जेट एयरवेज पर लग सकता है ताला, बैंकों ने 400 करोड़ रुपये देने से किया इंकार

नई दिल्ली: बैंकों ने जेट एयरवेज को 400 करोड़ रुपये की आपातकाल ऋण सहायता देने से इनकार कर दिया है। कर्ज नहीं मिलने से एयरलाइन पर बंद होने का खतरा मंडरा रहा है। सूत्रों के मुताबिक आज रात कंपनी अपनी आखिरी उड़ान भरेगी। कंपनी के बोर्ड ने बैंकों के कंशोर्सियम से पैसा न मिलने के कारण यह फैसला लिया है। इससे पहले कंपनी के केवल सात विमान ही परिचालन में थे।कंपनी के बोर्ड ने बैंकों के कंशोर्सियम से पैसा न मिलने के कारण यह फैसला लिया है। इससे पहले कंपनी के केवल सात विमान ही परिचालन में थे। फिलहाल कंपनी के केवल सात विमान ही परिचालन में हैं। सोमवार को कंपनी ने बैंकों के साथ मीटिंग की थी। लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।#JetAirways may temporarily ground it’s operations as the banks have refused to infuse interim [email protected] with more details. @kriskavita pic.twitter.com/13ISuJtFTl— Mirror Now (@MirrorNow) April 17, 2019यदि कंपनी बंद होती है तो 20 हजार लोगों की नौकरी चली जायेगी। कर्मचारी इससे पहले मुंबई में भी इसी तरह का प्रदर्शन कर चुके हैं जहाँ कंपनी का मुख्यालय है।उल्लेखनीय है कि पिछले कैलेंडर वर्ष में 4,244 करोड़ रुपये का नुकसान उठा चुकी कंपनी ने जनवरी से पायलटों, रखरखाव अभियंताओं और प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारियों को वेतन नहीं दिया है। अन्य कर्मचारियों को आंशिक वेतन दिया जा रहा था, लेकिन उन्हें भी मार्च का वेतन अब तक नहीं मिला है।कंपनी विमानों का किराया चुकाने में विफल रही है और उसे ऋण देने वाले आठ बैंकों के कंसोर्टियम ने एयरलाइंस की 75 प्रतिशत तक हिस्सेदारी बेचने के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी है। कभी देश की दूसरी सबसे बड़ी विमान सेवा कंपनी रही जेट एयरवेज के इस समय 5 से भी कम विमान परिचालन में रह गये हैं। उसकी सभी अंतरार्ष्ट्रीय उड़ानें रद्द हैं और वह 35 से भी कम घरेलू उड़ानें भरने में सक्षम है।[embedded content]
Source: HW News

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