सावधान! कहीं आपके ATM का तो नहीं है जुड़वा कार्ड

देश में तेजी से बैंक के एटीएम कार्ड से जुड़ी फ्रॉड की खबरें लगातार आ रही है. धोखेबाज आजकल एटीएम कार्ड क्लोनिंग (जुड़वा) के जरिए लोगों को धोखा  देकर बैंक खाते खाली कर रहे हैं. एक्सपर्ट्स कहते हैं कि जालसाज़ किसी की भी एटीएम कार्ड के डेटा को चुराकर वैसा ही एक डुप्लीकेट कार्ड तैयार करते हैं और इसके जरिए बैंक खाते से पैसे निकाल लेते हैं. लेकिन कुछ बातों का ध्यान रखा जाए तो जालसाजों से बचा जा सकता है. आइए जानें पूरा मामला…इन जगहों पर हो सकता हैं आपके साथ धोखा- जालसाज डेबिट और क्रेडिट कार्ड का डाटा चुराने के लिए कई तरह के तरीके अपनाते  हैं. आपके कार्ड का डाटा चुराकर आपके कार्ड से कैसे शॉपिंग की जाती है. एक्सपर्ट्स बताते हैं कि होटल, पेट्रोल पंप, मेडिकल जैसे कई जगहों पर आपके साथ धोखा हो सकता है. स्किमिंग, क्लोनिंग, फिशिंग से कैसे आपके डाटा की चोरी होती है. (ये भी पढ़ें- SBI अकाउंट से करते हैं ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर, तो जान लें ये 4 काम की बातें)कैसे होती है कार्ड की क्लोनिंग- एक्सपर्ट्स बताते हैं कि कई तरह की कार्ड स्किमर डिवाइस होती हैं जिनके अंदर क्रेडिट-डेबिट कार्ड स्वाइप करने पर उस कार्ड की सारी जानकारी आपके कंप्यूटर या लैपटॉप में आ जाती है. इसके बाद एक खाली कार्ड लिया जाता है और एडवांस्ड तरह के प्रिंटर के जरिए क्लोन किए गए कार्ड की सारी जानकारी उस कार्ड के ऊपर प्रिंट कर दी जाती है. कई बार तो हूबहू ओरिजनल कार्ड के जैसा डुप्लीकेट या क्लोन्ड क्रेडिट-डेबिट कार्ड तैयार कर लिया जाता है.इन तीन तरीकों से भी आपको मिलता हैं धोखा(1) फिशिंग में साइबर क्रिमिनल, कार्ड धारक के बैंक की ईमेल आईडी से मिलती-जुलती एक फर्जी ई-मेल आईडी तैयार करते हैं. उस फर्जी ई-मेल आईडी को कस्टमर को भेजकर सीक्रेट डेटा मंगाते हैं.(2) क्रेडिट कार्ड क्लोनिंग के जरिए डुप्लिकेट कार्ड बनाकर लोगों को शिकार बनाते हैं. दरअसल, क्रेडिट कार्ड को मशीन से स्वाइप करने के दौरान ही कार्ड की मैगनेटिक स्ट्रिप पर दर्ज सारे डेटा को चुरा लिया जाता है. इसके बाद डुप्लिकेट कार्ड तैयार कर जालसाज शॉपिंग कर लेते हैं.(3) बैंक की तरह मिलती-जुलती वेबसाइट की मदद से कार्ड की डिटेल लेकर भी कस्टमर को जालसाज अपना शिकार बनाते हैं. जैसे ही आप बैंक की साइट खोलते हैं, उसी लिंक से फर्जी साइट भी खुल जाती है. इस वेबसाइट में आप जैसे ही अपने कार्ड का नंबर व पासवर्ड एंटर करेंगे उसकी जानकारी जालसाजों के पास पहुंच जाती है.सावधानी ही बचाव>> एटीएम से रकम निकालने से पहले जांच लें कि कोई स्कीमर तो नहीं है.>> स्वैपिंग पॉइंट के अगल-बगल हाथ लगाकर देखें. कोई वस्तु नजर आए तो सावधान हो जाएं. स्कीमर की डिजाइन ऐसी होती है कि वह मशीन का पार्ट लगे.>> कीपैड का एक कोना दबाएं, अगर पैड स्कीमर होगा तो एक सिरा उठ जाएगा.>> मौजूदा समय में जरूरी है कि डेबिट कार्ड का पिन बदल दें. इससे जालसाजों के जाल में फंसने से बच सकते हैं.>> अपना कार्ड कहीं दूर न ले जाने दें.>> सामने खड़े हो कर कार्ड पेमेंट करें.>> होटल, पंप, मेडिकल, दुकान पर इस बात की सावधानी रखें.>> फोन पर अपना पासवर्ड किसी को न बताएं.>> लालच देने वाले फर्जी मेल से सावधान रहें.Make your banking safe with #PNBPathshala. pic.twitter.com/EhfIccadSu— Punjab National Bank (@pnbindia) November 12, 2018
Source: News18 News

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