राफेल पर रार: जेटली ने राहुल पर कसा तंज, कहा-डूबते राजवंश को बचाने के लिए और कितने झूठ?

India oi-Rahul Kumar |

Published: Tuesday, February 12, 2019, 18:49 [IST]
नई दिल्ली। राफेल को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच मची रार थमने का नाम नहीं ले रही है। केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने एक बार फिर ब्लॉग लिखकर कांग्रेस पर हमला बोला है। जेटली ने अपने ब्लॉग में लिखा कि आखिर एक डूबते राजवंश को बचाने के लिए कितने झूठ बोलने पड़ेंगे? दरअसल राफेल सौदे को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक ईमेल का हवाला देते हुए पीएम मोदी पर निशाना साधा था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस डील में पीएम ने ‘एक उद्योगपति के बिचौलिये की भूमिका निभाई थी। राहुल के इन आरोपों के बाद केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने पलटवार किया है। डूबते राजवंश को बचाने के लिए और कितने झूठ अरुण जेटली ने फेसबुक पर पोस्ट लिखते हुए कहा कि, दुनिया भर के ज्यादातर लोकतंत्रों में जो लोग झूठ के सहारे आगे बढ़ने की कोशिश करते हैं, अंतत: वे खुद सामाजिक जीवन से गायब हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि इसमें कोई दो राय नहीं हैं कि हमारे बदलते सामाजिक-आर्थिक परिवेश में भारत में भी ऐसा ही करेगा। आधुनिक दुनिया में जितने भी राजनीतिक वंश हैं, उनकी कुछ सीमाएं हैं। आकांक्षी समाज अब इस तरह की व्यवस्था को पसंद नहीं करता है। आज लोग जवाबदेही और परफॉर्मेंस पर भरोसा रखते हैं। भारत की सबसे पुरानी पार्टी एक वंश के चंगुल में फंस गई है अरुण जेटली ने कहा कि, दुख की बात है कि भारत की सबसे पुरानी पार्टी एक वंश के चंगुल में फंस गई है। इसके नेताओं में इतनी भी हिम्मत नहीं है कि वे इस वंश को सही-गलत के बारे में बता सके। इस परंपरा की शुरुआत 1970 में हुई थी। नेताओं की ‘नौकर’ वाली मानसिकता ने उन्हें इस बात के लिए राजी कर लिया कि उन्हें सिर्फ एक ही परिवार के गुण गाने हैं। जब यह वंश झूठ बोलता है तो बाकी नेता भी उनके साथ वैसा ही करने लगते हैं। रक्षा मंत्रालय ने अमेरिका से 72000 असॉल्ट राइफलों की खरीद को दिखाई हरी झंडी राफेल से संबंधित कोई भी फाइल उस सयम उनके पास नहीं पहुंची थी जेटली ने कहा कि, ताजा झूठ राफेल संबंध में संसद में पेश की गई सीएजी रिपोर्ट को लेकर फैलाया जा रहा है। वर्तमान सीएजी 2014-15 आर्थिक मामलों के सचिव थे। उस समय सबसे सीनियर अधिकारी होने के नाते वह वित्त सचिव भी थे। उन्होंने कहा कि राफेल से संबंधित कोई भी फाइल उस सयम उनके पास नहीं पहुंची थी। कुछ वंशवादी लोग और उनके साथियों ने सीएजी पर हमला बोलने से पहले सुप्रीम कोर्ट पर भी टिप्पणी की थी। जिग्नेश मेवाणी को चीफ गेस्ट बनाया तो वार्षिकोत्सव हुआ रद्द, नाराज प्रिंसिपल ने दिया इस्तीफा

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Source: OneIndia Hindi

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