हिरासत के बाद धरने पर बैठी प्रियंका, भाई राहुल गांधी का भी मिला साथ

नई दिल्ली: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने शुक्रवार को वाराणसी के एक अस्पताल में सोनभद्र हत्याकांड में जख्मी हुए लोगों से मुलाकात की. वे सड़क मार्ग से सोनभद्र रवाना हुईं, लेकिन पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने उनके काफिले को नारायणपुर में रोक दिया. इसके बाद प्रियंका सड़क पर धरने पर बैठ गईं. उन्होंने कहा कि मैं सिर्फ चार लोगों के साथ पीड़ित परिवारों से मिलना चाहती हूं. मुझे रोकने और गिरफ्तार करने के लिए पुलिस को ऊपर से फोन आया है.

Priyanka Gandhi Vadra in Narayanpur on if she has been arrested: Yes, we still won’t be cowed down. We were only going peacefully to meet victim families(of Sonbhadra firing case). I don’t know where are they taking me, we are ready to go anywhere.’ pic.twitter.com/q1bwkucl0g
— ANI UP (@ANINewsUP) July 19, 2019
इसके बाद अधिकारी प्रियंका गांधी और कुछ कांग्रेस नेताओं को सरकारी गाड़ी में बैठाकर मिर्जापुर स्थित चुनार गेस्ट हाउस ले गए. प्रियंका यहां भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर बैठ गईं. उन्होंने कहा कि मैं सोनभद्र जाए बगैर नहीं लौटूंगी. पुलिस के आला अफसरों ने कहा है कि प्रियंका को गिरफ्तार नहीं किया गया. कानून व्यवस्था को देखते हुए सोनभद्र में धारा 144 लागू है. यहां के घोरावल इलाके में 17 जुलाई को जमीन विवाद में 10 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. पुलिस मुख्य आरोपी ग्राम प्रधान यज्ञदत्त भोर्तिया समेत 27 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है.

General Secretary UP East @priyankagandhi addresses the media after being stopped by the UP Police while she was on the way to meet the families of the deceased. #UPmeinJungleRaj pic.twitter.com/ILuxiJsTBQ
— Congress (@INCIndia) July 19, 2019

भाजपा के राज में असुरक्षा बढ़ रही है: राहुल गांधी

The illegal arrest of Priyanka in Sonbhadra, UP, is disturbing. This arbitrary application of power, to prevent her from meeting families of the 10 Adivasi farmers brutally gunned down for refusing to vacate their own land, reveals the BJP Govt’s increasing insecurity in UP. pic.twitter.com/D1rty8KJVq
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 19, 2019

प्रियंका गांधी के हिरासत में लिए जाने पर राहुल गांधी ने ट्वीट करते हुए एक वीडियो शेयर किया है. राहुल गांधी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में प्रियंका गांधी को गैर-कानूनी तरीके गिरफ्तार करना विचलित करने वाला है.  उन्हें मारे गए 10 आदिवासियों के परिवार जिन्होंने अपनी जमीन खाली करने से इनकार कर दिया था से मिलने से रोकना सत्ता का दुरुपयोग है. यह भाजपा सरकार की बढ़ती असुरक्षा का खुलासा करती है.
उत्तर प्रदेश विधानसभा में गूंदा सोनभद्र का मुद्दा
वहीं सोनभद्र मामले की गूंज आज उत्तर प्रदेश विधानसभा में सुनाई दी. विपक्षी पार्टियों ने आरोप लगया कि प्रदेश में योगी सरकार कानून व्यवस्था बनाए रखने में असफल रही है. हालांकि सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार इस मामले में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई केरगी. उन्होंने कहा, ” इम मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हो रही है. अब तक मामले में मुख्य आरोपी प्रधान समेत 25 लोगों को हिरासत में ले लिया गया है.” योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा, ”दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. सोनभद्र में हुई हत्या की जांच कमिटी केरगी. जो भी दोषी हैं उनको छोड़ा नहीं जाएगा.”सोनभद्र मामले पर विपक्ष हमलावर?
बता दें कि सोनभद्र हत्याकांड को लेकर कानून व्यवस्था के मुद्दे पर विपक्षी दल यूपी की योगी आदित्यानाथ की सरकार पर हमलावर है. गुरुवार को कंग्रेस नेता अजय कुमार लल्लू ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की. अब प्रियंका गांधी वाड्रा भी शुक्रवार की सुबह पीड़ित परिवारों से मिलने वाराणसी और सोनभद्र पहुंची. इससे पहले भी प्रियंका गांधी सोनभद्र हत्याकांड को लेकर यूपी सरकार पर जमकर निशाना साधा चुकी हैं.
क्या है मामला?
सोनभद्र में घोरावल थाना क्षेत्र के उधा गांव में ग्राम प्रधान यज्ञदत्त ने एक आईएएस अधिकारी से खरीदी गई 90 बीघा जमीन पर कब्जे के लिए बड़ी संख्या में अपने साथियों के साथ पहुंचकर जमीन जोतने की कोशिश की. विरोध करने पर उसकी तरफ के लोगों ने स्थानीय ग्रामीणों पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं. इस वारदात में नौ लोगों की मौके पर ही मौत हो गयी. एक घायल ने बाद में दम तोड़ दिया. 18 अन्य जख्मी हो गए.
प्रशासनिक अधिकारी गुरुवार शाम लगभग पांच बजे मृतकों के शव लेकर उभ्भा गांव पहुंचे. शवों को देखते ही पूरे गांव में कोहराम मच गया. शवों को दफ़नाने के स्थान को लेकर प्रशासन एवं ग्रामीणों में विवाद की स्थिति पैदा हो गई. गांव वालों की मांग थी कि जहां गोली चली है, शवों को उसी ज़मीन में दफ़नाया जाए जबकि प्रशासन का कहना था कि परम्परागत स्थान पर ही दफ़नाया जाएगा. अंतत: देर रात मामले में गतिरोध समाप्त हो गया और अधिकारियों ने ग्रामीणों को उनकी जिद छोड़ने के लिए मना लिया.
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Source: HW News

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