शराब का सिर्फ एक पैग बढ़ा सकता है स्ट्रोक का खतरा, जानें इसके और भी नुकसान

Publish Date:Mon, 08 Apr 2019 01:07 PM (IST)

नई दिल्ली [जागरण स्पेशल]। यह पहले से पता है कि ज्यादा शराब पीना सेहत के लिए नुकसानदायक होता है, लेकिन एक नए अध्ययन का कहना है कि रोजाना का महज एक या दो डिंक भी भारी पड़ सकता है। इससे स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है। अध्ययन में पाया गया है कि शराब सीधे तौर पर ब्लड प्रेशर को बढ़ा देती है और इससे स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है।
इस अध्ययन में पूर्व के उन दावों को भी खारिज किया गया है कि शराब के एक या दो ड्रिंक से स्ट्रोक से बचाव हो सकता है। यह निष्कर्ष करीब 50 हजार पुरुषों और महिलाओं पर दस साल तक किए गए अध्ययन के आधार पर निकाला गया है। चीन की पेंकिंग यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर लिमिंग ली ने कहा, ‘स्ट्रोक अपंगता और मौत की प्रमुख वजह है। इस अध्ययन से यह जाहिर होता है कि शराब से स्ट्रोक की दर बढ़ जाती है। स्ट्रोक से बचाव में शराब सेवन का प्रभाव नहीं पाया गया है।’
ज्‍यादा शराब पीने के नुकसानइसमें कोई रहस्‍य नहीं है कि शराब के सेवन से कई प्रकार की स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याएं हो सकती हैं जिसमें लीवर की बीमारी सिरोसिस और साथ ही सड़क यातायात दुर्घटनाओं में घायल होने की वजह पैदा कर सकता है। शोधकर्ताओं के अनुसार शराब का अधिक सेवन से 60 से अधिक बीमारियों के साथ जुड़ा होता है। यहां पर शराब से नुकसानों के बारे में बताया गया है।

कैंसरवैज्ञानिकों के अनुसार, खतरा तब और अधिक बढ़ जाता है जब शरीर में शराब एसीटैल्डिहाइड, शक्तिशाली कैसरजन में परिवर्तित हो जाता है। शराब के अधिक उपयोग से मुंह, गले, ग्रासनली, लीवर, स्तन, पेट और मलाशय के कैंसर होने का खतरा बहुत अधिक रहता हैं। कैंसर के खतरा उन लोगों को बहुत अधिक होता है जो बहुत अधिक शराब पीने के साथ तम्बाकू का सेवन भी करते हैं।
हृदय रोगअधिक शराब पीने के कारण प्लेटलेट्स की ब्‍लड क्लॉट्स के रूप में जमा होने की संभावना अधिक होती है जिसके कारण हार्ट अटैक या स्ट्रोक हो सकता है। शोधकर्ताओं ने पाया कि ज्‍यादा शराब पीने वाले उन लोगों में मौत का खतरा दोगुना हो जाता है, जिन्‍हें पहले हार्ट अटैक आ चुका है।

डिमेंशिया यानी पागलपनउम्र बढ़ने के साथ लोगों में औसत रूप से लगभग 1.9 प्रतिशत की दर से मस्तिष्क सिकुड़ता है। इसे सामान्य माना जाता है। लेकिन अधिक शराब पीने से मस्तिष्क के कुछ महत्वपूर्ण हिस्सों में इस संकुचन की गति बढ़ जाती है जिसके कारण स्मृति हानि और डिमेंशिया के अन्य लक्षण दिखाई देते हैं।
एनीमियाबहुत अधिक मात्रा में शराब पीने से ऑक्‍सीजन ले जाने वाली लाल रक्त कोशिकाओं की संख्‍या असामान्‍य रूप से कम होने का कारण बनता है। इस अवस्‍था को एनीमिया कहते हैं, जिससे कारण थकान, सांस लेने में तकलीफ या सांस का उखड़ना जैसी समस्‍याएं देखने को मिलती हैं।

सोरायसिसलीवर सेल्‍स के लिए शराब जहर के सामान है। अधिक शराब पाने वाले अनेक लोगों को सिरोसिस की शिकायत रहती हैं जो कि कभी-कभी घातक हालत सिद्ध होती है। इस अवस्‍था में लीवर भारी होने के कारण कार्य करने में भी असमर्थ हो जाता है। लेकिन यह बताना कठिन होता है कि किस शराब पीने वाले को सिरोसिस होगा या नहीं।
गठियागठिया एक दर्दनाक स्थिति है जो जोड़ों और उसके आसपास चारों ओर यूरिक एसिड क्रिस्टल के गठन के कारण होता है। हालांकि, कुछ मामलों में यह वंशानुगत होते हैं, फिर भी शराब और अन्य आहार कारक इसमें महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं। शराब गठिया की मौजूदा हालत काफी हद तक बढ़ा देता है।

कैसे पहचानें स्ट्रोक के लक्षणस्ट्रोक एक ऐसी स्थिति है जब व्यक्ति के मस्तिष्क में किसी नस के फटने के कारण खून निकलने लगता है या धमनियों के ब्लॉक हो जाने के कारण मस्तिष्क के किसी हिस्से तक रक्त और ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाते हैं। पिछले एक दशक में भारतीयों में ब्रेन स्ट्रोक की समस्या बढ़ रही है और इसके कारण हर साल हजारों लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। युवाओं में ब्रेन स्ट्रोक के मामले बढ़ने के पीछे कारण मोटापा, शराब की लत, नशीले पदार्थों का सेवन, फास्ट फूड्स और जंक फूड्स का सेवन, ब्लड प्रेशर की समस्या और कोलेस्ट्रॉल की समस्या है।
स्ट्रोक होने पर क्या करेंअगर किसी व्यक्ति में ये सभी लक्षण दिखते हैं, तो बहुत संभव है कि उस व्यक्ति को ब्रेन स्ट्रोक हुआ है। ऐसी स्थिति में जितनी जल्दी हो सके चिकित्सक से संपर्क करें और मरीज को हिला-डुला कर, उससे बात करके उसकी संवेदनाएं वापस लाने की कोशिश करें।
Posted By: Sanjay Pokhriyal

Source: Jagran.com

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