Groundwater level: भारत में भूमिगत जल संकट हुआ विकट, 16 फीसद इलाकों में अत्यधिक दोहन

Publish Date:Sun, 30 Jun 2019 03:53 PM (IST)

नई दिल्ली, प्रेट्र। देश के 16 फीसद तालुका, मंडल, ब्लॉक स्तरीय इकाइयों में भूमिगत जल का अत्यधिक दोहन हुआ है। जबकि देश के चार फीसद इलाकों में भूमिगत जल का स्तर इतना गिर चुका है कि इसे ‘विकट स्थिति’ बताया जा रहा है। हद से ज्यादा भूजल का दोहन करने वाले राज्य हैं-: पंजाब (76 फीसद), राजस्थान (66 फीसद), दिल्ली (56 फीसद) और हरियाणा (54 फीसद) है।
केंद्र सरकार के पिछले हफ्ते लोकसभा से साझा किए केंद्रीय भूमिगत जल बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार इस सरकारी संस्थान ने 6,584 ब्लाक, मंडलों, तहसीलों के भूजल के स्तर का मुआयना किया है। इनमें से केवल 4,520 इकाइयां ही सुरक्षित हैं। जबकि 1,034 इकाइयों को अत्यधिक दोहन की जाने वाली श्रेणी में डाला गया है। इसमें करीब 681 ब्लाक, मंडल, तालुका के भूजल स्तर में (जोकि कुल संख्या का दस फीसद है) अ‌र्द्ध विकट श्रेणी में रखा गया है। जबकि 253 को विकट श्रेणी में रखा गया है।
यह आंकड़े सरकार के वर्ष 2013 के मूल्यांकन के आधार पर हैं। वर्ष 2013 के मूल्यांकन के अनुसार कुल 6,584 ब्लाक, तालुका, मंडलों, जल क्षेत्रों में 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 1,034 इकाइयों का अत्यधिक दोहन किया गया है। इसके चलते भूजल स्तर बहुत नीचे चला गया है। अत्यधिक दोहन वाले वह स्थान कहे जाते हैं जहां लंबी अवधि में जलस्तर में कमी देखी गई हो।

जल शक्ति राज्य मंत्री ने पिछले हफ्ते संसद को बताया था कि 253 इकाइयों की स्थिति बेहद विकट है। 681 को अ‌र्द्ध विकट और 4,520 इकाइयों को सुरक्षित बताया गया। जिन राज्यों में भूमिगत जल का अत्यधिक दोहन नहीं हुआ है, वह हैं:- पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, त्रिपुरा, ओडिशा, नगालैंड, मेघालय, मिजोरम, मणिपुर, जम्मू और कश्मीर, असम, अरुणाचल प्रदेश और गोवा। जबकि अरुणाचल, असम, गोवा, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, अंडमान एंड निकोबार, चंडीगढ़, दादरा एंड नगर हवेली को सुरक्षित श्रेणी में रखा गया है।
Posted By: Ayushi Tyagi

Source: Jagran.com

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