14 फरवरी को बिक्री के लिए खुलेगा भारत-22 ETF, जानें निवेश का पूरा प्रोसेस

सरकारी कंपनियों में निवेश का एक बार फिर सुनहरा मौका है. सरकार 14 फरवरी को भारत-22 ETF की अतिरिक्त बिक्री पेशकश करेगी. सरकार का इसके जरिए 3500 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य है. यह बिक्री पेशकश सिर्फ 1 दिन के लिए खुलेगी और उसी दिन इंस्टीट्यूशनल और रिटेल इन्वेस्टर्स इसमें भाग ले सकते हैं. (ये भी पढ़ें: खुशखबरी! 24 घंटे में मिलेगा इनकम टैक्स रिफंड, इन टैक्सपेयर्स को मिलेगी खास सुविधा)ये कंपनियां हैं शामिलभारत-22 ETF में ओएनजीसी, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम, कोल इंडिया और नाल्को जैसे केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम भी शामिल हैं. भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, इंजीनियर्स इंडिया, NBCC, NTPC, NHPC, SJVNL, GAIL, PGCIL और NLC इंडिया भी इसमें शामिल हैं. इसमें 3 सरकारी बैंकों में SBI, इंडियन बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा हैं.सरकार ने अबतक 22,900 करोड़ जुटाएसरकार ने भारत-22 ETF से अब तक 22,900 करोड़ रुपये जुटाए हैं. इसमें 14,500 करोड़ रुपये नवंबर 2017 में और 8,400 करोड़ रुपये जून 2018 में जुटाए गए. माना जा रहा है कि अतिरिक्त बिक्री पेशकश के जरिए करंट फिस्कल के लिए सरकार का 80 हजार करोड़ का विनिवेश लक्ष्य पूरा करने में मदद मिलेगी.ये भी पढ़ें: अब होटल का खाना होगा सेहतमंद, सरकार 1 मार्च से लागू कर रही है नया नियमदूसरी ETF ऑफरिंगLoading… यह मौजूदा फिस्कल में दूसरी ETF ऑफरिंग होगी. पिछले साल नवंबर में सरकार ने CPSE ETF के जरिए 17,300 करोड़ रुपये जुटाए थे. इसमें 11 पब्लिक सेक्टर इंटरप्राइजेज शामिल थे. यह डोमेस्टिक ETF से जुटाया गया सबसे बड़ा फंड था.ETF के जरिए बना सकते हैं पैसाएक्सपर्ट्स बताते हैं कि ETF ऐसा जरिया जिसमें पैसा लगाकर लॉन्ग टर्म में अच्छे रिटर्न हासिल किए जा सकते है. आइए जानते है कि कैसे इसमें निवेश किया जाता है और क्या है अच्छे रिटर्न पाने का तरीका. एक्सचेंज ट्रेडेड फंड या ईटीएफ, मार्केटेबल सिक्यॉरिटीज हैं, जिन्हें स्टॉक एक्सचेंज पर शेयरों की तरह बेचा-खरीदा जाता है. इसका मतलब साफ है कि यह फंड तरह-तरह की सिक्यॉरिटीज के समूह में निवेश करता है जो एक पहले से तय बेंचमार्क इंडेक्स का हिस्सा हैं.ये भी पढ़ें: गुम या चोरी हो जाएं आपका SBI कार्ड तो ऐसे करें तुरंत ब्लॉक, ये है प्रोसेसETF में कैसे शुरू करें निवेशआप किसी भी डीमैट खाते के जरिए ईटीएफ में निवेश कर सकते हैं. शेयरों के लेनदेन के लिए पैसे ट्रांसफर करने और जमा करने के लिए आपको एक डीमैट खाते, एक ट्रेडिंग खाते और एक बैंक खाते की जरूरत पड़ती है. अधिकांश डिपॉजिटरी 3 इन 1 खाते (एक में तीनों ) खोलते हैं. खाता खुलने के बाद, आप अपने बचत खाते से ट्रेडिंग खाते में पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं और शेयर और ईटीएफ में निवेश करना शुरू कर सकते हैं.ETF में निवेश के फायदेशेयरों की तरह ETF की खरीद-फरोख्त होने से कीमतों पर नजर रखी जा सकती है. ETF हर रोज निवेश की जानकारी देते हैं, जिससे निवेश ज्यादा पारदर्शी होता है. ETF को आसानी से बेचा जा सकता है. ETF में निवेश करके अलग-अलग सेक्टर में निवेश किया जा सकता है. ETF डिविडेंड पर आयकर नहीं लगता है. हर ETF के लिए फंड मैनेजर होते हैं, जिससे निवेशक को शेयरों की खरीदारी या बिकवाली नहीं करनी पड़ती है.ये भी पढ़ें: Train 18 में शताब्‍दी से डेढ़ गुना ज्‍यादा होगा दिल्‍ली से बनारस का किरायाइसके अलावा, अधिकांश म्यूचुअल फंड की तुलना में ETF में व्यय अनुपात कम होता है. यदि कोई कंपनी इंडेक्स से बाहर निकलती है, तो वह ETF से अपने आप बाहर हो जाएगी. कुछ फंड हाउस, विदेशी करेंसी पर आधारित ETF भी जारी करते हैं. आप ऐसे ETF के माध्यम से विदेशी कंपनियों में निवेश कर सकते हैं.एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स
Source: News18 Money.com

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