G20 Osaka Summit 2019: प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्‍ट्रपति ट्रंप की बैठक में टैरिफ होगा अहम मुद्दा

Publish Date:Thu, 27 Jun 2019 03:48 PM (IST)

नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। जापान के ओसाका में आयोजित हो रहा जी-20 शिखर सम्मेलन भारत के लिए व्यापारिक दृष्टि से बड़ा महत्वपूर्ण रहने वाला है। खासकर अमेरिका और भारत के व्यापारिक रिश्तो में हाल ही में आए तनाव को लेकर इस सम्मेलन को अहम माना जा रहा है। गौरतलब है कि इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बैठक होने वाली है जिसमें भारत की ओर से हाल ही बढ़ाए गया टैरिफ एक बड़ा मुद्दा होगा।जी-20 शिखर सम्मेलन में जाने से पहले गुरुवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी उत्पादों पर भारत द्वारा लगाये जाने वाला उच्च शुल्क ‘अस्वीकार्य’ है और उसे वापस लिया जाना चाहिए। जापान के ओसाका में जी-20 शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक से पहले उन्होंने यह बात कही है। राष्ट्रपति ट्रंप ने बृहस्पतिवार की सुबह ट्वीट किया, ”मैं प्रधानमंत्री मोदी से इस संबंध में बात करना चाहता हूं कि भारत ने वर्षों से अमेरिका के खिलाफ ऊंचा शुल्क लगा रखा है और हाल के दिनों में उसे और बढ़ा दिया है। यह अस्वीकार्य है और शुल्क को निश्चित रूप से वापस लिया जाना चाहिए।”
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी20 समिट से इतर जापान के प्रधानमंत्री शिंजो एबी से मुलाकात की।   

#WATCH Prime Minister Narendra Modi meets Japan Prime Minister Shinzo Abe on the sidelines of the #G20Summit in Osaka, Japan. pic.twitter.com/grd7Ews0Je— ANI (@ANI)
June 27, 2019

गौरतलब है कि ट्रंप जी-20 शिखर सम्मेलन से इतर शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी से द्विपक्षीय मुलाकात करेंगे। आम चुनाव में भाजपा की शानदार जीत के बाद मोदी के साथ उनकी यह पहली बैठक होगी। ट्रंप और मोदी की यह बैठक ऐसे समय में काफी अहम मानी जा रही है जब व्यापार और अर्थव्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर दोनों देशों के संबद्धों में एक तरह की कड़वाहट देखने को मिल रही है। अमेरिका द्वारा भारत को तरजीही व्यवस्था से बाहर किये जाने के जवाब में हाल में भारत ने अमेरिका से आयातित 28 वस्तुओं पर शुल्क बढ़ा दिये थे। 
क्या है जी-20 समिटजी-20 की शुरुआत 1999 में हुई थी और भारत इसके सभी सम्मेलनों में हिस्सा ले चुका है। हमारा देश पहली बार 2022 में जी-20 समिट की मेजबानी करने वाला है। जी-20 में 19 देश और यूरोपीय संघ शामिल है। जी-20 के नेता वर्ष में एक बार साथ मिलते हैं और बैठकें करते हैं। जी-20 के सदस्य देश दुनिया के 85 फीसद सकल घरेलू उत्पादन, 75 फीसद वैश्विक व्यापार और दुनिया की दो तिहाई आबादी का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। पहले इस सम्मेलन में भिन्न-भिन्न देशों के वित्त मंत्री और केंद्रीय बैंकों के गवर्नर भाग लेते थे। इसके बाद साल 2008 से इस सम्मेलन में देशों के प्रमुखों ने भाग लेना शुरू किया। जी-20 अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग के प्रमुख वैश्विक मंच के रूप में उभरकर आया है।
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Posted By: Pawan Jayaswal

Source: jagran.com

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