दु‍नि‍या में बोइंग 737 मैक्‍स पर क्‍यों लगाई गई रोक, जानें क्‍या है इसमें तकनीकी दिक्‍कत

Publish Date:Fri, 15 Mar 2019 09:30 PM (IST)

 नई दिल्‍ली, जेएनएन। पिछले दिनों विमान दुर्घटना में 157 लोगों की दुखद मौत हो गई। इस दुर्घटना के कारण इथोपियन एयरलाइन की फ्लाइट ET302 बोर्ड के एक नए बोइंग 737 मैक्स 8 के पायलट और यात्रियों को कभी न लौटने वाली घड़ी देखने को मिली। सिर्फ महीने भर पुराने विमान में नए सॉफ्टवेयर का प्रयोग किया गया था। इस सॉफ्टवेयर को एमसीएएस (MCAS) कहा जाता है। 
जानें क्‍या है विमान की नई सॉफ्टवेयर प्रणाली एमसीएएस (MCAS) एक ऐसी प्रणाली थी जो बोइंग 737 में इससे पहले कोई मौजूद नहीं थी। हालांकि, जब लेमैन के कार्यकाल में 737 MAX संस्करण का निर्माण किया तो उन्होंने एक बड़े और अधिक कुशल इंजन के साथ विमान का निर्माण किया गया। हालांकि, इसने बड़े इंजन को जिसने 14% और ईंधन दक्षता प्रदान की, इसे बोइंग 737 के निचले पंखों के नीचे आगे आगे फिट किया गया।
माना जाता है कि यह संभावित रूप से विमान की गति रुकने का कारण हो सकता है। विमान का अचानक रुकना खतरनाक होता है। यह मूल रूप से यह तब होता है, जब कोई विमान उड़ान भरना बंद कर देता है और नीचे गिरने लगता है। इससे बचने के लिए बोइंग ने नया सॉफ्टवेयर एमसीएएस (MCAS) लांच किया। इस सॉफ्टवेयर के जरिए विमान की गति बढ़ाने और उड़ान भरने से रुकने से बचने के लिए नाक के नीचे ले जाने के बारे में डिजाइन किया गया। कंप्‍यूटर की दुनिया में इससे गीगो (GIGO)कहा जाता है। इस स्‍कूल के पुराने जानकारों को इस बारे में जानकारी है।

विमान में सेंसर की होती है महत्‍वपूर्ण भूमिका अब तक के निष्कर्षों के आधार पर यह समस्या तलाश की गई। विमान में अल्फा वेन नामक एक सेंसर लगा होता है जो एंगल ऑफ अटैक (AOA) को मापता है। यह विमान में एक छोटी सी विंग की तरह दिखता है और यह दो तरफ होता है। एक पायलट की तरफ और दूसरा सह-पायलट की ओर। सेंसर का काम कंप्यूटर को यह बताना है कि विमान किस कोण पर उड़ रहा है।

यदि विमान का एंगल ऑफ अटैक (AOA) बहुत अधिक होता है तो इस कारण उसकी गति रुक जाती है। आमतौर पर एंगल ऑफ अटैक (AOA) 15 से 20 डिग्री से नीचे होता है। यदि सॉफ्टवेयर को यह लगता है कि एओए बहुत अधिक है तो एमसीएएस (MCAS)विमान की नाक को नीचे धकेल देता है। अब तक फ्लाइट के साथ कैप्टन की तरफ एंगल ऑफ अटैक (AOA) को मापने वाले अल्फा वेन सेंसर को दोषपूर्ण बताया गया इसलिए उन्होंने इसे बदल दिया।
बाली से जकार्ता की उड़ान में हुई थी 189 लोगों की मौत यह गड़बड़ी बाली से जकार्ता के लिए इसी तरह की दुखद उड़ान के दौरान भी हुई थी। बीते साल अक्टूबर में इंडोनेशिया में लॉयन एयर का बोइंग 737 मैक्स 8 विमान भी उड़ान भरने के तुरंत बाद इसी तरह दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। लोगों की जान लेने वाली इस अंतिम उड़ान का विमान बाली से रात में पहुंचा था, उसका सेंसर बदला गया था और उसके बाद सुबह उसने उड़ान भरी। विमान में किसी को नए एमसीएएस (MCAS) के बारे में पता नहीं था और न ही यह जानकारी थी कि वास्तव में उसमें क्या गलत है। यहां तक कि वास्तव में रखरखाव करने वाले लोगों और पायलट को भी नहीं जानकारी नहीं थी।

वे स्पष्ट रूप से इसको लेकर ट्रेंड नहीं थे। इसलिए उन्होंने विमान उड़ाया और एक बार हवा में गलतियों वाले सेंसर ने कंप्यूटर को बताया कि विमान रुक रहा है। इसके बाद कंप्यूटर ने पायलट के बिना जाने विमान को नाक के और नीचे धकेल दिया, जबकि पायलट विमान को ऊपर उठाने की कोशिश कर रहा था। पायलट और कंप्यूटर के बीच हुई इस लड़ाई में अंतत: कंप्यूटर की जीत हुई। इस कारण सभी पायलट, चालक दल और यात्रियों की मौत हो गई।
स्विच बंद नहीं होने के कारण हुआ था विमान हादसा विमान बहुत नीचे था। विमान को उठाने और उसे उड़ाने के लिए पायलट के पास पर्याप्त हवा नहीं थी। माना जाता है कि कंप्यूटर ने वस्‍तुत: विमान को समुद्र में उड़ा दिया। कुछ हफ्ते बाद बोइंग ने विमान के बारे में एक अपडेट जारी किया और बताया कि विमान को एंगल ऑफ अटैक (AOA) सेंसर के साथ कुछ गड़बड़ी थी। कंप्यूटर को रोकने का एक तरीका यह था कि इसे बंद किया जाना चाहिए था।

पायलट को सॉफ्टवेयर के बारे में पता था और इसे झटके के साथ बंद किया जा सकता था। इससे 189 लोगों को बचाया जा सकता था। एक सीधा सरल स्विच ही जीवन और मौत के बीच का अंतर था। जब अधिक विस्तृत रिपोर्ट सामने आएगी तो दुनिया भर में काफी संख्‍या में विमानों की तय उड़ानें रद्द होंगी या नई बुकिंग के लिए कीमतें बढ़ेंगी। 

Posted By: Arun Kumar Singh

Source: Jagran.com

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