विश्व बैंक ने दिया झटका, चंद्रबाबू नायडू की अमरावती परियोजना से ‘हाथ खींचा’

नई दिल्ली: विश्व बैंक ने आंध्र प्रदेश की नई राजधानी अमरावती के निर्माण के लिए राज्य को 300 मिलियन डॉलर (लगभग 2,065 करोड़ रुपये) के ऋण देने की अपनी योजना को रद्द कर दिया है. हम आपको ऐसा इसलिए कह रहे है क्योंकि वर्ल्ड बैंक ने अपने आधिकारिक वेबसाइट पर इस परियोजना का दर्जा ”Dropped” यानी कि ‘‘छोड़ दी गई’’ किया हुआ है. हालांकि, बैंक ने इसका कोई कारण नहीं बताया.

वर्ल्ड बैंक के अधिकारियों ने भी इस मामले में पूछे गए प्रश्नों का उत्तर नहीं दिया. बताया जा रहा है कि वर्ल्ड बैंक ने यह फैसला नागरिक समाज समूहों से शिकायतें मिलने के बाद किया है, जिसमें कहा गया गया था कि इस परियोजना में हजारों लोग विस्थापित हो गए थे और सरकार ने जबरन खेती की जमीनों का अधिग्रहण किया था.
वर्ल्ड बैंक के इस फैसले से आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के सपनों की राजधानी में एक बड़ी बाधा आ खड़ी हुई है. दरअसल, राजधानी अमरावती में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए चंद्रबाबू नायडू ने विश्व बैंक से बात की थी और विश्व बैंक विकास के इस कार्य के लिए 300 मिलियन डॉलर उधार देने की बात पर विचार भी कर रहा था. लेकिन, अब विश्व बैंक ने पूर्व सीएम नायडू के इस प्रस्ताव को गिरा दिया है.

बता दें कि इस प्रस्ताव के खिलाफ कई गैर सरकारी संगठनों ने आपत्ति जताई थी जिसमें अंतरराष्ट्रीय निकाय द्वारा निरीक्षण रिपोर्ट मांगी गई थी. जनवरी में निरीक्षण रिपोर्ट के जारी करने के बाद इसी के आधार पर विश्व बैंक ने नायडू के इस प्रस्ताव पर विचार करने से मना कर दिया.
गौरतलब है कि राज्य में सत्ता में रहते हुए नायडू ने यह प्रस्ताव विश्व बैंक के सामने रखा था. हालांकि, अब वो प्रदेश सरकार से बाहर हो गए हैं. अब वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी आंध्र प्रदेश की मुख्यमंत्री हैं. उनकी पार्टी वाईएसआरसीपी ने हाल ही में लोकसभा चुनावों के साथ संपन्न विधानसभा चुनावों में प्रदेश की 175 सीटों में से 151 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया था.
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Source: HW News

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