उइगर मुस्लिमों का वजूद मिटाने पर तुला चीन, कब्र खोदकर हड्डियां तक निकाल रहा है

उइगर मुसलमानों का वजूद मिटाने की साजिश चीन ने अब बड़े पैमाने पर उइगर मुस्लिमों के इतिहास, उनकी पहचान मिटाने का काम शुरू कर दिया है। 10 लाख से भी ज्यादा उइगर मुसलमानों को बंधक बनाकर रखने से भी जब उसका मन नहीं भरा है तब उसने उनके पूर्वजों के कब्रगाहों को ही तबाह करना शुरू कर दिया है। कब्रों से हड्डियां निकालकर उनकी सारी निशानियां मिटाई जा रही हैं। चीन में एएफपी के एक रिपोर्टर लॉरेंट थॉमेट ने इस संबंध में ट्विटर पर कुछ तस्वीरें भी साझा की हैं। एक रिपोर्ट में चीन की इस अमानवीय हरकत का विस्तार से खुलासा किया गया है, जिसके मुताबिक शायर काउंटी में तीन इलाकों में इंसान की हड्डियां देखने को मिली हैं। जबकि, चीन का दावा है कि वह कब्रों को तोड़ नहीं रहा, बल्कि उन्हें नया शक्ल दे रहा है और उन्हें नए अंदाज में सजाने की कोशिश कर रहा है। चीन ने दो साल पहले भी उत्तर-पश्चिमी इलाके में उइगर मुसलमानों के कई दर्जन कब्रिस्तानों को तबाह कर दिया था। हमारे इतिहास और पूर्वजों से काटने की साजिश- उइगर जो उइगर चीन से बाहर हैं वे कह रहे हैं कि उनकी पहचान मिटाई जा रही है। ऐसे ही एक उइगर सालिह हुदायक ने कहा है कि ‘चीन की ये मुहिम हमारी पचान से जुड़े साक्ष्यों को प्रभावी तरीके से मिटाने का प्रयास है।…….इसलिए वे उन ऐतिहासिक जगहों, कब्रिस्तानों को तबाह कर रहे हैं, जिससे हमें अपने इतिहास, हमारे पिता और हमारे पूर्वजों से काट सकें।’ Cemeteries featuring shrines and tombs of famous individuals were also razed. In Aksu, local authorities turned an enormous graveyard where prominent Uighur poet Lutpulla Mutellip was buried into “Happiness Park” where you can now find this panda holding a lollipop: pic.twitter.com/1LpjY8r0F9
— Laurent Thomet 卢鸿 (@LThometAFP) October 9, 2019 उइगर कवि की कब्र पर दिख रहा है पांडा एएफपी रिपोर्टर लॉरेंट थॉमेट के मुताबिक चीन की इस हरकत के चलते एक उइगर कवि के कब्र का वजूद ही खत्म हो चुका है। उनके कब्र की जगह अब वहां हाथ में लॉलीपॉप लिए एक पांडा दिखाई देने लगा है। यही नहीं उइगर अपने लोकप्रिय नेताओं और वरिष्ठों की कब्रों पर उनका विवरण और तस्वीरें भी लगाते हैं, चीन उन सबको भी नष्ट किए जा रहा है। New govt-built cemeteries nothing like traditional Uighur graveyards. To the left, traditional. To the right, new cemetery where tombs all look the same. Families, which traditionally leave gifts by the graves, no longer have ‘space to mourn,’ said an expert on Uighur cemeteries pic.twitter.com/T0k4QCMQHQ
— Laurent Thomet 卢鸿 (@LThometAFP) October 9, 2019 नए कब्रिस्तान बनाने के नाम पर आंख में धूल झोंक रहा ही चीन चीन का दावा है कि वह नए कब्रिस्तान भी बनवा रहा है, लेकिन उसमें उइगर परंपरा का कद्र नहीं किया जा रहा। उइगर कब्रिस्तानों के जानकार बतातें हैं कि अब उनके पास शोक मनाने का पारपंरिक स्थान भी नहीं बच गया है। 10 लाख उइगर मुस्लिमों को बंधक बना रखा है उइगर मुसलमानों पर चीन में जारी इन्हीं अत्याचारों को देखते हुए अमेरिका ने 28 चीनी कंपियों को ब्लैकलिस्टेड कर दिया है। अमेरिका ने दो टूक कह दिया है कि वह मानवाधिकार के उल्लंघन को देखते हुए चीनी अधिकारियों को वीजा नहीं देगा। गौरतलब है कि चीन सरकार को पिछले साल उस समय भी आलोचनाओं का शिकार होना पड़ा था, जब मुसलमानों में शवों के दफनाने की परंपरा को उसने रोकने की कोशिश की थी। वह एक कदम आगे बढ़कर मध्य झियांग्सी में ताबूतों को तोड़कर उनके शवों को जलाने के लिए मजबूर कर दिया था। गौरतलब है कि मानवाधिकार संगठनों का दावा है कि चीन के शिजियांग प्रांत में अभी करीब 10 लाख उइगर मुसलमानों को यातनागृहों में कैद करके रखा गया है, जहां उनके साथ जानवरों जैसा सलूक किया जाता है। जबकि, चीन दावा करता है कि ये सिर्फ प्रशिक्षण केंद्र हैं और वह किसी भी तरह की प्रताड़ना के आरोपों से साफ इनकार भी करता है।
Source: OneIndia Hindi

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