NCP से बागी हुए ये दिग्गज नेता, अब बीजेपी उम्मीदवार बेटे के लिए मांगेंगे वोट

India oi-Rahul Kumar |

Updated: Wednesday, April 17, 2019, 18:12 [IST]
नई दिल्ली। एनसीपी के वरिष्ठ नेता विजयसिंह मोहित पाटिल ने बुधवार को कहा कि वह अपनी पार्टी की सबसे मजबूत सीट माढा में बीजेपी को जिताने में मदद करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अकलुज में एक चुनावी रैली में मंच साझा करने से पहले उन्होंने ये बयान दिया है। विजयसिंह मोहित पाटिल फिलहाल माढा से एनसीपी के सांसद हैं। लेकिन शरद पवार के नेतृत्व वाली पार्टी नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी ने उनका इस बार टिकट काट दिया है। जिसके बाद वे लगातार पार्टी की आलोचना कर रहे हैं। माढा सीट को लेकर पार्टी के भीतर चल गुटबाजी के चलते पवार ने खुद को दौड़ से बाहर कर लिया था, उन्होंने विजयसिंह मोहित पाटिल को टिकट की पेशकश की थी, हालांकि वह अपने बेटे रंजीतसिंह पाटिल के लिए टिकट चाहते थे। जब एनसीपी ने उन्हें लोकसभा चुनाव के लिए टिकट देने से इनकार कर दिया तो रणजीतसिंह मोहिते-पाटिल मार्च में भाजपा में शामिल हो गए थे । शरद पवार की अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी कांग्रेस के साथ गठबंधन में भारतीय जनता पार्टी-शिवसेना के खिलाफ 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ रही है। शरद पवार के साथ मिलकर राजनीति में 50 साल पूरे करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विजयसिंह मोहिते-पाटिल की जमकर तारीफ की और एक राजनीतिक नेता के रूप में उनके योगदान की प्रशंसा की। अकलुज में मोदी की रैली में मंच साझा करने से पहले विजयसिंह मोहिते-पाटिल ने कहा कि, मैं प्रतिद्वंद्वी एनसीपी उम्मीदवार को हराने के लिए भाजपा के साथ हूं। विजयसिंह के बीजेपी में जुड़ने से उसे एनपीसी के गढ़ में अपने पैर मजबूत करने में मदद मिलेगी। एक क्लिक में जानें अपने लोकसभा क्षेत्र के जुड़े नेता के बारे में सबकुछ विजयसिंह मोहिते-पाटिल राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री हैं और 2014 में मोदी लहर के दौरान भी माढा से चुने गए थे। उन्होंने एक विधायक के रूप में अपना करियर शुरू किया था और विभिन्न पदों पर रहते हुए अपनी सेवाएं दी हैं। 2014 में मोदी लहर के दौरान भी वह माढा लोकसभा से चुनाव जीतने में सफल रहे थे। मोहित-पाटिल परिवार पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के खिलाफ विद्रोह कर चुका है। दरअसल विजयसिंह ने अपने बेटे शंकरराव मोहिते-पाटिल की शादी में उस समय हजारों लोगों को खिलाया था जब राज्य का एक बड़ा हिस्सा सूखे से बुरी तरह से प्रभावित था। जिसके बाद नाराज इंदिरा गांधी ने उन्हें टिकट देने से इंकार कर दिया था।  लोकसभा चुनाव 2019: नमो टीवी को लेकर चुनाव आयोग ने लिया बड़ा फैसला
जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें – निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

Source: OneIndia Hindi

Related posts