क्या मध्यस्थता से सुलझेगा अयोध्या विवाद? आज आ सकता है सुप्रीम कोर्ट का फैसला

India oi-Kamal Kumar |

Published: Wednesday, March 6, 2019, 9:31 [IST]
नई दिल्ली। अयोध्या भूमि विवाद पर आज सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होनी है। आज सुप्रीम कोर्ट इस बात पर फैसला दे सकता है कि क्या इस मसले को अदालत से बाहर मध्यस्थता के जरिए सुलझाया जा सकता है या नहीं। दरअसल, पिछली सुनवाई के दौरान मामले की सुनवाई कर रही पीठ ने कहा था कि अगर एक फीसदी भी मध्यस्थता की उम्मीद है तो इसकी एक कोशिश होनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले की सुनवाई 26 फरवरी को हुई थी। पिछली सुनवाई के दौरान मध्यस्थता के सवाल पर कई स्वर सुनाई दिए। इस मामले में हिंदू पक्षकारों के वकीलों ने ये कहते हुए आपत्ति जताई थी कि इस प्रकार की कोशिशें पहले भी हो चुकी हैं जो हर बार नाकाम रही है। वहीं, मुस्लिम पक्ष ने भी मध्यस्थता पर चिंता जताई थी, लेकिन ये साथ ही ये भी कहा था कि अगर सुप्रीम कोर्ट निगरानी करे है तो वह तैयार हैं। पिछली सुनवाई के दौरान ट्रांसलेशन की स्वीकार्यता पर बहस हुई जिसके दौरान पीठ ने कहा कि अगर सभी पक्षों को दस्तावेजों का अनुवाद मंजूर है तो वे सुनवाई शुरू होने के बाद उसपर सवाल नहीं उठा सकेंगे। अयोध्या में विवादित 2.77 एकड़ भूमि को सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और राम लला के बीच बराबर-बराबर बांटने के इलाहाबाद हाई कोर्ट के 2010 के फैसले के खिलाफ दायर 14 अपीलों पर सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ सुनवाई कर रही है। 5 जजों की बेंच कर रही है सुनवाई चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता में सुप्रीम कोर्ट के 5 जजों की संवैधानिक बेंच अयोध्या मामले की सुनवाई कर रही है। मामले की सुनवाई कर रही संवैधानिक बेंच में सीजेआई रंजन गोगोई के अलावा न्यायमूर्ति एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड़, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर शामिल हैं। इसके पहले, अयोध्या मामले की सुनवाई के लिये 25 जनवरी को संविधान पीठ का गठन किया गया था लेकिन न्यायमूर्ति उदय यू ललित ने खुद को इस मामले से अलग कर लिया था जिसके बाद नई पीठ का गठन किया गया।

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Source: OneIndia Hindi

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