ममता ने की अमित शाह से मुलाकात, NRC समेत इन मुद्दों पर की चर्चा

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की प्रमुख ममता बनर्जी ने आज गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की. मुलाकात के बाद उन्होंने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि अमित शाह के गृह मंत्री बनाने के बाद उनकी मुलाकात नहीं हुई थी. इसलिए वह उनसे मिलने आई थी. ममता ने बताया कि उन्होंने गृह मंत्री से एनआरसी के मुद्दे पर भी बात की. बता दें कि दिल्ली के तीन दिवसीय दौरे पर आईं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी.

West Bengal CM Mamata Banerjee on her meeting with Union Home Minister Amit Shah: He did not say anything about NRC in West Bengal. I have already clarified my stand that NRC is not needed in West Bengal. https://t.co/XyJEpyk5JY
— ANI (@ANI) September 19, 2019

गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद ममता बनर्जी ने कहा, “मैं पहली बार गृह मंत्री मिली. मेरा अक्सर दिल्ली आना नहीं होता. कल मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मिली थी. यह मुलाकात गृह मंत्री के साथ संवैधानिक दुरुपयोग समेत कई मामलों को लेकर हुई.”
ममता ने गृह मंत्री से मुलाकात के दौरान एनआरसी का मामला भी उठाया. उन्होंने कहा, ‘मैंने उन्हें एक पत्र सौंपा है. मैंने एनआरसी से बाहर किए गए 19 लाख लोगों के बारे में बात भी. इन लोगों में कई बंगाली, गोरखा और हिंदी बोलने वाले लोग भी शामिल हैं. सही नागरिकों को मौका दिया जाना चाहिए. मैं यहां कई मसलों पर चर्चा के लिए आई थी.’ उन्होंने कहा कि एनआरसी से लोग डरे हुए हैं और नागरिकों को परेशान नहीं किया जाना चाहिए.
ममता ने आगे बताया कि गृह मंत्री ने पश्चिम बंगाल में एनआरसी के मामले में कुछ नहीं कहा है. गृह मंत्री ने हमारी सारी बातों को ध्यान से सुना, मुझे लगता है कि वह पॉजिटिव रोल प्ले करेंगे. उन्होंने (शाह) ने भरोसा दिलाया है कि इस मसले पर वह गौर करेंगे.
ममता का मोदी-शाह से मुलाकात के मायने
दरअसल, ममता बनर्जी ने गृह मंत्री शाह ऐसे वक्त पर मुलाकात की है जब सीबीआई कोलकाता के पूर्व पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के खिलाफ हथौड़ा चला रही है. माना जा रहा है कि राजीव कुमार के अलावा ऐसे कई मुद्दे को सकते है जिनपर ममता ने पीएम मोदी और अमित शाह से चर्चा की होगी. आईये एक-एक करके जानते है कि आखिर वो कौनसे मुद्दे होंगे.
चिटफंड और IPS राजीव कुमार का मामला
पश्चिम बंगाल में ममता सरकार ने बिना अनुमति के सीबीआई जांच या छापे पर रोक लगा रखी है. कोलकाता के कमिश्नर रह चुके राजीव कुमार से सीबीआई शारदा स्कैम मामले में पूछताछ करने पहुंची थी. राजीव कुमार की संभावित गिरफ्तारी को देखते हुए ममता बनर्जी सीबीआई के खिलाफ कोलकाता में धरने पर बैठ गई थीं और मोदी सरकार पर जमकर हमला किया था. टीएमसी के कई नेता चिटफंड मामले में घिरे हुए हैं. ऐसे में अब विपक्षी पार्टियां आरोप लगा रही हैं कि राजीव कुमार पर जब सीबीआई का शिकंजा कस रहा है तब ममता बनर्जी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के लिए मजबूर होना पड़ा है.
दरअसल राजीव कुमार पर शारदा चिटफंड और रोजवैली स्कैम की जांच के दौरान सबूतों से छेड़छाड़ का आरोप है. शारदा घोटाले की जांच के लिए 2013 में ममता सरकार ने एसआईटी का गठन किया था. इसकी अगुवाई राजीव कुमार कर रहे थे. बाद में इस मामले को सीबीआई के पास भेज दिया गया था. सीबीआई का दावा है कि केस ट्रांसफर होने के बाद भी राजीव कुमार ने कई सबूतों को उन्हें नहीं सौंपा और उन्होंने कई सबूतों को नष्ट भी कर दिया था. शारदा समूह की कंपनियों ने लाखों लोगों को उनके निवेश पर ज्यादा लाभ का वादा करते हुए कई हजार करोड़ रुपये की जालसाजी की है.
बंगाल में एनआरसी पर जंग
असम के बाद बंगाल में राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण (एनआरसी) तैयार कराने की मांग को लेकर बीजेपी और ममता बनर्जी की सरकार आमने-सामने हैं. बीजेपी पश्चिम बंगाल में एनआरसी लागू करने की मांग कर रही है तो ममता बनर्जी सरकार इसके खिलाफ खड़ी हुई है. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से लेकर तमाम पार्टी नेता बंगाल में अवैध घुसपैठियों की पहचान के लिए एनआरसी लागू करने की मांग कर रहे हैं. वहीं, पश्चिम बंगाल विधानसभा में ममता सरकार ने राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के खिलाफ प्रस्ताव पारित भी कर दिया है. बीजेपी को छोड़कर अन्य सभी दलों ने प्रस्ताव का समर्थन किया. ममता ने कहा कि किसी भी सूरत में बंगाल में एनआरसी को लागू नहीं होने देंगे.
मोटर व्हीकल एक्ट पर आमने-सामने
रोड एक्सीडेंट में होने वाली मौत को कम करने के लिए मोदी सरकार द्वारा मोटर व्हीकल एक्ट लाया गया है, जिसे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में लागू करने से इनकार कर दिया है. सीएम ममता ने कहा था कि मोटर व्हीकल कानून लोगों पर बड़ा बोझ है, हमने सदन में भी इस एक्ट का विरोध किया था. ऐसे ही ममता ने मोदी सरकार की आयुष्मान भारत योजना को भी बंगाल में लागू नहीं किया. ममता ने मोदी सरकार के समानांतर योजना शुरू कर दी थी.
TMC-BJP के बीच हिंसा
पश्चिम बंगाल में बीजेपी का ग्राफ बढ़ने के बाद से ही पार्टी कार्यकर्ताओं पर नेताओं पर जानलेवा हमले हो रहे हैं. लोकसभा चुनाव से पहले से बीजेपी और टीएमसी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच हिंसा शुरू हुई जो यथावत जारी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने शपथ ग्रहण समारोह में पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा में मारे गए बीजेपी कार्यकर्ताओं के परिवार वालों को बुलाया था. इसी के चलते ममता बनर्जी ने शपथ ग्रहण में शामिल होने से इनकार कर दिया था.  
एक राष्ट्र, एक चुनाव  
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘एक देश-एक चुनाव’ के सपने को सकार करने में लगे हैं, लेकिन ममता बनर्जी इस पर सहमत नहीं हैं. यही वजह रही कि ‘एक देश एक चुनाव’ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में ममता बनर्जी ने शामिल होने से इनकार कर दिया था. इसके अलावा मोदी सरकार द्वारा किए गए बैंकों के विलय पर भी ममता बनर्जी ने सवाल खड़े किए थे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस विषय पर पत्र लिखा था.
एक राष्ट्र, एक भाषा 
हालही ही हिंदी दिवस के मौके पर यानी कि 14 सितंबर को गृह मंत्री अमित शाह ने हिंदी को ‘एक राष्ट्र, एक भाषा’ की पैरवी की थी. ममता बनर्जी ने इसका विरोध किया था और केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा था. उन्होंने कहा था कि हमें सभी भाषाओं और संस्कृतियों का समान रूप से सम्मान करना चाहिए. हम कई भाषाएं सीख सकते हैं, लेकिन हमें अपनी मातृभाषा को कभी नहीं भूलना चाहिए. दूसरी भाषाओं के सम्मान के लिए हम अपनी मातृभाषा से समझौता नहीं करेंगे.
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Source: HW News

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