असम में कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं, 7 सीटों पर अकेले AIUDF लड़ेगी चुनाव

तूलिका देवी.लोकसभा चुनाव 2019 की तारीखों का ऐलान हो गया है. हर राजनीतिक पार्टी खुद को स्थापित करने के लिए किसी भी ऊटपटांग गठबंधन के लिए तैयार है लेकिन असम में लोकसभा चुनाव 2019 के मद्देनजर में कांग्रेस और ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के बीच कोई पूर्व चुनाव गठबंधन नहीं होगा.आईयूडीएफ के महासचिव और वरिष्ठ प्रवक्ता अमीनुल इस्लाम ने इस बात की जानकारी दी.उन्होंने कहा, ‘हम भाजपा और सीएबी के खिलाफ एक साझा राजनीतिक मंच बनाने की कोशिश करेंगे. हम 7 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेंगे. हमने पहले ही यह निर्णय ले लिया था कि धुबरी, बारपेटा, मंगलदोई, कलियाबोर, नागांव, सिलचर और करीमगंज सीट से हम चुनाव लड़ रहे हैं.’एआईयूडीएफ ने फिलहाल प्रत्याशियों की सूची की औपचारिक घोषणा नहीं की है. लेकिन पार्टी से जुड़े अंदरुनी सूत्रों का कहना है कि अमीनुल इस्लाम खुद कांग्रेस के गढ़ कलियाबोर से चुनाव लड़ेंगे.(यह भी पढ़ें: असम में बीजेपी उम्मीदवारों के नाम तय, RP शर्मा की सीट से हेमंत बिस्व शर्मा लड़ेंगे चुनाव!)Loading… कहा जा रहा है कि एआईयूडीएफ ने रणनीतिक रूप से उन उम्मीदवारों की एक सूची तैयार की है जिन्हें कांग्रेस के साथ गठबंधन के लिए सौदेबाजी के रूप में पेश किया जा सकता है. एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने पहले असम के कुछ नेताओं के खिलाफ नाराजगी जाहिर की थी जो बार-बार गठबंधन के प्रयासों के चलते राह में रोड़ा अटका रहे थे.गौरतलब है कि पूर्व सीएम तरुण गोगोई ने राज्य में एआईयूडीएफ के साथ इस गठबंधन को रोकने का क्रेडिट पहले ही क्लेम कर चुके हैं. गोगोई ने कभी भी अजमल के महत्व को सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं किया और वह अभी भी अपने उस फेमस डायलॉग को दोहराते नजर आते हैं कि ‘अजमल कौन है.’ये भी पढ़ें- गुजरात में कांग्रेस को मजबूत होता देख ‘स्पेशल 26’ प्लान पर काम कर रही है BJPजो भी हो एआईयूडीएफ ने उम्मीद नहीं खोई और इस बार भी पार्टी प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने दिल्ली में अहमद पटेल और अन्य राज्य के नेताओं के साथ महत्वपूर्ण बैठकें कीं. गठबंधन की उम्मीद की आखिरी किरण के रूप में पार्टी ने अपनी रणनीति बदल दी है और कांग्रेस को अपनी दावेदारी दिखाते हुए आंखें तरेरी हैं.सूत्रों का कहना है कि कलियाबोर में तरुण गोगोई के बेटे और सांसद गौरव गोगोई के खिलाफ एआईयूडीएफ अपने मजबूत नेता अमीनुल इस्लाम को मैदान में उतारेगी.(यह भी पढ़ें: बोगीबील के बाद अब असम में ब्रह्मपुत्र नदी पर शुरू होगा भारत का सबसे लंबा रोपवे)कलियाबोर कांग्रेस के लिए एक पारिवारिक सीट की तरह है. इससे पहले तरुण गोगोई, दीप गोगोई और गौरव गोगोई यहां से चुने गए हैं.कलियाबोर में 31 फीसदी अल्पसंख्यक मतदाता हैं. एआईयूडीएफ को उम्मीद है कि अपने गृह जनपद में अमीनुल इस्लाम गोगोई परिवार पर भारी पड़ेंगे. चंपक कलिता या डॉ आदित्य लंगथास नगांव सीट पर चुनाव लड़ेंगे.(यह भी पढ़ें: असम के पूर्व DGP का दावा, 2001 में ULFA की मदद से कांग्रेस ने जीता था विधानसभा चुनाव)वहीं दूसरी तरफ बदरुद्दीन अजमल धुबरी से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं. उनके भाई सिराजुद्दीन अजमल इस बार व्यक्तिगत कारणों से चुनाव नहीं लड़ रहे हैं.हाजी रफीकुल इस्लाम बारपेटा से चुनाव लड़ेंगे. बैरक घाटी में सांसद राधेश्याम विश्वास के बजाय राजेश मल्ला या गौतम दास करीमगंज से चुनाव लड़ सकते हैं. वहीं सिलचर में कांग्रेस सांसद सुष्मिता देव का सामना डॉ.बहरुल इस्लाम से होगा.असम विधानसभा में अच्छी ताकत होने के बावजूद एआईयूडीएफ पिछले पंचायत चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करने में असफल रहा है. लोकसभा चुनाव 2019 को एआईयूडीएफ अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता साबित करने के लिए अच्छे मौके के तौर पर देख रहा है.एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स
Source: News18 News

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