भारत में कम विकसित बच्चों की संख्या ज्यादा, कम उम्र में गर्भधारण है प्रमुख कारण

Publish Date:Fri, 17 May 2019 09:10 PM (IST)

नई दिल्ली, पीटीआइ। भारत में कम उम्र की माताओं से जन्म लेने वाले बच्चों का शारीरिक विकास वयस्क माताओं से जन्म लेने वाले बच्चों की तुलना में कम होता है। देश में 19 साल से कम उम्र की माताओं के गर्भाधान और बच्चों के कम पोषण के बीच संबंध का पता लगाने के लिए कराए गए समग्र अध्ययन में इस बात का पता चला है।
31 फीसद महिलाएं 18 साल की उम्र में बन जाती है मांकिसी अन्य देश की तुलना में भारत में कम विकसित होने वाले बच्चों की संख्या ज्यादा है। इसके साथ ही यह उन दस देशों में से एक है जहां 19 साल से कम उम्र की माताओं का गर्भधारण एक बड़ा संकट है। भारत में 18 साल के कम उम्र में शादी गैरकानूनी है फिर भी राष्ट्रीय परिवार एवं स्वास्थ्य सर्वे (एनएफएचएस)-4 से सामने आया है कि 27 फीसद लड़कियों की शादी 18 साल की उम्र से पहले हो जाती है। 31 फीसद शादीशुदा भारतीय महिलाएं 18 साल की उम्र होने तक बच्चे को जन्म देती हैं।
60 हजार से ज्यादा लोगों के बीच किया गया सर्वेआइएफपीआरआइ रिसर्च फेलो और अध्ययन के सह लेखक फुओंग होंग न्गुेयन ने कहा, ‘भारत में किशोर वय के गर्भाधान में कमी संयुक्त राष्ट्र के स्थायी विकास लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में हमारे प्रयास में प्रगति ला सकता है। खास तौर से यह गरीबी, स्वास्थ्य, पोषण, सामान्य बेहतरी, भागीदारी और शिक्षा के लिए मददगार होगा।’ लैनसेट चाइल्ड एंड एडोलेसंट हेल्थ में प्रकाशित अध्ययन में 60,097 मां-बच्चे के आंकड़े का विश्लेषण किया गया।

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Posted By: Dhyanendra Singh

Source: Jagran.com

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