आप सरकार के ‘चौथे बर्थडे’ की खुश कुछ यूं बदल गई दुःख में, सारी अहम शक्तियां केंद्र के पास

एक तरफ तो दिल्ली सरकार अपने चार पूरे करने का जश्न मनाने की तैयारी में लगी थी, दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट ने ‘दिल्ली बनाम केंद्र’ की शक्तियों पर फैसला सुनाकर केजरीवाल सरकार का दिल तोड़ दिया. सुप्रीम कोर्ट का फैसला गया केंद्र सरकार के पक्ष में, और केंद्र को जांच आयोग नियुक्त करने का अधिकार मिल गया. एंटी करप्शन ब्यूरो और सीनियर अधिकारियों की नियुक्ति का जिम्मा भी राज्यपाल को मिल गया.दिल्ली सरकार बनाम उपराज्यपाल (LG) के मामले में गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने अपना फैसला सुनाया. हालांकि सुप्रीम कोर्ट की दो सदस्यीय पीठ की इस सवाल पर अलग-अलग राय रही कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सेवाओं पर नियंत्रण किसके पास है. राष्ट्रीय राजधानी में सेवाओं के नियंत्रण पर अपना खंडित फैसला कोर्ट ने बड़ी पीठ के पास भेज दिया.केजरीवाल को बड़ा झटका, LG को मिला ACB पर कंट्रोल; तबादलों पर बंटी बेंचदो जजों की बेंच ने एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB), राजस्व, जांच आयोग और लोक अभियोजक (पब्लिक प्रॉसिक्यूटर) की नियुक्ति के मुद्दे पर सहमत हुई. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की इस अधिसूचना को बरकरार रखा कि दिल्ली सरकार का एसीबी भ्रष्टाचार के मामलों में उसके कर्मचारियों की जांच नहीं कर सकता. सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि केंद्र के पास जांच आयोग नियुक्त करने का अधिकार होगा. हालांकि, कोर्ट ने कहा कि दिल्ली सरकार के पास बिजली आयोग या बोर्ड नियुक्त करने या उससे निपटने का अधिकार है.सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उपराज्यपाल के बजाय दिल्ली सरकार के पास पब्लिक प्रॉसिक्यूटर या कानूनी अधिकारियों को नियुक्त करने का अधिकार होगा. भूमि राजस्व की दरें तय करने समेत भूमि राजस्व के मामलों को लेकर अधिकार दिल्ली सरकार के पास होगा.सुप्रीम कोर्ट ने एलजी को भी चेताया और कहा कि उपराज्यपाल को अनावश्यक रूप से फाइलों को रोकने की जरुरत नहीं है और राय को लेकर मतभेद होने के मामले में उसे राष्ट्रपति के पास भेजा जाना चाहिए.सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि एंटी करप्शन ब्यूरो, ग्रेड-1 और ग्रेड-2 अधिकारियों का ट्रांसफर और पोस्टिंग के साथ-साथ जांच आयोग के गठन पर केंद्र सरकार का अधिकार होगा. बिजली विभाग, राजस्व विभाग, ग्रेड-3 और ग्रेड-4 अधिकारियों का ट्रांसफर और पोस्टिंग का अधिकार दिल्ली सरकार के पास रहेगा. इन मामलों में भी अलग राय होने पर एलजी की बात को वरीयता दी जाएगी.Loading… एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स
Source: News18 News

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