भारत का अमेरिका को करारा जवाब! इन 29 चीजों पर टैक्स डबल

अमेरिका को उसी की भाषा में जवाब देने के लिए भारत अमेरिका से इंपोर्ट होने वाले कई कृषि उत्पाद समेत 29 आइटम पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने जा रहा हैं. CNBC आवाज़ को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक, मोदी सरकार एग्री प्रोडक्ट, स्टील उत्पाद पर इंपोर्ट ड्यूटी डबल करने की तैयारी कर ली है. हालांकि, 800 सीसी की क्षमता वाली मोटरसाइकिल पर ड्यूटी नहीं बढ़ेगी. इसका मतलब साफ है कि अमेरिका को अब अपने प्रोडक्ट भारत में बेचने के लिए ज्यादा टैक्स चुकाना होगा. इसको लेकर सरकार की ओर से नोटिफिकेशन जल्द जारी हो सकता है. आपको बता दें कि इस पर पहले ही फैसला हो चुका हैं. लेकिन अमेरिकी सरकार से इस पर बातचीत हो रही थी. लेकिन इस पर सहमति नहीं बन पाई हैं.वित्त वर्ष 2017-18 में भारत का अमेरिका को एक्सपोर्ट 47.9 अरब डॉलर था जबकि इंपोर्ट  26.7 अरब डॉलर का हुआ था. इस तरह व्यापार संतुलन भारत के पक्ष में रहा था.मोदी सरकार का बड़ा फैसला- सरकार ने बादाम, अखरोट और दालों समेत 29 अमेरिकी वस्तुओं पर 16 जून से जवाबी आयात शुल्क लगाने का फैसला किया है. इससे पहले सरकार इसे लागू करने की समयसीमा को कई बार बढ़ा चुकी है. सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि वित्त मंत्रालय बहुत जल्द इस बारे में अधिसूचना जारी करेगा.सरकार के इस कदम से इन 29 वस्तुओं का निर्यात करने वाले अमेरिकी निर्यातकों को अब ऊंचा शुल्क चुकाना होगा. इससे देश को 21.7 करोड़ डॉलर का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा.ये भी पढ़ें-प्राइवेट जॉब करने वालों के लिए सरकारी नौकरी में भर्ती शुरू! जानिए कहां हैं मौकेइन प्रोडक्ट पर बढ़ सकती हैं ड्यूटी>> काबूली चने पर 30 फीसदी से बढ़ाकर ड्यूटी 70 फीसदी करने की तैयारी है.>> चने पर ड्यूटी 30 फीसदी से से बढ़ाकर 70 फीसदी हो सकती है.Loading… >> वहीं, मसूर दाल पर 30 फीसदी से बढ़ाकर 70 फीसदी हो सकती है.>> सेब पर 50 फीसदी की जगह अब 75 फीसदी टैक्स लगेगा.>> साबूत अखरोट पर 30 फीसदी की बजाय 120 फीसदी टैक्स लगेगा>> आयरन के फ्लैट रोल्ड प्रोडक्ट 15 फीसदी  से बढ़कर 27.5 फीसदी करने की तैयारी है>> स्टील के फ्लैट रोल्ड प्रोडक्ट 15 फीसदी से बढ़कर 22.5 फीसदी हो सकता है.क्यों लिया ये फैसला- आपको बता दें कि जून महीने की शुरुआत में भारत को 44 साल पहले मिला कारोबारी वरीयता का दर्जा वापस ले लिया है. डोनाल्ड ट्रम्प सरकार ने कहा है कि पांच जनू से भारत के करीब 2000 उत्पादों को प्रवेश शुल्क में दी गई छूट को खत्म कर दिया था. इस फैसले से भारत के कुछ उत्पाद अमेरिकी बाजार में महंगे हो गए हैं. भारत की प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता प्रभावित हुई है.(ये भी पढ़ें-मोदी सरकार का तोहफा, अब 14 दिन में किसानों को मिलेगा KCC)क्या है जीपीएस स्कीम- जीपीएस स्कीम के तहत अमेरिका चुनिंदा देशों के हजारों उत्पादों को शुल्क से छूट देकर आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने का काम करता है. इसमें ज्यादातर विकासशील देश आते हैं. लगभग 120 विकासशील देशों को जीपीएस का लाभ मिलता है.(लक्ष्मण रॉय, इकोनॉमिक-पॉलिसी एडिटर, CNBC आवाज़)
Source: News18 News

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