मंत्रियों पर PM मोदी की सख्त नजर, हर 3 माह में लेंगे रिपोर्ट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल में आज होगी मंत्रिपरिषद की पहली बैठक (File Photo)

News18Hindi

Updated: June 12, 2019, 10:26 AM IST

मंगलवार को दिन भर कृषि मंत्रालय के अधिकारी अपने विभाग के मंत्रियों को प्रजेंटेशन देते रहे कि खेती-किसानी को कैसे आसान बनाया जाएगा. किसानों की आय कैसे बढ़ेगी. अन्य मंत्रालयों में भी इसी तरह की माथापच्ची चलती रही. टारगेट तय करके उस पर काम करने का रोडमैप बनता रहा. वजह यह है कि यह सरकार अलग स्टाइल में चल रही है, जिसमें मंत्रियों को रिजल्ट देना है, वरना उनकी छुट्टी भी हो सकती है. पीएम नरेंद्र मोदी खुद कारपोरेट स्टाइल में हर तीन माह में अपने मंत्रियों के काम की समीक्षा करेंगे.दूसरी ओर प्रधानमंत्री कार्यालय प्रतिदिन के कामकाज के आधार पर मंत्रालयों के प्रदर्शन की रिपोर्ट तैयार करेगा, ताकि जनता के लिए जो योजनाएं तैयार की जा रही हैं उसका लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे. कोई योजना फाइल में दबी न रहे.  प्रधानमंत्री की निगाह खासतौर पर उन मंत्रालयों पर है जिन पर 2022 तक अहम योजनाओं को जमीन पर उतारकर जनता को लाभ देने की जिम्मेदारी है. पीएम ने कई बड़ी योजनाओं को 2022 तक ही पूरा करने का लक्ष्य रखा है. इसी साल आजादी की 75वीं वर्षगांठ है.        मोदी सरकार की कोशिश ये है कि हर योजना जमीन पर उतरे (File Photo)2022 तक इन योजनाओं को पूरा करने का लक्ष्यइस साल तक मोदी ने जिन योजनाओं को पूरा करने का टारगेट रखा हुआ है उनमें किसानों की आय दोगुनी करना सबसे अहम है. इसके अलावा सबको पक्का घर देने की भी योजना शामिल है. पीएम ने वादा किया था कि साल 2022 तक देश में सबको पक्का घर मिल जाएगा. सभी गांवों तक सरकार बिजली पहुंचा चुकी है, अब सभी घरों तक पहुंचाने का लक्ष्य है.आज मंत्रिपरिषद की बैठकबताया गया है कि तय मानक पर खरा न उतरने वाले मंत्रियों पर गाज गिर सकती है. आज मोदी अपने दूसरे कार्यकाल में मंत्रिपरिषद की पहली बैठक को संबोधित करेंगे. इसमें वो सभी मंत्रालयों को अपनी प्राथमिकताएं बताएंगे. इससे पहले उन्होंने सोमवार को सभी मंत्रालयों के सचिवों की बैठक करके सरकार के टारगेट की जानकारी दी थी. बताया गया है कि पीएम किसान सम्मान निधि स्कीम को सही तरीके से लागू करके जल्द से जल्द सभी किसानों तक लाभ पहुंचाने को लेकर पीएम निर्देश दे सकते हैं.Loading… ये भी पढ़ें: विधानसभा चुनाव: बीजेपी की इस समीक्षा के बाद हरियाणा के दो जाट नेताओं के लिए बढ़ी चुनौती!केंद्र सरकार की नौकरियों में कितनी हो गई ओबीसी की भागीदारी?

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Source: News18 News

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