शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण को लेकर SC के फैसले के खिलाफ मोदी सरकार लाएगी अध्यादेश

India oi-Ankur Singh |

Updated: Tuesday, March 5, 2019, 22:33 [IST]
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के एक अहम फैसले को पलटने के लिए केंद्र सरकार अध्यादेश लाने की तैयारी कर रही है। दरअसल सुप्रीम कोर्ट उच्च शिक्षण संस्थानों में आरक्षण को लेकर फैसला दिया था, इसी फैसले के खिलाफ केंद्र सरकार अध्यादेश लाने की तैयारी कर रही है। इस अध्यादेश के आने के बाद यूनिवर्सिटी या कॉलेज को एक यूनिट के तौर पर लिया जाएगा। ऐसे में अलग-अलग श्रेणियों में पदों की गिनती के दौरान विभाग को आधार नहीं माना जाएगा। सरकार के अध्यादेश के बाद शैक्षणिक संस्थानों में एससी/एसटी और ओबीसी की भर्ती के दौरान अधिकार मिलेगा। दरअसल सरकार इस अध्यादेश के जरिए एससी/एसटी और ओबीसी वर्ग के लोगों को अपनी चिंता जाहिर करना चाहती है। आने वाले चुनावों को देखते हुए सरकार के इस कदम को काफी अहम माना जा रहा है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की उस याचिका को खारिज कर दिया था जिसमे इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले को पलटने की मांग की गई थी। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि आरक्षित पदों को भरने के लिए विभाग को यूनिट माना जाएगा ना कि विश्वविद्यालय को। गौर करने वाली बात यह है कि केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने संसद में कहा था कि अगर सुप्रीम कोर्ट में सरकार की याचिका को मंजूर नहीं किया जाता है तो हम इसको लेकर अध्यादेश लाया जाएगा। उन्होंने कहा था कि सरकार हमेशा से ही सामाजिक न्याय के पक्ष में है और वह पुनर्विचार याचिका खारिज होती है तो हम इसको लेकर अध्यादेश लाएंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया था कि जबतक यह अध्यादेश पास नहीं होता है संस्थानों में भर्ती की प्रक्रिया को नहीं किया जाएगा। इसे भी पढ़ें- राजस्थान के ये अफसर डकार गए बच्चों के पोषाहार के करोड़ों रुपए, यूं हुआ चौंकाने वाला खुलासा

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Source: OneIndia Hindi

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