थर्डहैंड स्मोकिंग भी बिगाड़ रही सेहत, शोध में आया सामने, जानिए कैसे?

Publish Date:Sun, 30 Jun 2019 01:13 PM (IST)

नई दिल्ली [जागरण स्पेशल]। अगर आप किसी सिगरेट पीने वाले के पास रहते हैं या उसके पास से गुजर रहे हैं, फिर आप सोचते हैं कि इससे आपको कोई नुकसान नहीं होगा तो आप गलत हैं। एक शोध में सामने आया है कि सिगरेट पीने वाले या उसके पास रहने वाले भी थर्डहैंड स्मोकिंग का शिकार होते हैं। उनकी सेहत पर भी उतना ही असर पड़ता है जितना पीने वाले पर।
ताजा शोध के मुताबिक, थर्डहैंड स्मोकिंग से भी हमारे श्वसन तंत्र की कोशिकाओं को बड़ी क्षति पहुंच सकती है। धूमपान करने के बाद कपड़े, तौलिए, पर्दे, फर्नीचर पर जम जाने वाले धुएं के संपर्क में आने को थर्डहैंड स्मोकिंग कहा जाता है। ये जमे हुए कण फिर हवा में घुल जाते हैं और धूमपान नहीं करने वाले भी इनका शिकार हो जाते हैं।
विशेषतौर पर घर में अगर कोई धूमपान करता है, तो बच्चों के लिए थर्डहैंड स्मोकिंग का खतरा बढ़ जाता है। अध्ययन के बाद वैज्ञानिकों ने पाया कि इससे करीब 382 जीन अति सक्रिय हो जाते हैं। वहीं सात जीन ऐसे थे, जिनकी सक्रियता कम हो गई थी। बहुत थोड़े से समय में ही जीन पर टीएचएस का प्रभाव पड़ जाता है। ऐसे में वैज्ञानिकों ने टीएचएस को लेकर सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

उधर एक नई खोज में सामने आया है कि बीमारी या किसी परेशानी की स्थिति में सेल्फी लेने पर उसे डॉक्टर के साथ साझा करने पर भी मरीज को संतुष्टि मिलती है। इससे मरीज का भरोसा बढ़ जाता है और डॉक्टर से संबंध भी मजबूत होता है। दोनों के बीच सभी चीज साफ हो जाती है जिससे उसको इलाज करने में भी सुरक्षा महसूस होती है।
इस संबंध में अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं ने मरीजों, चिकित्सकों और मरीज की देखभाल करने वालों से डाटा जुटाया। इसी तरह कुछ परिजनों से अपने चोटिल बच्चों के घाव की तस्वीर लेकर सर्जन से बात करने को कहा गया। सभी का मानना था कि ऐसा करने से इलाज की प्रक्रिया पर उनका भरोसा बढ़ जाता है। आमतौर पर घर पहुंचने के बाद लगता है कि अब कुछ भी जानने के लिए अस्पताल ही आना पड़ेगा। ऐसे में तस्वीर भेजकर जानकारी मिलने का भरोसा बहुत काम आता है।
Posted By: Vinay Tiwari

Source: Jagran.com

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