असम में बाढ़ से हाहाकार, 53 लाख लोग प्रभावित, बिहार में जलस्तर में उतार-चढ़ाव का दौर

Publish Date:Fri, 19 Jul 2019 10:23 AM (IST)

नई दिल्‍ली, ब्‍यूरो/एजेंसी। असम और मेघालय सहित पूर्वोत्तर में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। असम में बाढ़ के कारण 54 लाख लोग विस्थापित हुए हैं जबकि मरने वालों की संख्या 37 हो गई है। मेघालय में आठ लोगों की मौत हुई है। असम के 33 में से 28 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार के मुताबिक, 53,52,107 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। उधर, उत्तर बिहार की नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी है। उत्तर बिहार में नए इलाकों में बाढ़ का पानी तेजी से फैलना बंद तो हुआ है, लेकिन कोसी और बागमती का जलस्तर बढ़ रहा है।  
गुवाहाटी एवं अन्य हिस्सों में ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियां खतरे के निशान से पार बह रही हैं। असम में 4000 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। असम में सबसे ज्यादा प्रभावित जिला बारपेटा है जहां 13.48 लाख लोग इसकी चपेट में हैं। आपदा प्रबंधन ने बताया है कि 1080 कैंपों में 2.6 लाख विस्थापितों ने शरण ली है। जिला प्रशासनों ने 689 राहत कैंप स्थापित किए हैं। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें फंसे लोगों को निकालने में दिन-रात जुटी हैं। मेघालय के दक्षिण पश्चिम गारो हिल्स में मरने वालों की संख्या आठ हो गई है। निचले इलाकों में पानी भर जाने से यह जिला सबसे ज्यादा प्रभावित है। राज्य में 1.55 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।

असम के बाढ़ प्रभावित काजीरंगा नेशनल पार्क के वन्यजीव भी जान बचाने के लिए सुरक्षित ठिकाना तलाशने पर मजबूर हो गए हैं। पांच गैंडे सहित 50 से ज्यादा जंगली पशुओं की मौत हो चुकी है। राष्ट्रीय राजमार्ग 37 के साथ लगते विश्व विरासत स्थल के हारमोती के समीप बागोरी में एक घर में रॉयल बंगाल टाइगर घुस आया और बिस्तर पर जा बैठा। गुरुवार को उसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर छाया रहा। वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट आफ इंडिया ने ट्विटर पर आराम फरमाते हुए बाघ की तस्वीर पोस्ट की है। स्थानीय लोगों ने बताया कि सुबह सात बजे के आसपास रफीकुल के घर में बाघ प्रवेश कर गया।
मौसम विभाग ने केरल के इदुक्की, पाथनमथिट्टा और कोट्टयम जिले के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। अगले दो तीन दिनों में यहां में 20 सेमी से ज्यादा बारिश होने की आशंका है। संवेदनशील इलाकों से लोगों को शिविरों में पहुंचा दिया गया है। दूसरी ओर, मौसम की भविष्यवाणी करने वाली निजी एजेंसी स्काईमेट का कहना है कि जुलाई में भले ही मानसून ने थोड़ी सी रफ्तार पकड़ ली है। लेकिन अल-नीनो का प्रभाव व्यापक स्तर पर पड़ने वाला है। फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार ने देश के लोगों से बाढ़ पर ट्वीट करने की जगह दान करने की अपील की है। 
उधर, उत्तर बिहार की नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी है। मोतिहारी में सिकरहना नदी खतरे के निशान से ऊपर तो लालबकेया खतरे के निशान से नीचे रही। सीतामढ़ी में बागमती, लखनदेई, लाल बकेया और अधवारा समूह की नदियों के जलस्तर में कमी आई है। शिवहर में बागमती का पानी मुख्य धारा में सिमट गया है। दरभंगा के कुशेश्वरस्थान पूर्वी में कोसी और बागमती के जलस्तर में वृद्धि देखी गई। गंडक के जलस्तर में कमी आई है। इस बीच अलग-अलग जगहों पर डूबने और सर्पदंश से पांच लोगों की मौत हो गई है। ढाका में राहत और प्रखंड को बाढ़ग्रस्त घोषित करने की मांग को लेकर अनुमंडल कार्यालय पर ग्रामीणों ने पथराव किया।
Posted By: Krishna Bihari Singh

Source: Jagran.com

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