देश की धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों की जानकारी नहीं है, वही इस तरह की बात कर रहे हैं. ऐसा नहीं कि पहली बार पूजा-पाठ देश में हुआ है.’

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नई दिल्ली. कांग्रेस (Congress) नेता उदित राज (Udit Raj) ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) के द्वारा राफेल (Rafale Jet) की शस्त्र पूजा किए जाने पर सवाल उठाए हैं. उदित राज ने कहा है कि राफेल की रक्षा के लिए नींबू, मिर्च और नारियल का सहारा लिया जा रहा है. अगर नींबू, मिर्च और नारियल से ही रक्षा हो रही है तो राफेल क्यों लिया? बता दें कि देश के कुछ हिस्सों में धार्मिक मान्यता है कि अगर कोई नई सामान खरीदी जाती है तो उसकी पूजा की जाती है. इसके लिए नींबू, मिर्च और नारियल भी चढ़ाया जाता है.नींबू, मिर्च और नारियल पर राजनीतिक बहसबुधवार को कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा, ‘डिफेंस मिनिस्ट्री, भारत सरकार संविधान के तहत चलते हैं, जिसका कोई धर्म नहीं है. मिर्च, नींबू और नारियल से पूजा के साथ राफेल इंडक्ट किया गया. कहने का मतलब यह है कि बिना रिचुअल्स के, बिना अंधविश्वास के, नींबू, मिर्च और नारियल की ताकत से यह सफल नहीं होगा? जब मिर्च नींबू और नारियल रिचुअल्स में ज्यादा ही ताकत है तो राफेल खरीदा क्यों है?नींबू और नारियल से ही देश की रक्षा कर लेते. जो साइंटिस्ट हैं, शिक्षक हैं, बच्चे हैं उन पर इसका क्या असर पड़ेगा?’ कांग्रेस नेता ने कहा है कि नींबू और नारियल में ज्यादा ताकत है तो राफेल खरीदा क्योंउदित राज आगे कहते हैं, ‘क्यों दुनिया की नजर में हमारी हंसी हसरत नहीं होगी तो यह बात करके हम साइंस और टेक्नोलॉजी को डीवैल्यू कर रहे हैं. धर्मांधता का क्षेत्र अलग है और अंधविश्वास का क्षेत्र अलग है. विज्ञान का अलग है. यही कारण है कि हम अभी तक इंवेंशन नहीं कर पाए. एयरक्राफ्ट नहीं बना पाए. हम चाहते हैं साइंटिफिक डेवलपमेंट हो यही हमारा कहने का मतलब है?’कांग्रेस राज में भी शस्त्र पूजा होते थे- बीजेपीबीजेपी के राष्ट्रीय सचिव सरदार आर पी सिंह (R P SINGH) ने उदित राज के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. आर पी सिंह न्यूज 18 हिंदी के साथ बातचीत में कहते हैं, ‘जिनको देश की धार्मिक और सांस्कृतिक मुल्यों की जानकारी नहीं है वही इस तरह की बात कर रहे हैं. ऐसा नहीं कि पहली बार पूजा-पाठ देश में हुआ है. पूर्व की सरकारों से यह परंपरा चली आ रही है. बोफोर्स तोप खरीदे जाने के दौरान भी पूजा-पाठ किया गया था. क्या उस समय बीजेपी की सरकार थी?’Loading… विजयादशमी के दिन ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राफेल हासिल किया.आर पी सिंह आगे कहते हैं, ‘इंडोनेशिया एक मुस्लिम देश है, लेकिन वहां भी हिंदू धार्मिक रीति-रिवाज से काम होते हैं. क्या वहां पर आंडबर है? हमारे पुर्वज भी शस्त्र पूजा किया करते थे और हम भी कर रहे हैं. इसमें आखिर उदित राज को क्या दिखा? भगवान राम भी शस्त्र पूजा किया करते थे और महाराणा प्रताप भी. यह कौन सी नई बात है, जिसको लेकर हाय तौबा मचाया जा रहा है. जो लोग हंगामा मचा रहे हैं उनको भारत के सांस्कृतिक और धार्मिक मुल्यों की जानकारी नहीं है.’राफेल विमान (Rafale Jet) को बुरी नजर से नींबू (lemon chilli totka) बचाएगा? इसको लेकर देश में अब बहस छिड़ गई है. इस मुद्दे को लेकर पक्ष-विपक्ष में आरोप-प्रत्यारोप हैं. बता दें कि दशहरा के दिन ही फ्रांस (France) ने भारत को RB 001 राफेल विमान सोंपा है. देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने राफेल की पहली खेप लेने खुद फ्रांस गए और इस अवसर पर उन्होंने धार्मिक रीति रिवाज से राफेल की पूजा अर्चना भी की.ये भी पढ़ें: स्पाइडर मैन बन कर चार मंजिला इमारत पर चढ़ा और साफ कर दी 70 लाख की ज्वेलरी

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First published: October 9, 2019, 6:55 PM IST

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Source: News18 News

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