Howdy Modi: पाक मीडिया ने तवज्जो कम दी, नेगेटिव पब्लिसिटी ज़्यादा की

नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की यह तस्वीर डॉन ने प्रकाशित की.

पाकिस्तानी अखबारों और समाचार पोर्टलों (Pakistan Media) ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के कार्यक्रम को सिरे से खारिज करने और उसके खिलाफ माहौल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी.

News18Hindi
Last Updated:
September 23, 2019, 10:54 AM IST

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अमेरिका (USA) में किसी विदेशी नेता के स्वागत में हुए ऐतिहासिक कार्यक्रम Howdy Modi को लेकर दुनिया भर के मीडिया में चर्चा रही और देश के मीडिया (Media Coverage) में इस कार्यक्रम से जुड़ी तमाम सुर्खियां आपने जानीं. इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) के सम्मान और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की मौजूदगी में रविवार को हुए इस कार्यक्रम पर पाकिस्तान के मीडिया ने विद्वेषपूर्ण और दुश्मनी वाला रवैया अपनाते हुए इस कार्यक्रम की आलोचना की और नेगेटिव पब्लिसिटी (Negative Publicity) पर फोकस किया.हाउडी मोदी के आयोजन के दिन ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री (Pak PM) इमरान खान (Imran Khan) भी अमेरिका पहुंचे और उन्होंने वहां के राजनयिकों से भारत के खिलाफ समर्थन जुटाने के लिए अपना पक्ष रखा. इस खबर को पाकिस्तानी मीडिया ने मुख्य खबर के तौर पर छापा और हाउडी मोदी कार्यक्रम को प्रोपेगेंडा बताते हुए भारत सरकार (Indian Government) को घेरने की कोशिश की. देखिए कि पाकिस्तानी मीडिया ने हाउडी मोदी आयोजन पर किस तरह और क्या प्रकाशित किया.नस्लवादी है मोदी सरकार : डॉनपाकिस्तान के प्रमुख मीडिया समूह डॉन ने अपनी खबर में लिखा कि ह्यूस्टन में नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप ने मंच साझा करते हुए एक दूसरे की तारीफों के पुल बांधे, जबकि आयोजन स्थल के बाहर सैकड़ों लोग कश्मीर के लोगों के हक की आवाज़ बुलंद कर रहे थे. डॉन ने आगे लिखा कि एनआजी स्टेडियम के बाहर अलग अलग समुदायों के सैकड़ों लोगों ने मोदी के खिलाफ प्रदर्शन किया और मोदी के कार्यकाल को ‘नस्लवादी’ करार देते हुए भारत के हिस्से वाले जम्मू कश्मीर में मानवाधिकारों के हनन का मुद्दा उठाया. हालांकि डॉन ने इस खबर में ये बात पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ पार्टी के ट्विटर हैंडल की एक पोस्ट के आधार पर कही. मोदी के कार्यक्रम के खिलाफ हुए प्रदर्शन की यह तस्वीर डॉन ने छापी.वहीं डॉन के प्रिंट संस्करण में इमरान खान के अमेरिका दौरे को तरजीह दी गई और संपादकीय पेज पर एक लेख में भारत के हिस्से वाले कश्मीर में भारत सरकार को आतंकवाद फैलाने का ज़िम्मेदार बताया गया. इस लेख में लिखा गया कि दिल्ली कश्मीरियों के साथ करती कुछ और है और उसे रंग कोई और देती है.बाहर प्रदर्शन और भीतर मोदी-ट्रंप की गल​बहियां : द न्यूज़Loading… पाकिस्तान के एक और मीडिया समूह द न्यूज़ ने भी मोदी और भारत के खिलाफ हुए प्रदर्शनों को तरजीह दी लेकिन हाउडी मोदी कार्यक्रम के दौरान ये वो प्रदर्शन थे, जो पाकिस्तान में स्थित अमेरिकी दूतावास के सामने किए गए. द न्यूज़ ने एक लेख में लिखा कि ये प्रदर्शन अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार आंदोलन और विश्व कॉलमिस्ट क्लब ने मिलकर किए और भारत के हिस्से के कश्मीरियों के मानवाधिकारों के हनन का मुद्दा उठाया.एक और रिपोर्ट में द न्यूज़ ने लिखा कि बाहर भारी संख्या में लोगों का गुस्सा फूटता रहा और प्रदर्शन होते रहे और आयोजन स्थल के भीतर मोदी और ट्रंप आतंकवाद के खात्मे के भाषण दे रहे थे. इस रिपोर्ट में मोदी और ट्रंप दोनों को एक जैसे कट्टर राष्ट्रवादी विचारों वाला और मीडिया को नियंत्रित करने वाला नेता बताया गया.’आतंकवादी हैं मोदी’ : ट्रिब्यून की हेडलाइनपाक के एक और मीडिया समूह द ट्रिब्यून ने अपनी एक रिपोर्ट का शीर्षक इस तरह देकर हाउडी मोदी कार्यक्रम की धज्जियां उड़ाने वाली नेगेटिव पब्लिसिटी को तरजीह दी. एबीसी न्यूज़ के हवाले से इस रिपोर्ट में लिखा गया कि जस्टिस फॉर आल और उसकी सहयोगी संस्थाओं ने मोदी के इस कार्यक्रम के खिलाफ विशाल प्रदर्शन आयोजित किया, जिसमें ‘मोदी वापस जाओ’ और ‘मोदी आतंकवादी है’ जैसे नारे लगे. इसी रिपोर्ट में ये भी कहा गया कि टैक्सास के कई शहरों से मुस्लिमों और सिखों ने बड़ी संख्या में प्रदर्शन में हिस्सा लिया.

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First published: September 23, 2019, 10:54 AM IST

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Source: News18 News

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