जिन्ना और तिरंगा यात्रा से लेकर मंदिर तक, AMU में क्यों मचा है बवाल ?

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) एक बार फिर विवादों में है और यूनिवर्सिटी के 14 छात्रों के खिलाफ ‘देशद्रोह’ जैसी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है. अलीगढ़ पुलिस के एसपी का कहना है कि AMU में पढने वाले ऐसे ही अपराधिक पृष्ठभूमि वाले 56 और छात्रों के खिलाफ कोर्ट से गैर जमानती वारंट मांगा गया है और इन्हें भी जल्दी गिरफ्त में लिया जाएगा.उधर AMU प्रशासन छात्रों के साथ खड़ा नज़र आ रहा है. यूनिवर्सिटी प्रशासन का आरोप है कि छात्रों के खिलाफ मुकदमा बाहरी लोगों ने दर्ज कराया है और प्रशासन ने भी कुछ लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. फिलहाल यूनिवर्सिटी में होने वाले सभी कार्यक्रमों को रद्द कर दिया गया है और इंटरनेट सेवा पर भी 24 घंटे के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है.देशद्रोह का मुकदमा क्यों ?अलीगढ़ पुलिस ने बताया कि यूनिवर्सिटी कैंपस में देशविरोधी नारे लगाने के मामले में 14 छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. इस एफआईआर में एएमयू छात्रसंघ अध्यक्ष सलमान इम्तियाज, सचिव हुजैफा आमिर, उपाध्यक्ष हमजा सूफियान और पूर्व छात्रसंघ सचिव नदीम अंसारी का नाम भी शामिल किया गया है. बता दें कि भारतीय जनता युवा मोर्चा के लोकल नेता मुकेश सिंह की ओर से की गई शिकायत के बाद पुलिस ने इन छात्रों के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज की है.एफ़ाईआर में आरोप लगाया गया है कि इन सभी छात्रों ने कार्यक्रम के बाद यूनिवर्सिटी कैंपस में एक जुलूस निकाला जिसमें ‘भारत विरोधी’ नारे लगाए गए थे. एसपी अलीगढ़ आकाश कुलहरि ने बताया कि एएमयू में माहौल बिगाड़ने वाले कई छात्रों का पता लगाया गया है और 56 ऐसे छात्र हैं जिन पर पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं. इन छात्रों को गिरफ्तार करने के लिए कोर्ट से गैर जमानती वॉरंट निकलवाया जा रहा है.कैसे शुरू हुआ बवाल ?गौरतलब है कि एएमयू छात्रसंघ ने मंगलवार को सोशल साइंस फैकल्टी के कॉन्फ्रेंस हॉल में कई राजनीतिक पार्टियों के नेताओं की बैठक बुलाई थी. इस कार्यक्रम में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के नेता और सांसद असदुद्दीन ओवैसी को भी बुलाया गया था. ओवैसी के यूनिवर्सिटी कैंपस में आने को लेकर छात्रों का एक दूसरा गुट काफी नाराज़ था और प्रदर्शन कर रहा था. विरोध कर रहे छात्रों के गुट का नेतृत्व अजय सिंह और मुकेश लोधी कर रहे थे. इस दौरान छात्रों के दो गुटों में मारपीट हो गई.Loading… AMU स्टूडेंट यूनियन का आरोप है कि अजय सिंह और मुकेश ने यूनिवर्सिटी के छात्रों को न सिर्फ पीटा बल्कि फायरिंग भी की उधर अजय सिंह का आरोप है कि कुछ छात्रों ने न सिर्फ मीडिया के साथ अभद्रता की बल्कि यूनिवर्सिटी में घूम-घूमकर कथित रूप से राष्ट्र विरोधी नारे लगाए. अजय का आरोप है कि कुछ छात्रों ने पाकिस्तान के समर्थन में भी नारे लगाए थे. बता दें कि अजय सिंह बरौली से बीजेपी विधायक दलवीर के पोते हैं और भारतीय जनता युवा मोर्चा में काफी सक्रिय हैं.अजय सिंह का कहना है कि हम सिर्फ ओवैसी के कैंपस में आने का विरोध कर रहे थे और उनके न आने कि खबर मिलने के बाद वापस लौट गए थे. अजय ने कहा, जैसे ही मैं घर पहुंचा तो मुझे खबर मिली कि छात्रों का एक गुट मेरे साथियों के साथ मारपीट कर रहा है. मैं शिकायत करने के लिए प्रॉक्टर ऑफिस गया तो उन छात्रों ने मेरे साथ भी बदतमीजी करनी शुरू कर दी. मैंने रजिस्ट्रार से भी इसकी शिकायत की थी लेकिन कोई कदम न उठाया जाता देखकर मैं एफ़ाईआर करने के लिए मजबूर हुआ. What really happened at #[email protected] @nalinisharma_ you are showing one sided story , bloody liars [email protected]_sgh @zainabsikander @dhruv_rathee @kanhaiyakumar @ArvindKejriwal @UmarKhalidJNU @kanhaiyakumar pic.twitter.com/KWrNfZAg7I— Asif Siddiqui (@asiddiquialig) February 13, 2019मीडिया के साथ बवाल ?बता दें कि निजी समाचार चैनल रिपब्लिक की एक टीम के साथ भी इस दौरान अभद्र व्यव्हार किए जाने की शिकायत सामने आई है. इस मामले में चैनल की शिकायत के बाद यूनिवर्सिटी के सिक्योरिटी ऑफिसर के खिलाफ भी एक मामला दर्ज किया गया है. रिपब्लिक की रिपोर्टर नलिनी शर्मा का आरोप है कि यूनिवर्सिटी की सिक्योरिटी टीम के एक शख्स के उकसावे के बाद उनकी टीम के साथ अभद्र व्यवहार किया गया. नलिनी ने एक फेसबुक पोस्ट के जरिए आरोप लगाया था हालांकि AMU स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष मोहम्मद सलमान इम्तियाज़ का आरोप है कि रिपब्लिक की टीम बिना इजाज़त के कैंपस में घुसी थी इसके अलावा वो अपने कार्यक्रम में एएमयू को ‘आतंकवादियों का संस्थान’ कहकर संबोधित कर रही थी जिससे छात्र नाराज़ हो गए. I want to clarify, there was NO provocation from our side to invite this attack. I didn’t even speak to anybody inside the AMU campus until we were surrounded by this crowd of hooligans who continued saying how they’re not going to let us report because we were from Republic.— Nalini 🌼 (@nalinisharma_) February 12, 2019बहरहाल इस पूरी घटना के तीन वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं पहली वीडियो रिपब्लिक ने खुद चलाई है जिसमें AMU की सिक्योरिटी टीम ज़बरदस्ती कैमरे को हटाती नज़र आ रही है, इसी घटना की एक और वीडियो AMU छात्रों ने भी शेयर की है जिसमें सिक्योरिटी अफसर शालीनता से रिपब्लिक टीम को पीआरओ या प्रॉक्टर से इजाज़त लेकर आने के लिए कह रहा है, लेकिन रिपोर्टर उसे अनसुना कर रही है. एक तीसरी वीडियो भी वायरल हुई है जिसमें छात्रों की एक भीड़ रिपब्लिक के कैमरामैन को पीटती हुई नज़र आ रही है.बहरहाल AMU के पीआरओ ओमार एस पीरजादा आरोप लगाते हैं कि कुछ बाहरी लोग लगातार यूनिवर्सिटी के माहौल को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं और ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई गई है. पीरजादा का कहना है कि यूनिवर्सिटी में जो कार्यक्रम आयोजित किया गया था उसमें मीडिया को बुलाया ही नहीं गया था, इसके बावजूद भी अगर किसी को इवेंट कवर करना था तो उसे प्रशासन से इजाज़त लेनी चाहिए थी. पीरजादा के मुताबिक यूनिवर्सिटी के कुछ कायदे-कानून है जिनका पालन करना सभी के लिए ज़रूरी है. किसी भी मीडिया संस्थान को अगर कोई स्टोरी करनी है खासकर कुछ शूट करना है तो इसी लिखित इजाज़त प्रॉक्टर ऑफिस से लेनी होती है लेकिन जो लोग मीडिया बैन का दावा कर रहे हैं उनसे पूछिए क्या उन्होंने कैंपस में शूट करने की इजाज़त ली थी. #AMU Aligarh Muslim University has became hub of Terrorists, Naxals and Jihadis.These Jihadi animals should be kicked out of India soon.pic.twitter.com/q6WICRc4U3— Akshat Sati (@SatiAkshat) February 12, 2019विवाद हैं कि थम ही नहीं रहेबीते साल मोहम्मद अली जिन्ना की एक तस्वीर को लेकर भी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में महीने भर तक बवाल चलता रहा था. उस दौरान भी अलीगढ़ से बीजेपी सांसद सतीश गौतम और सांसद महेश गिरी ने यूनिवर्सिटी के एक हॉल में जिन्ना फोटो लगे होने की निंदा की थी इसके बाद सतीश गौतम ने एएमयू प्रशासन को एक ख़त लिखकर इस बारे में सवाल पूछा था. ये पत्र मीडिया में आ गया जिसके बाद 2 मई 2018 को कुछ असामाजिक तत्वों कथित रूप से यूनिवर्सिटी गेट पर अभद्र नारेबाजी की और पुतला फूंका, इसके बाद मारपीट हुई और यूनिवर्सिटी 15 दिन तक बंद रही. उस दौरान भी इस हिंसा में हिंदू जागरण मंच, हिंदू वाहिनी और ABVP के कार्यकर्ताओं का नाम सामने आया था.Students Women’s college AMU joins protest. Join us on Bab-e-syed AMU. #AMU #DemocraticAMUVsRepublicTv #WeStandWithAMU #AligarhMuslimUniversity pic.twitter.com/kVF7QolpnA— Aligarh Muslim University Journal. (@AMUJournal) February 13, 2019इलाके के पत्रकार धीरेन्द्र सिंह कहते हैं कि AMU को लगातार विवादों में बनाए रखने के पीछे राजनीतिक शक्तियां काम कर रही हैं. लगातार ऐसे मुद्दों को उठाया जा रहा है जिससे धार्मिक आधार पर वोटों के ध्रुवीकरण में मदद मिल सके. धीरेन्द्र का मानना है कि AMU के जरिए पूरे देश में एक मैसेज भेजा जा रहा है. धीरेन्द्र मुद्दों की एक लिस्ट भी बताते हैं जिनके आधार पर AMU को टार्गेट किया जा रहा है:1. बीजेपी सांसद सतीश गौतम लगातार ये कह रहे हैं कि अल्पसंख्यक संस्थान होने के चलते AMU में आरक्षण नहीं मिलता और हिंदू दलित भाइयों को इससे नुकसान हो रहा है. राइट विंग संगठन लगातार इस बात को मुद्दा बनाकर प्रदर्शन करते हैं कि सब्सिडी से चलने वाले शिक्षा संस्थान पर धर्म विशेष का कब्ज़ा नहीं होना चाहिए. बता दें कि बीते मंगलवार को ही अल्पसंख्यक संस्थान का दर्जा देने का मसला सुप्रीम कोर्ट ने सात सदस्यीय संविधान पीठ को सौंप दिया है. हालांकि इलाहाबाद हाईकोर्ट के 2006 के फैसले कहा था कि यह यूनिवर्सिटी अल्पसंख्यक संस्थान नहीं हो सकती लेकिन यूनिवर्सिटी प्रशासन ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी हुई है.2. AMU कैंपस में देश का बंटवारा कराने वाले मोहम्मद अली जिन्ना की फोटो लगी है. दरअसल उस हॉल में ऐसे हर व्यक्ति की फोटो है जिन्हें AMU स्टूडेंट यूनियन ने आजीवन सदस्यता दी थी. इस मामले पर AMU प्रशासन और स्टूडेंट यूनियन कई बात सपष्ट कर चुके हैं कि तस्वीर हटवानी है तो केंद्र सरकार प्रोसीजर के तहत काम करे और आदेश दे. जिन्ना बवाल के दौरान भी स्टूडेंट यूनियन ने बयान जारी कर कहा था कि जिन्ना कभी भी AMU स्टूडेंट्स के आदर्श नहीं रहे हमारे आदर्श सर सैयद हैं और रहेंगे. AMU के पीआरओ पीरजादा भी इस बारे में स्पष्ट कहते हैं कि इस देश के पास जब गांधी हैं तो किसी का भी आदर्श जिन्ना कैसे हो सकते हैं.3. राजा महेंद्र प्रताप ने यूनिवर्सिटी को ज़मीन दी थी लेकिन उन्हें सम्मान नहीं मिला. हालांकि ये भी झूठ है क्योंकि AMU की लाइब्रेरी के हॉल में राजा महेंद्रप्रताप की तस्वीर लगी हुई है. बीते साल उनके योगदानों को लेकर एक सिंपोजियम भी आयोजित कराया गया था.4. अभी जारी विवाद के केंद्र में मौजूद छात्र नेता अजय सिंह जनवरी में भी विवादों में आ गए थे जब उन्होंने इजाज़त के बिना AMU कैंपस में तिरंगा यात्रा निकाली थी. इस मामले में यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अजय और उनके साथी छात्रों को नोटिस भेजकर जवाब मांगा था. एएमयू के छात्र नेता सोनवीर ने आरोप लगाया था कि पत्थरबाजों के समर्थन में रैली निकलने पर AMU प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं करता लेकिन देशभक्ति को दबाने का काम कर रहा है. इस मामले में सांसद सतीश गौतम ने केंद्रीय मानव संसाधान मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को पत्र लिखकर AMU प्रशासन से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगने की अपील की थी. सतीश का कहना था कि तिरंगा यात्रा निकालने वाले छात्रों के खिलाफ नोटिस किस आधार पर भेजा गया, क्या भारत के किसी भूभाग में देशभक्ति से जुड़ा कार्यक्रम किया जाना असंवैधानिक है ? इस मामले में आगरा के मेयर नवीन जैन ने कहा था कि एएमयू राष्ट्र विरोधी गतिविधियों का अड्डा है और वहां पर आंतकवाद को बढ़ावा दिया जाता है.5. 8 फरवरी को ही बीजेपी यूथ विंग ने AMU के कुलपति को एक ख़त लिखा था जिसमें कैंपस के अन्दर हिंदू छात्रों के लिए ‘मंदिर’ निर्माण के लिए ज़मीन उपलब्ध कराने की अपील की गई थी. इस मांग के साथ एक चेतावनी भी थी कि 15 दिन में वीसी ने जगह नहीं दी तो संगठन जनता के सहयोग से मंदिर निर्माण करने के लिए मजबूर हो जाएगा. बीजेपी यूथ विंग ने इस मामले में यूनिवर्सिटी प्रशासन को आगामी 24 फरवरी तक का वक़्त भी दिया हुआ है. सांसद सतीश गौतम भी यूनिवर्सिटी में मंदिर की बात कह चुके हैं. #Amu students union cabinet member Nishant bhardwaj speaks regarding today’s controversy.#WeStandWithAMU #DemocraticAMUVsRepublicTv1) pic.twitter.com/17qNUzT94v— Md Tahsin Saba (@tahsin_alig) February 12, 2019मायावती और जिग्नेश आए समर्थन मेंबता दें कि सोशल मीडिया पर इस मामले से जुड़ी कई तरह की वीडियो वायरल हो रही हैं. इनमें से कुछ वीडियो घटना की हैं तो कई वीडियो AMU स्टूडेंट्स ने जारी कि है जिनमें वो छात्रसंघ का पक्ष रखते नज़र आ रहे हैं. बसपा सुप्रीमो मायावती ने AMU छात्रों का खुलकर समर्थन करना शुरू कर दिया है, मायावती ने छात्रों पर देशद्रोह का मुकदमा करने को ‘सरकारी आतंक’ करार दिया है. उधर गुजरात से विधायक जिग्नेश मेवानी ने भी ट्वीट कर कहा है कि संघी मानसिकता के लोग यूनिवर्सिटी का माहौल खराब कर रहे हैं और दादागिरी भी दिखा रहे हैं.
Source: News18 News

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