15 से 22 जुलाई तक नई दिल्ली से चलने वाली 80 ट्रेनें रद्द, 57 के रूट बदले

18 से 21 जुलाई तक सबसे ज्यादा परेशानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रेलवे ने नई दिल्ली आने या नई दिल्ली से जाने वाली 80 ट्रेनें रद्द ही नहीं की हैं, यहां से गुजरने वाली 57 दूसरी ट्रेनों का रूट भी बदल दिया है। रेलवे को इतना बड़ा कदम इसलिए उठाना पड़ा है, क्योंकि नई दिल्ली से तिलक ब्रिज स्टेशनों के बीच पांचवीं एवं छठी लाइन शुरू करने के लिए इस दौरान नॉन इंटरलॉकिंग का काम होना है। यात्रियों को सबसे ज्यादा दिक्कत 18 जुलाई से 21 जुलाई के बीच पेश आएगी, जब सबसे ज्यादा ट्रेनें रद्द की गई हैं। आगे नई दिल्ली से आसान होगा सफर रेलवे का दावा है कि इन दोनों नई लाइनों के शुरू हो जाने के बाद नई दिल्ली से ट्रेनों का परिचालन आसान होगा और गाड़ियों को समय पर चलाने में मदद मिलेगी। जानकारी के अनुसार अभी नई दिल्ली से तिलक ब्रिज स्टेशनों के बीच सिर्फ चार लाइनें हैं, जिससे ट्रैफिक का भारी दबाव रहता है और ये संख्या ट्रेनों के नंबर के हिसाब से पर्याप्त नहीं है। इसलिए अक्सर ट्रेनें लेट हो जाती हैं और ट्रेनों के पहुंचने के बावजूद उन्हें प्लेटफॉर्म पर लेने में कई बार काफी इंतजार करना पड़ जाता है। अक्सर ये भी देखा जाता है कि दूर से आने वाली गाड़ियों के पैसेंजर भी देरी होने की वजह से नई दिल्ली से पहले ही तिलक ब्रिज या शिवाजी ब्रिज स्टेशनों पर ही उतर जाते हैं, जिसके चलते उन्हें कई बार काफी मुश्किलों का सामना भी करना पड़ता है। चार गुना से ज्यादा बढ़ गई हैं ट्रेनें नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर ट्रैफिक का कितना दबाव है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 1978 में जब तिलक ब्रिज स्टेशन बना था, तब लगभग 80 ट्रेनें ही चलती थीं। जबकि, आज की तारीख में यहां से गुजरने वाली रेलगाड़ियों की तादाद करीब 350 हो चुकी है। 2.6 किलोमीटर में नई रेल लाइनों के विस्तार पर करीब 140 करोड़ रुपये की लागत आई है। ये जानकारी रेलवे के चीफ पीआरओ दीपक कुमार के हवाले से सामने आई है। इसलिए यात्रियों के लिए बेहतर होगा कि वो बताई गई तारीखों में यात्रा करने से पहले एक बार अपनी ट्रेन के बारे में पूरी जानकारी जरूर प्राप्त कर लें।
Source: OneIndia Hindi

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