डॉक्टर्स स्ट्राइक: जान बचाने वालों की आज जान पर बन आई है

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन से मुलाकात के बाद भी एम्स के डॉक्टर ने हड़ताल खत्म नहीं किया है. एसोसिएशन की तरफ से कहा गया है कि इस बारे में वो मीटिंग के बाद ही फैसला लेंगे.

Vivek Anand | News18Hindi

Updated: June 14, 2019, 7:26 PM IST

देखिए… यहां हमें कोई दिक्कत नहीं है. यहां पहले सिक्योरिटी को लेकर इश्यू हुए हैं. लेकिन यहां तो मरीजों के परिजनों से निपटने के लिए बाउंसर्स तक रखे गए हैं. यहां हमें दिक्कत नहीं है. लेकिन जैसा बंगाल में हुआ या उसी तरह से देश के दूसरे हिस्सों में डॉक्टरों के साथ हो रहा है, वो ठीक नहीं है. डॉक्टरों की सुरक्षा के इंतजाम करने होंगे. सरकार को इस दिशा में सख्त कदम उठाने चाहिए. एम्स के गायनी डिपार्टमेंट की डॉक्टर स्वाति तोमर रेजीडेंट डॉक्टर्स की स्ट्राइक में शामिल हैं. उन्होंने अपने माथे पर नकली मरहम पट्टी लगा रखी है. हाथ में इंसाफ की मांग वाला पोस्टर है. एम्स के सभागार में रेजीडेंट डॉक्टर्स स्ट्राइक पर बैठे हैं. विरोध के तौर पर किसी ने अपने माथे पर नकली मरहम पट्टी बांध रखी है तो किसी ने हाथ में नकली प्लास्टर चढ़ा रखा है. रेजीडेंट डॉक्टर्स छोटे-छोटे झुंड में बैठकर बंगाल में डॉक्टरों के ऊपर हुए हमले के विरोध में हड़ताल पर बैठे हैं.एम्स के हर डिपार्टमेंट के रेजीडेंट डॉक्टर थोड़ी-थोड़ी देर में अपनी बात रख रहे हैं. डॉक्टर अलका कहती हैं- हम लोगों की जिंदगी बचाने की लड़ाई लड़ते हैं, आज हमें अपनी हिफाजत की लड़ाई लड़नी पड़ रही है. हम जान बचाने वाले लोग हैं और आज हमारी जान पर बन आई है. हमारी सुरक्षा के बंदोबस्त करने होंगे. हम इस लड़ाई को जारी रखेंगे जबतक हमारी सुरक्षा का पूरा इंतजाम नहीं हो जाता.केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात के बाद भी नहीं टूटी स्ट्राइकएम्स के रेजीडेंट डॉक्टर्स के एसोसिएशन ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन से मुलाकात की है. हर्षवर्धन ने उनकी मांगो का समर्थन किया है. एसोसिएशन की तरफ से कहा गया कि डॉक्टर हर्षवर्धन खुद डॉक्टर हैं इसलिए वो हमारी मुश्किलों से वाकिफ हैं. उन्होंने कहा है कि इस बारे में हर राज्य के मुख्यमंत्रियों से बात की जाएगी. बंगाल की सीएम ममता बनर्जी से भी वो बात करेंगे. साथ ही राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों को भी लिखा जाएगा कि डॉक्टरों की सुरक्षा के पूरे इंतजाम हो. ये मामला लॉ एंड ऑर्डर से जुड़ा हुआ है, इसलिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गृहमंत्री अमित शाह से भी बात करेंगे. डॉक्टरों की हड़ताल से मरीज बेहालहालांकि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन से मुलाकात के बाद भी एम्स के डॉक्टर ने हड़ताल खत्म नहीं किया है. एसोसिएशन की तरफ से कहा गया है कि इस बारे में वो मीटिंग करेंगे साथ ही बंगाल में डॉक्टरों के एसोसिएशन से बात की जाएगी. उसके बाद ही स्ट्राइक खत्म करने पर फैसला होगा.आप हमें ईंट मारकर काम नहीं करवा सकतेLoading… एम्स में रेजीडेंट डॉक्टर्स की हड़ताल की वजह से अफरा तफरी का माहौल है. स्ट्राइक में शामिल डॉक्टर्स का कहना है कि हम मरीजों की परेशानी समझते हैं. लेकिन देश को हमारी परेशानी भी समझनी चाहिए. इसी तरह से अगर हमारे ऊपर हमले होते रहे तो हम क्या करेंगे. डॉक्टर मानस दत्त का कहना है कि हम भगवान तो हैं नहीं कि हर मरीज की जान बचा लें. ईलाज के दौरान मरीजों की मौत होती है. ये स्वाभाविक है. मरीजों के परिजनों को ये बात समझनी होगी.क्रिटिकल पेसेंट का इलाज कर रहे डॉक्टर्स एक प्रोटोकॉल को फॉलो करते हुए मरीजों के परिजन से बात करते हैं. ऐसे मरीजों के परिजन को वास्तविक स्थिति धीरे-धीरे बताई जाती है. उन्हें सारी आशंकाओं से अवगत करवाया जाता है और लिखित में जानकारी दी जाती है कि मरीज की इस स्थिति में कुछ भी हो सकता है. इस प्रोसीजर को फॉलो करने से आसानी रहती है. लेकिन छोटे शहरों में स्थितियां अलग होती हैं. इस बात को डॉक्टर्स समझते हैं लेकिन बंगाल में डॉक्टरों की जिस बुरी तरह से पिटाई की गई, उससे ये नाराजगी और गुस्से में हैं. डॉक्टरों का कहना है कुछ भी हो, आप हमें ईंट मारकर काम नहीं करवा सकते.ये भी पढ़ें: डॉक्टरों की हड़ताल, मरीज बेहाल, रद्द हुईं रूटीन सर्जरी, लेकिन आईसीयू, इमरजेंसी सर्विस जारी!ममता दीदी का नया फरमान, बंगाल में रहने वालों को बांग्ला सीखनी होगी

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Source: News18 News

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