ममता का फरमान, बंगाल में रहना है तो बांग्ला सीखो

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को बांग्ला कार्ड खेलते हुए कहा है कि पश्चिम बंगाल में रहने वालों को बांग्ला बोलना सीखना होगा. इस दौरान तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ने यह भी दोहराया कि बाहरी लोग राज्य में डॉक्टरों के आंदोलन को उकसा रहे हैं. इस आंदोलन के चलते उनकी सरकार घिरी हुई है. ममता ने भाजपा पर बंगालियों और अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने का आरोप भी लगाया.उन्होंने पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हमें बांग्ला को आगे लाना होगा. जब मैं बिहार, यूपी, पंजाब जाती हूं तो वहां की भाषा बोलती हूं. अगर आप पश्चिम बंगाल में रहते हैं तो आपको बांग्ला बोलनी होगी. बाहरी लोग डॉक्टरों को उकसा रहे हैं. मैंने सही कहा था कि वे कल के प्रदर्शन में शामिल थे. मैंने (एसएसकेएम अस्पताल में) कुछ बाहरी लोगों को नारेबाजी करते हुए देखा.’’ईवीएम में गड़बड़ी का आरोप फिर से लगायाममता ने आरोप लगाया कि हाल में हुए लोकसभा चुनावों में ईवीएम में ‘‘गड़बड़ी’’ की गई थी. उन्होंने कहा कि चुनाव कराने के लिए मतपत्रों का इस्तेमाल होना चाहिए. मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘सिर्फ इसलिए कि वे (भाजपा) ईवीएम में गड़बड़ी करके कुछ सीटें जीत गए, इसका मतलब यह नहीं कि वे बंगालियों और अल्पसंख्यकों को पीट सकते हैं. हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे.’’फरमान जारी, पश्चिम बंगाल में रहेंगे तो बांग्ला बोलनी होगीउन्होंने कहा, ‘‘पुलिस हंगामा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेगी. अगर कोई बंगाल में रह रहा है तो उसे बांग्ला (भाषा) सीखनी पड़ेगी.’’ममता बनर्जी ने कहा कि मैं ऐसे अपराधियों को बर्दाश्त नहीं करूंगी जो बंगाल में रहते हैं और बाइक पर घूमते हैं. ममता बनर्जी ने भाजपा पर हमला बोलते हुए यह भी कहा है कि वो पश्चिम बंगाल को गुजरात नहीं बनने देंगीं.Loading… बीजेपी ने ममता को डॉक्टरों की हड़ताल के मामले में निशाने पर लियाबीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय ने डॉक्टरों की हड़ताल को लेकर ममता बनर्जी पर निशाना साधा है. उन्होंने ममता बनर्जी के लिए लिखा, ‘आपके अहंकार के कारण पिछले चार दिनों में कितने लोगों ने मौत का दरवाजा खटखटाया है… कुछ तो शर्म करो…’प. बंगाल में डॉक्टर दे रहे हैं सामूहिक इस्तीफाबता दें कि शुक्रवार को लगातार चौथे दिन डॉक्टरों की हड़ताल के चलते कई अस्पतालों में चिकित्सा सेवाएं ठप रही हैं. राज्य में कई डॉक्टर सामूहिक इस्तीफा भी दे चुके हैं. दोपहर तक आई ख़बर के मुताबिक इस्तीफा देने वाले 43 डॉक्टर्स में से 16 आरजी कार मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल कोलकाता के हैं, जबकि 27 दूसरे डॉक्टर नॉर्थ बंगाल मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल दार्जिलिंग के हैं.ताजा ख़बर के अनुसार इस्तीफा देने वाले डॉक्टर्स की संख्या बढ़कर 119 हो चुकी है. हालांकि यह नहीं पता चल सका है कि किस हॉस्पिटल से कितने डॉक्टर हैं?हाईकोर्ट ने भी लगाई है ममता बनर्जी को फटकारइस मामले में कोलकाता हाईकोर्ट ने भी ममता बनर्जी को फटकार लगाई है और डॉक्टरों से बातचीत न करके मामला न सुलझाने की वजह पूछी है. इसके अलावा उन्होंने यह भी पूछा है कि डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए सरकार ने अभी तक क्या किया है? इन सवालों का जवाब देने के लिए सरकार को हाईकोर्ट की ओर से एक सप्ताह का वक्त दिया गया है.यह भी पढें: हड़ताल में देश भर से शामिल हुए 3.5 लाख डॉक्‍टरHC ने CM ममता से पूछा- डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए क्या किया?एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स
Source: News18 News

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