मदरसों से नाथूराम गोडसे, प्रज्ञा ठाकुर जैसे लोग पैदा नहीं होते – आज़म खान

नई दिल्ली: मुख्यधारा की शिक्षा को देशभर के मदरसों से जोड़ने के केंद्र के फैसले पर समाजवाद पार्टी के नेता और रामपुर से सांसद आजम खान ने विवादित बयान दिया है. उन्होंने मंगलवार को कहा कि मदरसों की प्रकृति नाथूराम गोडसे या प्रज्ञा सिंह ठाकुर जैसी शख्सियत नहीं पैदा करने वाली नहीं है। अगर सरकार मदरसों की मदद करना चाहती है तो उनकी बिल्डिंग बनवाए और सुविधाएं बढ़ाई जाएं। केंद्र सरकार अगले 5 साल में अल्पसंख्यक समुदाय के 5 करोड़ छात्रों को छात्रवृत्ति देने की योजना जुलाई से शुरू करेगी। इसके अलावा मदरसों में कम्प्यूटर, गणित और विज्ञान जैसे विषय भी पढ़ाए जाएंगे।
रामपुर के सांसद आजम ने कहा कि मदरसों में मजहबी तालीम दी जाती है। इसके साथ बच्चों को अंग्रेजी, हिंदी और गणित पहले ही पढ़ाया जा रहा है। अगर सरकार मदद करना चाहती है तो मदरसों की बिल्डिंग बनाए, फर्नीचर और मिड डे मील दें। मदरसों में सुविधाएं बढ़ाई जाएं।
केंद्र ने अगले 5 साल में अल्पसंख्यक समुदाय के 5 करोड़ छात्रों को छात्रवृत्ति देने का ऐलान किया है। इनमें 50% लड़कियां शामिल होंगी। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने मंगलवार को बताया कि मदरसों के छात्रों को भी कम्प्यूटर और विज्ञान जैसे विषयों की शिक्षा सुनिश्चित की जाए, इसके लिए जुलाई से मदरसा प्रोग्राम शुरू किया जाएगा। केंद्र और राज्यों की प्रशासनिक सेवाओं, बैंक सेवाओं, एसएसी, रेलवे और दूसरी प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग की सुविधा दी जाएगी। यह सुविधा मुस्लिम, क्रिश्चियन, सिख, जैन, बौद्ध और पारसी समुदायों के आर्थिक रूप से पिछड़े छात्रों को मिलेगी।
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Source: HW News

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