सुरक्षाबलों के कड़े पहरे में अमरनाथ यात्रा का पहला जत्था रवाना, ‘बाबा बर्फानी’ के दर्शन को निकले श्रद्धालु

Publish Date:Sun, 30 Jun 2019 12:56 PM (IST)

जम्मू, जेएनएन। जम्मू से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच श्री अमरनाथ यात्रा का पहला जत्था आज सुबह रवाना हो गया। जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्य पाल मलिक के सलाहकार केके शर्मा ने अमरनाथ यात्रा के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। श्री अमरनाथ यात्रा के पहले जत्थे के साथ दर्शनों के लिए कल से ही श्रद्धालु यहां पहुंचने लगे थे।
ऊधमपुर: जिला प्रशासन और स्थानीय लोगों ने टीकरी में अमरनाथ यात्रा के लिए श्रद्धालुओं के पहले जत्थे का स्वागत किया

Udhampur: District administration and locals welcomed the first batch of devotees for #AmarnathYatra, at Tikri. #JammuAndKashmir pic.twitter.com/5xasrLxUY9
— ANI (@ANI)
June 30, 2019

कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बीच बम बम भोले, जय बाबा बर्फानी के जयकारे लगाते हुए बाबा अमरनाथ यात्रा के लिए श्रद्धालुओं का पहला जत्था रविवार सुबह पहलगाम और बालटाल लिए रवाना हो गया। अमरनाथ यात्रा के बेस कैंप भगवती नगर जम्मू में राज्यपाल के सलाहकार केके शर्मा ने जत्थे को झंडी दिखाकर रवाना किया। बाबा अमरनाथ की यात्रा एक जुलाई से शुरु हो रही है जो 46 दिन तक चल कर रक्षा बंधन के दिन पंद्रह अगस्त को संपन्न होगी। बालटाल मार्ग से पहुंचने वाले श्रद्धालु एक जुलाई सोमवार को पहले दर्शन करेंगे।

बाबा बर्फानी पवित्र गुफा में इस समय पूरे आकार में विराजमान है। जत्थे के साथ सीआरपीएफ और पुलिस की सुरक्षा टीमें भी रवाना हुई है। स्वास्थ्य विभाग की एम्बुलेंस भी यात्रा के गई है। बाबा अमरनाथ की यात्रा के लिए रवाना हुए श्रद्धालुओं में भारी उत्साह नजर आया। गाड़ियों और राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में सवार हुए श्रद्धालु बम बम भोले के जयकारें लगा रहे थे। यात्रा के जत्थे को रवाना करते हुए राज्यपाल के सलाहकार केके शर्मा ने श्रद्धालुओं की सफल यात्रा की मुबारकबाद दी। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधाओं और सुरक्षा के लिए पर्याप्त प्रबंध किए है। समारोह में जम्मू के मेयर चंद्र मोहन गुप्ता, डिवीजनल कमिश्नर जम्मू संजीव वर्मा, पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।श्रद्धालुओं में अमरनाथ यात्रा को लेकर गजब का उत्साह दिखा।कड़ी सुरक्षा व्ववस्था के बीच जम्मू बेस कैंप से अमरनाथ यात्रा का पहला जत्था रवाना हुआ।
40 हजार जवान सिर्फ सुरक्षा बंदोबस्त मेंसमुद्र तल से करीब 3888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित श्री अमरनाथ की पवित्र गुफा की तीर्थयात्रा की इस बार ऐसी घेराबंदी की गई है कि परिंदा भी पर नहीं मार सकेगा। जिहादी और अराजक तत्वों को दूर-दूर तक फटकने नहीं दिया जाएगा। हेलीकॉप्टर, सीसीटीवी कैमरे, आरआइएफ टैग और बार कोड श्रद्धालुओं व उनके वाहनों की निगरानी करेंगे। वहीं, ड्रोन व खोजी कुत्तों के अलावा अत्याधुनिक उपकरणों व हथियारों से लैस लगभग 40 हजार सुरक्षाकर्मी उनकी रखवाली करेंगे।

पहला दर्शन सोमवार को होगा। यात्रा 15 अगस्त तक चलेगी। आरआइएफडी तकनीक का लगातार दूसरे साल, जबकि बार कोड पर्ची पहली बार इस्तेमाल होगी। अमरनाथ यात्रा पूरे देश में सबसे लंबी अवधि तक चलने वाली कठिन तीर्थ यात्राओं में एक है। सिर्फ मौसम और यात्रा मार्ग की भौगोलिक परिस्थितियां ही इसे मुश्किल नहीं बनाती, बल्कि आतंकी हमले की आशंका इसे और चुनौतीपूर्ण बनाती है। यात्रियों को नुनवन, पहलगाम और शेषनाग के पास आतंकी कई बार निशाना बना चुके हैं। श्रद्धालुओं के वाहनों पर बालटाल, कंगन, गांदरबल, अनंतनाग और बिजबेहाड़ा में ग्रेनेड हमले भी किए गए। 10 जुलाई 2017 को लश्कर के आतंकियों ने दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं की बस को दक्षिण कश्मीर में श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर निशाना बनाया था। इसमें आठ श्रद्धालुओं की मौत हुई थी।
हालांकि, इस बार किसी भी आतंकी संगठन ने यात्रा को निशाना बनाने की धमकी नहीं दी है, लेकिन वह श्रद्धालुओं को निशाना बनाने का हर संभव मौका तलाश रहे हैं। खुफिया एजेंसियों ने इस संदर्भ में सुरक्षाबलों के अलर्ट भी जारी कर रखा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गत बुधवार को यात्रा के सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा की थी। आतंकियों को यात्रा मार्ग से पूरी तरह दूर रखने और श्रद्धालुओं को शांत, सुरक्षित और विश्वासपूर्ण माहौल प्रदान करने के लिए सेना, पुलिस, सीआरपीएफ, बीएसएफ, एसएसबी समेत सभी सुरक्षा एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं।
Posted By: Shashank Pandey

Source: Jagran.com

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