आसमान से आफतः बारिश-आंधी और बिजली ने ली 40 से ज्यादा की जान; किसानों की भी कमर तोड़ी

Publish Date:Wed, 17 Apr 2019 11:13 AM (IST)

नई दिल्ली, जेएनएन। अप्रैल यानि गर्मी का महीना। देश के ज्यादातर इलाकों में तापमान 40 डिग्री के आसपास। अप्रैल यानि चिलचिलाती धूप। अप्रैल यानि पानी की बूंद-बूंद को तरसते लोग। अप्रैल की बात होती है तो ऐसी ही कुछ तस्वीर उभरती है। अब एक बार अपनी खिड़की से बाहर झांकें और बताएं क्या ऐसा कुछ है। यहां से पता नहीं चल रहा तो मौसम के बारे में आ रही खबरें पढ़ें। पिछले कुछ दिनों में जिस तरह से मौसम ने करवट ली है वह चौंकाने वाला है। मंगलवार की ही बात करें तो सुबह कई इलाकों में बारिश और शाम को तेज आंधी के साथ फिर बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है।
मौसम ने ली 40 से ज्यादा लोगों की जानकिसानों की समस्याओं की भी बात करेंगे। पहले जान लेते हैं शहरों का क्या हाल है। आंधी-तूफान ने देश के कई शहरों में कहर बरपाया है। देश के ज्यादातर शहरों में सिर्फ आंधी ही नहीं, बारिश के साथ-साथ ओले भी गिरे हैं। अकेले राजस्थान में ही आंधी-तूफान की वजह से 9 लोगों की जान चली गई। मध्य प्रदेश में भी मौसम से जुड़ी घटनाओं (बारिश, आंधी और बिजली गिरने) की वजह से 16 लोग काल के गाल में समा गए। गुजरात में 11 और महाराष्ट्र में भी मौसम की वजह से 12 लोगों की मौत की खबर है। पूरे देश की बात करें तो आंधी-तूफान के चलते 40 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। मौसम विभाग ने बुधवार को भी राजस्थान, मध्य प्रदेश और हिमाचल में आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है।

ब्रज मंडल में तीन दिन से मौसम की उलटी चालब्रज मंडल यानि मथुरा और आसपास के इलाकों में सोमवार शाम से बदला मौसम बुधवार सुबह तक बरकरार है। बुधवार को आगरा मंडल में तूफान और बारिश की चेतावनी जारी की गई है। बता दें कि सोमवार और मंगलवार को चली आंधी की रफ्तार अधिकतम 60 किलोमीटर प्रति घंटा रही। आंधी से अभी तक कहीं से कोई जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है।

उत्तराखंड के तराई में गर्मी से राहतदो दिन पहले तक उत्तराखंड के तराई-भाबर को जबरदस्त गर्मी से झिलाने वाले मौसम ने लोगों को राहत दी है। मंगलवार को हल्द्वानी में जहां दिनभर बादलों को आवाजाही बनी रही, वहीं बुधवार की सुबह गर्मी से राहत लेकर आई। बुधवार सुबह हल्द्वानी में हल्की बूंदाबांदी भी हुई। आसमान में बादलों का डेरा है, जिससे गर्मी का असर कम हुआ है। मौसम में हुए बदलाव के बाद मंगलवार को हल्द्वानी का अधिकतम तापमान 30.8 डिग्री व न्यूनतम 19.3 डिग्री आ गया था, जबकि मुक्तेश्वर का अधिकतम तापमान 18.7 डिग्री व न्यूनतम 13.5 डिग्री रहा। अधिकतम तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है।
देहरादून मौसम विज्ञान केंद्र ने बुधवार को उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। इससे तापमान सामान्य से तीन से चार डिग्री कम रहने की संभावना है। फिलहाल एक-दो दिन मौसम राहत देने वाला रहेगा।

मौसम की चाल से परेशान अन्नदाताखेतों में गेहूं की फसल पकी खड़ी है और अन्नदाता के चेहरों पर मौसम के बदले मिजाज के चलते हवाइयां उड़ गई हैं। ग्रामीण इलाकों में किसान अपने परिवार और दूसरे लोगों के साथ मिलकर गेहूं की फसल की कटाई कर उसे सुरक्षित करने में जुटे हैं। मौसम जिस तरह से करवट बदल रहा है वैसा ही चला और तेज बारिश हुई तो गेहूं की फसल को जबरदस्त नुकसान पहुंचेगा। बुधवार को अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद जताई जा रही है।
मेरठ में बूंदाबांदी ने बढ़ाई किसानों की चिंतामंगलवार को मेरठ का तापमान जम्मू से भी कम रहा। सोमवार रात चली आंधी और मंगलवार तड़के पड़ी बौछारों ने मौसम को पूरी तरह बदल दिया। वहीं मंगलवार देर रात करीब दो बजे आई बारिश से मौसम में एकाएक ठंडक बढ़ गई। बीते 24 घंटे की तुलना में अधिकतम तापमान में 9.2 डिग्री की गिरावट दर्ज हुई। प्रदूषण का स्तर भी सामान्य रहा। सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बागपत, शामली, बिजनौर व बुलंदशहर में भी मौसम का मिजाज बदला रहा। कई स्‍थानों पर खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा है। गेहूं की कटाई भी प्रभावित हुई है। गेहूं की कटाई को लेकर किसान चितिंत हैं।

प्रयागराज में दो दिन से बूंदाबांदीप्रयागराज में भी मंगलवार को मौसम अचानक बदल गया। आंधी और बूंदाबांदी से पारा गिरा तो लोगों ने गर्मी से राहत की सांस ली, लेकिन फसल को लेकर किसान चिंतित हैं। इसके चलते लोगों को गर्मी से कुछ हद तक राहत मिल गई। आज भी सुबह से आसमान में बादल छाए रहे और रिमझिम फुहार हुई। पिछले दिनों में शहर में पारा 42 डिग्री के पार पहुंच गया था। सामान्य से पारा दो-तीन डिग्री अधिक होते ही आंधी-पानी की आशंका जताई जाने लगी थी। मंगलवार के बाद बुधवार को भी रिमझिम फुहार रुक-रुककर होती रही। आंधी से कई जगह होर्डिंग्स, टीन शेड आदि उड़ गए तथा पेड़ों की टहनियां टूटकर गिर गईं।
गोरखपुर में बिन बारिश नहीं, मौसम सुहानागोरखपुर में आंधी-पानी जैसी स्थिति नहीं रही है। हल्की बदली है। बूंदाबांदी भी नहीं हुई है। बावजूद आसपास हुई बारिश और आंधी की वजह से शहर का मौसम सुहाना बना हुआ है।
हिसार क्षेत्र में कुछ जगह गिरे ओलेमंगलवार को हिसार में रुक-रुक कर बारिश होती रही। कुछ स्थानों पर ओलावृष्ठि भी हुई। तेज हवा से मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल गया है। राज्य भर में तामपान सामान्य से नीचे आ गया है। बुधवार को भी बारिश जारी रहने की उम्मीद है। गुरुवार से मौसम साफ होने का अनुमान है। खराब मौसम के कारण गुरुवार को होने वाले दूसरे चरण के संसदीय चुनावों के लिए दूरदराज क्षेत्रों में जाने वाली एडवांस पार्टियों को भी भारी परेशनी का सामाना करना पड़ रहा है।
Posted By: Digpal Singh

Source: Jagran.com

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